पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के दूसरे नंबर के सबसे वरिष्ठ नेता नेता मुरली मनोहर जोशी ने गुरुवार को आंदोलनकारी छात्रों के समर्थन में आ गए। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ हो रहे बर्ताव पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को लेकर छात्रों की शिकायतें 'असली' हैं और इसे लॉ-एंड-ऑर्डर का मामला नहीं बनाना चाहिए।
मुरली मनोहर जोशी के इस बयान के बाद बीजेपी असमंजस की स्थिति में आ सकती है क्योंकि एक तरह जहां बीजेपी इस प्रदर्शन से अपना पीछा छुड़ाने की बात कर रही है तो दूसरी तरफ जोशी ने छात्रों के समर्थन में ट्वीट कर दिया है।
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छात्रों को सड़कों पर डेरा डाले देखना दर्दनाक
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से छात्रों को कई दिनों तक दिल्ली की सड़कों पर डेरा डाले देखना दर्दनाक है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे छात्रों की चिंताओं को हमदर्दी के साथ देखें और एक पक्का हल निकालने की कोशिश करें।
छात्रों की चिंताएं और सरोकार वास्तविक
उन्होंने लिखा, "यह देखना अत्यन्त पीड़ादायक है कि देश के विभिन्न भागों से आए युवा छात्र कई दिनों से नई दिल्ली की सड़कों पर एकत्रित हैं। उनकी चिंताएं और सरोकार वास्तविक हैं। इन्हें सहानुभूति तथा दूरगामी समाधान की दृष्टि से हल किया जाना चाहिए।'
विकसित भारत का लक्ष्य दूर चला जाएगा
जोशी ने आगे लिखा, 'मुझे पूरी आशा है कि इसे केवल कानूनी और व्यवस्था की समस्या के रूप में नहीं देखा जाएगा जिससे बलपूर्वक निपटा जाए। मुझे यह देखकर अत्यन्त पीड़ा हुई है कि महिलाओं और युवतियों पर निर्मम बल प्रयोग किया गया। ऐसे बल के उपयोग से भारतीय समाज का बड़ा हिस्सा विकसित भारत के लक्ष्य से बहुत दूर चला जाएगा।'
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सरकार ने क्या कहा?
इस बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को कहा कि केंद्र सरकार ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों से बातचीत के ऑफर दिया। उन्होंने युवाओं के आंदोलन के साथ बातचीत के ऑफर देते हुए कहा कि सरकार इज्जत को समाधान के रास्ते में रुकावट नहीं बनने दे रही है।
जितेंद्र सिंह ने कहा, 'सरकार ने पिछली दोपहर से चार बार उनके प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के लिए औपचारिक प्रस्ताव भेजे हैं। यह हमारे सभी युवा दोस्तों के लिए एक पक्का न्योता है कि सरकार आपकी सुविधा के हिसाब से किसी भी समय सभी मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार है।'
