बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने एक विवादित बयान देकर सियासी पारा गरमा दिया है। किशनगंज में मंत्री ने देश में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग विदेशी फंडिंग के जरिए देश में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि भारत, बांग्लादेश या नेपाल जैसा नहीं है, यहां के लोग अमन पसंद हैं और लोकतांत्रिक तरीके से अपने फैसले लेते हैं। दुर्गा पूजा के अवसर पर मां दुर्गा से आशीर्वाद लेने के बाद पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने कहा कि उन्होंने बिहार के विकास और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने की कामना की है। साथ ही, नकारात्मक सोच रखने वाले और संविधान व लोकतंत्र की भावना से हटकर सत्ता हासिल करने की कोशिश करने वालों को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना भी की। मंत्री के इस बयान को कॉकरोच जनता पार्टी से जोड़कर देखा जा रहा है और विपक्ष ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल किशनगंज में दुर्गा पूजा के अवसर पर मंदिर पहुंचे थे। वहां उन्होंने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की और राज्य की सुख-समृद्धि के लिए कामना की। पूजा के बाद पत्रकारों ने उनसे देश में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर सवाल पूछा। इस पर मंत्री ने कहा कि आजकल देश में कई तरह के विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इसके पीछे विदेशी फंडिंग है। कुछ लोग विदेश से पैसा लेकर देश का माहौल खराब करना चाहते हैं। भारत बांग्लादेश या नेपाल जैसा नहीं है। यहां की जनता समझदार है। यहां के लोग अमन पसंद हैं। वे लोकतांत्रिक तरीके से अपने फैसले लेते हैं। किसी के बहकावे में नहीं आते।
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विरोध प्रदर्शनों पर दिया विवादित बयान
डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि बिहार में भी कुछ लोग कॉकरोच जनता पार्टी की तरह काम कर रहे हैं। जो नाली और अंधेरे में रहते हैंl मौका मिलते ही बाहर निकलकर गंदगी फैलाते हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहने की जरूरत है। ये लोग संविधान और लोकतंत्र की भावना को नहीं मानते। सिर्फ सत्ता हासिल करना चाहते हैं। किसी भी तरीके से सत्ता में आना चाहते हैं लेकिन बिहार की जनता ऐसे लोगों को पहचानती है। उन्हें सबक सिखाएगी। मंत्री के इस बयान के बाद सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष ने कहा है कि मंत्री अपनी भाषा पर नियंत्रण रखें।
वहीं, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर मंत्री ने विपक्ष से सवाल किया कि क्या दो जगह नाम दर्ज रहने वाले, मृत्यु हो चुके और वर्षों से लापता लोगों के नाम मतदाता सूची में बने रहने चाहिए? उन्होंने कहा कि एसआईआर को लेकर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। यह एक सामान्य प्रक्रिया है। मतदाता सूची को शुद्ध करना जरूरी है। ताकि सही लोग ही वोट दे सकें। फर्जी वोटिंग रोकी जा सके। विपक्ष बेवजह हंगामा कर रहा है। विपक्ष को डर है कि उनके फर्जी वोटर कट जाएंगे। इसलिए वे विरोध कर रहे हैं।
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विपक्ष कर रहा है हंगामा, फर्जी वोटर कटने का है डर
मंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग स्वतंत्र संस्था है। वह अपना काम कर रही है। सरकार इसमें कोई दखल नहीं दे रही। विपक्ष को चुनाव आयोग पर सवाल नहीं उठाना चाहिए। यदि किसी का नाम गलती से कट गया है तो वह फिर से आवेदन कर सकता है। उसका नाम जोड़ा जाएगा लेकिन जो लोग सालों से लापता हैं, जो मर चुके हैं, जो दो जगह वोटर हैं, उनके नाम तो हटने ही चाहिए। इससे मतदाता सूची साफ होगी। लोकतंत्र मजबूत होगा। किशनगंज में मंत्री के इस बयान के बाद समर्थकों ने जयकारा लगाया। वहीं, विपक्ष ने पलटवार किया है। राजद और कांग्रेस ने कहा है कि मंत्री को माफी मांगनी चाहिए। जनता को कॉकरोच कहना लोकतंत्र का अपमान है। जनता ही जनार्दन है। जनता ही सरकार बनाती है। मंत्री को अपनी भाषा पर संयम रखना चाहिए। इस बयान के बाद बिहार की सियासत में नया विवाद खड़ा हो गया है।
