दिल्ली में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के हल्ला बोल का दूसरा दिन है। विपक्षी नेता राहुल गांधी के घर एकजुट दिखे हैं। राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव कहा है कि जो लोग लोकतंत्र को कुचल रहे हैं, विपक्ष की आवाज दबा रहे हैं, उन्हें इस्तीफा देना होगा।
शिवसेना (यूबीटी) ने कहा कि ज्ञानेश कुमार मााफिया हैं, उनसे कैसे निपटना है, यह हमें पता है। उन्होंने ने कहा है कि 10-12 साल से हमें दबाकर रखा गया था, अब उन्हें दबाकर रखेंगे। ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया की अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा है कि लोगों की वैध मांगों को माना नहीं जा रहा है।
नेहा बोरा ने कहा, 'हमें गद्दार कहा जा रहा है, देशद्रोही कहा जा रहा है, चुनाव को प्रभावित किया जा रहा है, ज्ञानेश कुमार सरकार के खिलाफ काम कर रहे हैं, विपक्ष चिल्ला-चिल्लाकर कह रहा है लेकिन बात नहीं सुनी जा रही है। सभी विपक्षी नेता एकजुट हों।'
सुप्रिया सुले, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरद पवार):-
INDIA गठबंधन एकसाथ है। संविधान की हत्या हुई है और आज हमारा संविधान खतरे में है। आज हमारी लड़ाई जारी रहेगी। हम आंदोलन करते रहेंगे। हम प्रत्येक भारतीय को उसका अधिकार देकर रहेंगे।
हमारा एक मकसद है, लोकतंत्र की बहाली: राहुल गांधी
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, 'हम सब यहां एक साथ खड़े हैं। जैसा कि मैंने कल कहा था, यह एक ही विरोध है जिसका एकमात्र मकसद है भारत में लोकतंत्र की बहाली। इस देश में लोकतंत्र को खत्म कर दिया गया है। हम लोकतंत्र के लिए लड़ रहे हैं। सरकार ने तय किया है कि अब जंतर-मंतर का इस्तेमाल हमारी मांग रखने के लिए नहीं किया जा सकता। हम भारत के उन लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहते हैं जो हमारे साथ खड़े रहे।'
संवैधानिक संस्थाओं को हाइजैक करने की हो रही है कोशिश: तेजस्वी यादव
RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा,'प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर ज्ञानेश कुमार ने लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया है। हम सभी लोकतंत्र को बचाने के लिए एकजुट हैं। इसके लिए जो कुर्बानी देनी होगी हम सभी देंगे। यह गांधी जी, लोहिया जी, भगत सिंह का देश है। ये लोग इस देश की संवैधानिक संस्थाओं को हाईजैक करने का प्रयास कर रहे हैं। ये डरे हुए लोग हैं। हम सभी लोग आगे इस लड़ाई को जारी रखेंगे।'
ममता बनर्जी की TMC ने क्या कहा?
तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष ने कहा, 'जब तक ज्ञानेश कुमार चुनाव आयोग के प्रमुख बने रहेंगे, तब तक भारत में निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकते। ज्ञानेश कुमार को हटाया जाना चाहिए और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए। SIR प्रक्रिया को रोका जाए। इस वोट चोरी में शामिल सभी अधिकारियों की जांच होनी चाहिए और उन सभी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए।'
