युट्यूबर ध्रुव राठी इस समय मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए चर्चा में बने हुए हैं। बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में उन्होंने जनता को संबोधित भी किया था। दिल्ली में प्रदर्शन से पहले ही उन्हें पुलिस ने डिटेन कर लिया था। ध्रुव के मुताबिक, पुलिस ने लगभग 20 घंटे के बाद छोड़ा था। डिटेंशन से रिहा होने के बाद उन्होंने एक प्रेस कॉफ्रेंस की और बताया कि वह कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से नहीं जुड़े हुए हैं। वह व्यक्तिगत तौर पर प्रदर्शन में भाग लेने के लिए भारत आए हैं।

 

प्रेस कॉफ्रेंस के दौरान एक पत्रकार ने ध्रुव राठी से पूछा कि प्रोटेस्ट को लेकर सीजेपी की तरफ से कोई आगे का कोई प्लान है। इसका जवाब देते हुए ध्रुव राठी ने कहा, 'अभी तक तो ऐसा कुछ नहीं है। आपको उनसे ही पूछना पड़ेगा। क्योंकि मैं यहां व्यक्तिगत तौर पर प्रर्दशन में शामिल होने आया हूं। ऐसा नहीं है कि मैं सीजेपी का साझेदार हूं। मैं यहां व्यक्तिगत हैसियत पर आया हूं। देश में जैसे लाखों लोग प्रोटेस्ट कर रहे हैं उन्ही की तरह प्रोटेस्ट करने आया हूं।' 

 

यह भी पढ़ें: Live: 'आज नहीं आए तो सावरकर कहलाओगे', मार्च से पहले यूथ कांग्रेस ने दिया चैलेंज

क्या-क्या बोले ध्रुव राठी?

प्रेस कॉफ्रेंस को दौरान ध्रुव राठी ने विवाद खत्म करने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त चुनने का एक तरीका बताया। उन्होंने कहा, 'मान लो अगर कहीं हिंसा हो जाए, तो उससे क्या होगा। ज्यादा से ज्यादा मान लो हिंसा होने पर ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा दे दिया लेकिन इससे चीजें नहीं बदलने वाली हैं। चीजें तभी बदलेंगी, जब अगला मुख्य चुनाव आयुक्त ऐसे चुना जाए कि वह निष्पक्ष हो। इसके लिए मेरे पास सिंपल आइडिया है। मुझे लगता है कि नेता प्रतिपक्ष और प्रधानमंत्री को अपना एक नॉमिनी चुनना चाहिए। ये दोनों नॉमिनी ऐसे इंसान को चुने जिससे दोनों सहमत हों। अगर यह प्रक्रिया अपनाई जाए तो अगला CEC जो भी आएगा वह एकदम निष्पक्ष होगा क्योंकि वह एक पक्ष का नहीं होगा।'

 

यह भी पढ़ें: 'सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं आया', CJP के प्रदर्शन में बोले यूट्यूबर ध्रुव राठी

कौन हैं ध्रुव राठी? 

ध्रुव राठी एक युट्यूबर हैं। उनके यूट्यूब पर 33.1 मिलियन सब्सक्राइबर हैं। वह मोदी सरकार के नीतियों के प्रखर आलोचक माने जाते हैं। वह हरियाणा के रोहतक के रहने वाले हैं। हालांकि वह बर्लिन, जर्मनी में रहते हैं।