भारतीय महिला क्रिकेटर एस मेघना ने महज 30 साल की उम्र में सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। मेघना ने शुक्रवार (23 अक्टूबर) को सोशल मीडिया पोस्ट कर अपने रिटायरमेंट की जानकारी दी। वह 4 साल से टीम इंडिया से बाहर चल रही थीं। उन्होंने भारत के लिए आखिरी मैच अक्टूबर 2022 में खेला था। मेघना को अब विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) में भी मौका मिलना बंद हो गया था। वह WPL में पिछली बार 2025 सीजन में ऐक्शन में दिखी थीं।
भारत के लिए खेले 20 मैच
आंध्र प्रदेश से आने वाली मेघना ने नवंबर 2016 में विजयवाड़ा में वेस्टइंडीज के खिलाफ T20I मैच से अपने इंटरनेशनल करियर की शुरुआत की थी। अपने डेब्यू मैच में उन्होंने 16 गेंद में 17 रन बनाए थे। टीम इंडिया यह मैच 31 रन से हार गई थी। उन्होंने 2016 के अंत तक टीम इंडिया के लिए 5 और टी20 मुकाबले खेले लेकिन प्रदर्शन अच्छा नहीं रहने पर उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इसके 3 साल बाद श्रीलंका दौरे के लिए उनकी वापसी हुई।
मेघना को फरवरी 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे डेब्यू का भी मौका मिल गया। उन्होंने अपने पहले वनडे मैच में 14 गेंद में सिर्फ 4 रन बनाए। सीरीज के अगले दो मैचों में उन्होंने अच्छी फॉर्म दिखाई और 50 गेंद में 49 रन और फिर 41 गेंद में 61 रन की पारियां खेलीं। हालांकि इसके बाद उन्हें भारत के लिए दोबारा वनडे खेलने का मौका नहीं मिला। मेघना ने टीम इंडिया के लिए 3 वनडे और 17 टी20 यानी कुल 20 मैच खेले। वनडे में उन्होंने 38 की औसत और 108.57 के स्ट्राइक रेट से 114 रन बनाए। वहीं टी20I में इस दाएं हाथ की बल्लेबाज ने 18.42 की औसत और 102.78 के स्ट्राइक रेट से 258 रन बटोरे।
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खेल का मैदान दूसरे घर जैसा - मेघना
मेघना अपने संन्यास की घोषणा करते हुए लिखा, 'एक खिलाड़ी के तौर पर क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा करते हुए मेरा दिल कृतज्ञता से भरा हुआ है। मैदान मेरा दूसरा घर रहा है। इस खेल ने मुझे मुश्किलों का सामना करना, विनम्र रहना सिखाया और मुझे ऐसी यादें दीं, जिन्हें मैं जीवन भर अपने साथ रखूंगी।'
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उन्होंने आगे लिखा, 'भले ही एक खिलाड़ी के तौर पर मेरा क्रिकेट का सफर अब समाप्त हो रहा है लेकिन क्रिकेट से मेरा रिश्ता कभी नहीं टूटेगा। मैं हमेशा इस खेल से गहराई से जुड़ी रहूंगी। मेरा इरादा अपना जीवन इस खेल को कुछ लौटाने, अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देने और उस खेल की सेवा करने में समर्पित करने का है, जिसने मुझे सब कुछ दिया है।'
