कांग्रेस नेता राहुल गांधी, असमिया गमछे 'गमोसा' को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के निशाने पर हैं। बीजेपी ने दावा किया है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से आयोजित स्वागत समारोह में सभी मेहमानों को दिया गया असमिया 'गमोसा' पहनने से राहुल गांधी ने इनकार किया है। बीजेपी का कहना है कि यह असम की जनभावना का अपमान है। बीजेपी अब इसे राजनीतिक मुद्दा बना रही है। बीजेपी ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 'गमोसा' नहीं पहन कर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रति भी अनादर दिखाया। कांग्रेस ने यह कहकर पलटवार किया है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी 'पटका' नहीं पहना था।


असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा है कि राहुल गांधी को पांरपरिक गमछा न पहनने की वजह से माफी मांगनी चाहिए। उनका कहना है कि यह पूर्वोत्तर के लोगों का अपमान है। उन्होंने दावा किया कि समय बदल सकता है, लेकिन कांग्रेस पार्टी के असली सुप्रीम लीडर, राहुल गांधी का रवैया नहीं बता है। उन्होने कहा है कि राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से आयोजित समारोह में गमछा न पहनकर पूर्वोत्तर का अपमान कर दिया।

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CM हिमंत बिस्व सरमा:-
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से लेकर विदेशी मेहमानों तक, सभी ने सम्मान और गर्व के साथ पटका पहना। अकेले राहुल गांधी अलग खड़े थे, जिन्होंने नहीं पहना। यह उनकी पूर्वोत्तर के प्रति उपेक्षा भावना दिखा रही है। ऐसा व्यवहार बताता है कि उनकी पार्टी ने इस क्षेत्र और देश के बड़े हिस्से का भरोसा क्यों खो दिया है। फिर भी, यह बार-बार होने वाली असंवेदनशीलता जारी है। राहुल गांधी को इस अपमान के लिए नॉर्थ ईस्ट के लोगों से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। इस क्षेत्र के लोग सम्मान के हकदार हैं।

कांग्रेस क्यों सबके निशाने पर आई?

कुछ पत्रकारों की ओर से दावा किया गया कि राहुल गांधी को छोड़कर सभी मेहमानों ने कार्यक्रम में उन्हें भेंट किया गया गमोसा पहना था। मीडिया की इन खबरों का हवाला देते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सबसे पहले ध्यान दिया। उन्होंने X पर लिखा, 'शर्मनाक। राहुल गांधी ने पूर्वोत्तर का अपमान किया और माननीय राष्ट्रपति का भी अनादर किया।'

 

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अमित मालवीय ने लिखा, 'राष्ट्रपति भवन में हुए एट-होम रिसेप्शन में, सबने गर्व से नॉर्थ-ईस्ट का जश्न मनाया। प्रधानमंत्री से लेकर यूरोपियन यूनियन के नेताओं और विदेशी राजदूतों तक, सभी मेहमानों ने सम्मान और समावेश के प्रतीक के तौर पर पारंपरिक गमछा पहना। राहुल गांधी ने इसे नहीं पहना। राष्ट्रपति ने उन्हें दो बारयाद दिलाया। भारत की विविधता के लिए सम्मान चुनिंदा नहीं होता। यह एक चुनाव है।'

राहुल गांधी बिना गमछे के और मल्लिकार्जुन खड़गे गमछा पहने नजर आ रहे हैं। Photo Credit: PTI

 

कांग्रेस ने क्या कहा?

कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने रक्षा मंत्री राहुल गांधी की तस्वीर पोस्ट की। उन्होंने राजनाथ सिंह की तस्वीर पोस्ट की और असम के मुख्यमंत्री हिमंत से पूछा कि क्या वह राजनाथ सिंह को गमछा न पहनने के लिए कोसेंगे, माफी मंगवाएंगे। उन्होंने लिखा हिमंत विश्व शर्मा क्या आप राजनाथ सिंह से भी माफी मांगने के लिए कहेंगे? या सत्ता विरोधी लहर से निपटने की आपकी पूरी रणनीति ऐसे बेतुके मुद्दों को उठाना है?' कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भी इस मुद्दे पर बीजेपी को घेरा और असम के मुख्यमंत्री से पूछा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्वोत्तर का गमछा क्यों नहीं पहना।

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बीजेपी का जवाब क्या है?

शहजाद पूनावाला:-
राहुल गांधी को लगता है कि वह भारत के मालिक हैं? वैसे, वह महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में क्यों नहीं आते? उपराष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में वह कहां थे? प्रधान न्यायाधीश के शपथ ग्रहण समारोह में? स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में?

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कांग्रेस ने लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के अपमान का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने कहा है कि कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस पर आयोजित समारोह के दौरान उन्हें तीसरी पंक्ति में बैठाया गया। कांग्रेस के कई नेताओं ने समारोह के दौरान, अपने नेताओं को पीछे की पंक्तियों में बैठाए जाने की तस्वीरें साझा की हैं। इसे वे प्रोटोकॉल का उल्लंघन बता रहे हैं। इसपर पलटवार करते हुए शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वे गांधी परिवार के 'अधिकार और अहंकार' के साथ-साथ 'परिवार और पद' को जनता से ऊपर रख रहे हैं। वे संविधान तंत्र से ऊपर परिवार तंत्र को मानते हैं।