नागपुर में कांग्रेस नेता अतुल लोंढे ने आरोप लगाया है कि महाराष्ट्र के किसान सूखे की मार झेल रहे हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चह्वाण और मुंबई के विधायक भव्य गरबा कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। कांग्रेस के मुताबिक, संकट में घिरे किसानों के बीच इस तरह जश्न मनाना उनके साथ एक भद्दा मजाक है। बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस जानबूझकर हिंदू त्योहारों पर सवाल उठा रही है। पार्टी का कहना है कि त्योहार मनाने को सूखे से जोड़ना गलत है, और राज्य सरकार सूखे से निपटने के लिए जरूरी कदम उठा रही है।

अतुल लोंढे ने आरोप लगाया कि मुंबई क्षेत्र से BJP के मंत्री और अन्य विधायक ऐसे आयोजनों पर लगभग 80 करोड़ से 100 करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चव्हाण ने डोंबिवली में नमो रामो रमझट 2026 नाम से भव्य नवरात्र कार्यक्रम आयोजित किया है। उनके मुताबिक, इस पर रोजाना करीब 1.5 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।

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'गरबा पर फूंके जा रहे हैं करोड़, किसान बेहाल'

समाचार एजेंसी भाषा की एक रिपोर्ट के मुताबिक अतुल लोंढे ने बताया कि डोंबिवली के संत सावलाराम महाराज क्रीड़ा संकुल में वातानुकूलित (AC) पंडाल बनाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर दिन भव्य रोशनी और साउंड सिस्टम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि इस कार्यक्रम पर कुल 18 करोड़ से 20 करोड़ रुपये का खर्च हो रहा है।

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि केवल चव्हाण ही नहीं, मंत्री आशीष शेलार और मुंबई क्षेत्र के अन्य BJP विधायक भी ऐसे आयोजनों पर पैसा खर्च कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सूखा प्रभावित किसानों को सरकार से सिर्फ 5,000 रुपये की मामूली मदद मिल रही है, जबकि BJP नेता गरबा पर करोड़ों रुपये लुटा रहे हैं। उन्होंने BJP नेताओं पर मुख्यमंत्री की त्योहार सादगी से मनाने की अपील को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वे किसानों के घावों पर नमक छिड़क रहे हैं।

 

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भारतीय जनता पार्टी ने क्या कहा है?

BJP प्रवक्ता शिवराय कुलकर्णी ने कहा कि त्योहारों के आयोजनों को सूखे की समस्या से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सूखे से निपट रही है और कई लोग निजी स्तर पर भी जरूरतमंदों को राहत दे रहे हैं। शिवराय कुलकर्णी ने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ जगहों पर त्योहार मनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा हिंदू त्योहारों के विरोध में क्यों नजर आती है। उन्होंने पूछा कि क्या वह कभी किसी दूसरे धर्म के त्योहार के आयोजन की आलोचना करेगी।