9 माह तक कठिन प्रशिक्षण, शारीरिक क्षमता की कसौटी और अनुशासन के अभ्यास के बाद राजस्थान सशस्त्र पुलिस बल के 472 नए कांस्टेबल अब अपनी जिम्मेदारियां संभालने के लिए तैयार हैं। शुक्रवार को कुल्लू के शमशी स्थित सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित दीक्षांत परेड में जवानों ने न केवल अनुशासन और एकरूपता का परिचय दिया, बल्कि योग, जूडो, निःशस्त्र युद्धकला, हथियार संचालन और दंगा नियंत्रण जैसे अभ्यासों के जरिए अपनी प्रशिक्षण दक्षता भी प्रदर्शित की।
समारोह में राजस्थान पुलिस के प्रशिक्षण निदेशालय के अतिरिक्त महानिदेशक एच.जी.आर. सुहास मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले सभी 472 नव आरक्षियों को कर्तव्यनिष्ठा एवं सेवा की शपथ दिलाई। जवानों के शानदार मार्च पास्ट और बैंड की प्रस्तुति ने समारोह को आकर्षक बना दिया।
नौकरी नहीं, समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी
मुख्य अतिथि एच.जी.आर. सुहास ने नव आरक्षियों को प्रशिक्षण पूरा करने पर बधाई देते हुए कहा कि पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने जवानों से सेवाकाल के दौरान अनुशासन, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और संवेदनशीलता को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान और कौशल की वास्तविक परीक्षा कार्यक्षेत्र में होगी।
पुलिसकर्मियों को कई बार कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में धैर्य, साहस और विवेक के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना आवश्यक है। जवानों को कानून के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए प्रत्येक परिस्थिति में जिम्मेदारी से काम करना चाहिए।
दंगा नियंत्रण से लेकर जूडो तक दिखाए हुनर
दीक्षांत समारोह में नव आरक्षियों ने प्रशिक्षण के दौरान सीखे विभिन्न कौशलों का प्रदर्शन किया। इसमें योग, शारीरिक प्रशिक्षण, दंगा नियंत्रण अभ्यास, मैदानी नियंत्रण अभ्यास, निःशस्त्र युद्धकला, जूडो तथा हथियारों को खोलने और दोबारा जोड़ने की गतिविधियां शामिल रहीं। दंगा नियंत्रण अभ्यास में जवानों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने की तैयारी प्रदर्शित की।
शारीरिक प्रशिक्षण और युद्धकला के प्रदर्शन के माध्यम से उनकी शारीरिक क्षमता, तत्परता और अनुशासन सामने आया। हथियारों को खोलने और दोबारा जोड़ने के अभ्यास ने तकनीकी प्रशिक्षण के पहलू को भी रेखांकित किया। इन गतिविधियों के माध्यम से नौ माह के प्रशिक्षण में विकसित किए गए कौशल और सामूहिक तालमेल की झलक देखने को मिली।
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उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवान सम्मानित
समारोह के दौरान प्रशिक्षण की विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नव आरक्षियों को मुख्य अतिथि ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। यह सम्मान प्रशिक्षण अवधि में उनकी मेहनत और उपलब्धियों की पहचान के रूप में दिया गया। इस अवसर पर केंद्रीयकृत प्रशिक्षण केंद्र, सशस्त्र सीमा बल, सपड़ी के उपमहानिरीक्षक अजय कुमार ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। समारोह में सहायक कमांडेंट रवि कुमार, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के कमांडेंट सौरभ दुबे, अन्य अधिकारी तथा नव आरक्षियों के परिजन भी मौजूद रहे। नौ माह के प्रशिक्षण के बाद आयोजित इस दीक्षांत परेड के साथ 472 नव आरक्षियों के प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ। अब उनके सामने पुलिस सेवा में अर्जित कौशल, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को व्यवहार में उतारने की चुनौती होगी।
