भारत के जसकरण सिंह और चंदरमोहन लास वेगास में चल रही अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में अपने-अपने भार वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले हार गए हैं। अब ये दोनों पहलवान ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में उतरेंगे। वहीं रोहित और शिवम रेपेचेज के जरिए मेडल की रेस में बने हुए हैं।
जसकरण ने 65 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में प्रतिस्पर्धा करते हुए तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर लगातार दो जीत दर्ज की। इसके बाद उन्होंने क्वार्टर-फाइनल में अमेरिका के पहलवान बोवेन विलियम बैसेट को 6-3 से हराया। हालांकि सेमीफाइनल में जसकरण को जापान के कैजी ओगिनो के खिलाफ तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हार का सामना करना पड़ा, जिससे उनकी फाइनल में पहुंचने की उम्मीदें समाप्त हो गईं।
चंदरमोहन ने भी 79 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल तक शानदार प्रदर्शन करने के बाद ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में जगह बनाई। उन्होंने शुरुआती मुकाबले में जॉर्जिया के जॉर्जी गोग्रिचियानी को 14-4 से हराया, जबकि अगले मुकाबले में ब्राजील के काइडिन लुक कोरिया लीमा को 14-0 से शिकस्त दी। इसके बाद उन्होंने अमेरिका के जोसेफ ली सीली को 11-0 से हराकर तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर एक और जीत दर्ज की। हालांकि चंदरमोहन फाइनल में जगह बनाने से चूक गए। उन्हें सेमीफाइनल में ईरान के मेहदी मोहम्मद यूसुफिहाजिवार के खिलाफ 3-4 से करीबी हार का सामना करना पड़ा।
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रोहित-शिवम की उम्मीदें जिंदा, सुमित बाहर
रोहित ने 57 किग्रा वर्ग में अपने अभियान की शुरुआत जमैका के इरी अलेक्जेंडर जैक्सन के खिलाफ तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर जीत के साथ की। उन्हें प्री क्वार्टर-फाइनल में उन्हें तुर्किये के बेकीर केसेर के खिलाफ 6-10 से हार झेलनी पड़ी। केसेर के फाइनल में पहुंचने से रोहित ने रेपेचेज के जरिए मेडल की उम्मीदें बरकरार रखीं। उनका अगला मुकाबला मोल्दोवा के इयोन बुलगारू से होगा।
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शिवम भी 97 किग्रा वर्ग में रेपेचेज के जरिए मेडल की रेस में बने हुए हैं। हालांकि 70 किग्रा वर्ग में सुमित भारस्कर का अभियान समाप्त हो गया। वह मेडल की रेस में बने रहने में नाकाम रहे।
