डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने पाकिस्तान से भारत लाया जा रहा 7,311 मीट्रिक टन हिमालयन रॉक सॉल्ट (सेंधा नमक) का पता लगाया है। इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार भी किया है। इसकी बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 30 करोड़ रुपये है। जांच में सामने आया कि मार्च 2026 से नौ आयातकों ने श्रीलंका के रास्ते भारत के मुद्रा और कांडला बंदरगाहों पर 295 कंटेनर मंगाए थे। इनमें से 140 मीट्रिक टन नमक जब्त किया गया है।
जांच में UAE की कंपनियों के नाम पर बने 'सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन' व इनवॉइस फर्जी निकले। सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन की बात करें तो इससे यह पता चलता है कि सामान किस देश का है, कहां बना है, यानी यह एक तरह का सरकारी कागज है।
इस मामले में सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत 4 लोगों को गिरफ्तारी हुई है। इनमें आयातक फर्मों के दो मालिक या साझेदार, कस्टम ब्रोकर का एक G-Card धारक और दुबई स्थित आपूर्तिकर्ता का मालिक शामिल है। यह कार्रवाई राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने की है, जो भारत की शीर्ष तस्करी-विरोधी खुफिया एजेंसी है। यह एजेंसी ड्रग्स, सोना, विदेशी मुद्रा व नकली नोट जैसी तस्करी रोककर देश की आर्थिक सुरक्षा करती है।
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हिमालयन रॉक सॉल्ट, कहां से आता है?
हिमालयन रॉक सॉल्ट यानी सेंधा नमक एक प्राकृतिक खनिज है, जिसे समुद्री नमक की तरह समुद्र से नहीं बल्कि चट्टानों यानी खनिज खदानों से निकाला जाता है। भारत में इसका इस्तेमाल खासतौर से खासतौर पर व्रत (उपवास) में होता है, इसे शुद्ध माना जाता है। सीधे तौर पर कहें तो यह समुद्री नमक की तरह पानी सुखाकर नहीं बनता और आम तौर पर कम प्रोसेस किया हुआ होता है। इसे लाहौरी नमक या हिमालयन पिंक सॉल्ट भी कहते हैं।
इसक नमक का रंग सफेद से लेकर हल्का गुलाबी या नीला भी हो सकता है। इसमें सोडियम क्लोराइड के अलावा कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम जैसे खनिज भी पाए जाते हैं। खास बात यह है कि सेंधा नमक हिमालय क्षेत्र से मिलता है। यही वजह है कि इसे हिमालयन पिंक सॉल्ट भी कहा जाता है। भारत में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में भी सेंधा नमक की खदानें हैं। हालांकि, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित खेवड़ा सॉल्ट माइन सेंधा नमक का बड़ा स्रोत है।
भारत में पाकिस्तान से क्यों आ रहा था नमक, क्यों हुआ जब्त?
भारत में रॉक सॉल्ट का उत्पादन मांग के मुकाबले सीमित है। पहले सेंधा नमक जरूरत के हिसाब से सबसे ज्यादा पाकिस्तान से आता था लेकिन अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान से सामान मंगाने और वहां सामान भेजने पर पूरी तरह रोक लगा दी थी। यह रोक सीधे या किसी दूसरे देश के रास्ते होने वाले आयात और सामान की आवाजाही पर भी लागू थी। जब्त किया गया श्रीलंका के कोलंबो बंदरगाह के रास्ते भारत लाया गया था।
अब भारत संयुक्त अरब अमीरात (UAE), मलेशिया, जर्मनी, ईरान, अफ़ग़ानिस्तान, तुर्की और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से सेंधा नमक आयात कर रहा है। इसके अलावा भारत के कुछ हिस्सों (जैसे हिमाचल प्रदेश और देश के अन्य क्षेत्रों) में भी सीमित मात्रा में खनिज नमक पाया जाता है।
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कैसे पकड़ा गया?
DRI को पुख्ता खुफिया जानकारी मिली थी कि पाकिस्तान से आने वाले सामान पर लगे प्रतिबंध के बावजूद सेंधा नमक भारत लाया जा रहा है। इसके बाद DRI ने 26 सितंबर से 11 अक्टूबर 2026 के बीच विशेष अभियान चलाया और कई जगहों पर तलाशी ली। इसके तहत गांधीधाम, आदिपुर, वेरावल, पानीपत, पुणे, पटियाला, दिल्ली और मुंबई में संबंधित ठिकानों पर तलाशी ली। जांच में मुंद्रा और कांडला बंदरगाहों के जरिए नमक आयात किए जाने का पता चला।
नमक की खेपें श्रीलंका के कोलंबो बंदरगाह के रास्ते भारत लाई गई थीं। इनके साथ UAE की कंपनियों के नाम पर जारी किए गए उत्पत्ति प्रमाण पत्र (Certificate of Origin) और इनवॉइस फर्जी पाए गए। जांच में पाया गया कि पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच शिपमेंट के बिल ऑफ लैडिंग और श्रीलंका के कस्टम दस्तावेजों में सामान का मूल देश पाकिस्तान और अंतिम गंतव्य भारत दर्ज था। तस्करों ने ऐसे दस्तावेज जमा किए, जिसमें यह छिपाया गया की सामान पाकिस्तान का है।
