हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में गोवंश के अवशेष मिलने का मामला तूल पकड़ गया है। घघरोता पंचायत के एक गांव में अवशेष मिलने की सूचना के बाद बुधवार को चंबा शहर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। आक्रोशित लोगों ने बाजार बंद रखकर अपना विरोध जताया, जबकि हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों ने शहर के मुख्य चौक पर चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि उपायुक्त स्वयं मौके पर पहुंचें और मामले में कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट करें। हालात को देखते हुए एसडीएम चिराग शर्मा और डीएसपी बलदेव दत्त को मौके पर पहुंचकर लोगों से बातचीत करनी पड़ी।

 

मामले की शुरुआत मंगलवार को घघरोता पंचायत के एक गांव में गोवंश के अवशेष मिलने की सूचना से हुई। इसकी जानकारी सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने नाराजगी जताई और मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग उठाई। बुधवार को यह विरोध चंबा शहर तक पहुंच गया। हिंदू संगठनों के आह्वान और मामले को लेकर बढ़ते आक्रोश के बीच व्यापार मंडल ने भी बाजार बंद रखने का आह्वान किया। इसके बाद कारोबारियों ने दुकानें बंद रखकर विरोध को समर्थन दिया। शहर के बाजारों में बंद का असर दिखाई दिया। आम दिनों में ग्राहकों की आवाजाही से गुलजार रहने वाले बाजारों में कारोबार प्रभावित रहा। विरोध प्रदर्शन के कारण शहर की सामान्य गतिविधियों पर भी असर पड़ा।

 

यह भी पढ़ें: हिमाचल प्रदेश: स्कूल में ड्यूटी, कागजों में रिटायर, दो महीने से वेतन बंद

मुख्य चौक पर चक्का जाम, डीसी को बुलाने की मांग

प्रदर्शन के दौरान हिंदू संगठनों से जुड़े लोग गोवंश के अवशेष लेकर शहर के मुख्य चौक पर पहुंचे और चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि उपायुक्त मौके पर पहुंचें और मामले में प्रशासन की कार्रवाई के संबंध में स्पष्ट जानकारी दें।

 

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि घटना को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और इसमें शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर वे मौके पर उपायुक्त को बुलाने पर अड़े रहे। चक्का जाम के कारण शहर के व्यस्त मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। अपने कामकाज के लिए निकले लोगों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

SDM और DSP ने संभाला मोर्चा

विरोध प्रदर्शन के बीच स्थिति को संभालने के लिए एसडीएम चिराग शर्मा और डीएसपी बलदेव दत्त मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस भी मौके पर तैनात रही और स्थिति पर नजर बनाए रखी। हालांकि, प्रदर्शनकारी उपायुक्त को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। प्रशासन के सामने एक ओर प्रदर्शनकारियों की मांगों पर संवाद करने और दूसरी ओर शहर में कानून-व्यवस्था तथा यातायात सामान्य बनाए रखने की चुनौती रही।

 

यह भी पढ़ें: हिमाचल: नवरात्रि में होटलों की बहार, 80% तक बुकिंग, पर्यटन ने पकड़ी रफ्तार

बाजार बंद होने से कारोबार प्रभावित

चंबा शहर में बाजार बंद रहने और मुख्य चौक पर चक्का जाम के कारण आम जनजीवन प्रभावित हुआ। कारोबारियों की दुकानें बंद रहने से व्यापारिक गतिविधियां ठप रहीं, जबकि सड़क पर यातायात बाधित होने से वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस तरह एक गांव में गोवंश के अवशेष मिलने से शुरू हुआ मामला शहरव्यापी विरोध का रूप ले गया। व्यापार मंडल के समर्थन से प्रदर्शन का असर बाजारों तक पहुंच गया।

 

इस मामले में अब सबसे अहम सवाल अवशेष मिलने की घटना की परिस्थितियों और जिम्मेदार लोगों की पहचान का है। प्रदर्शनकारियों ने त्वरित कार्रवाई की मांग उठाई है, जबकि प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई को लेकर लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में दोषियों की पहचान या उनके खिलाफ की गई कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में जांच के निष्कर्ष और प्रशासन की आधिकारिक जानकारी महत्वपूर्ण होगी। चंबा में विरोध के बीच अब निगाहें इस बात पर हैं कि मामले की जांच कितनी तेजी से आगे बढ़ती है और प्रशासन प्रदर्शनकारियों की मांगों पर क्या कदम उठाता है।