हिमाचल प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की अनुपस्थिति को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने इसे कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी और राजनीतिक अंतर्विरोध का संकेत बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पिछले चार वर्षों से भारतीय जनता पार्टी में गुटबाजी का आरोप लगाते रहे हैं, जबकि अब उनकी अपनी पार्टी की अंदरूनी खींचतान सार्वजनिक हो चुकी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस की बिल्ली अब थैले से बाहर आ चुकी है और मुख्यमंत्री को भारतीय जनता पार्टी पर टिप्पणी करने के बजाय अपना घर संभालना चाहिए।
भारतीय जनता पार्टी प्रदेश मुख्यालय दीपकमल, चक्कर में आयोजित प्रेस वार्ता में डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व के बीच मतभेद अब छिपे नहीं रह गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि हिमाचल प्रदेश के कई बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह जैसे वरिष्ठ नेता की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की अनुपस्थिति आखिर क्या संदेश देती है? उनके अनुसार, कार्यक्रम में वरिष्ठ नेतृत्व की गैरमौजूदगी और चुनिंदा नेताओं की उपस्थिति ने कांग्रेस के भीतर चल रही राजनीतिक परिस्थितियों पर सवाल खड़े किए हैं।
वीरभद्र सिंह की विरासत पर भी सियासी घमासान
डॉ. बिंदल ने कहा कि स्वर्गीय वीरभद्र सिंह का राजनीतिक योगदान हिमाचल प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण रहा है। उनका व्यक्तित्व और जनाधार किसी एक परिवार या राजनीतिक गुट तक सीमित नहीं था। ऐसे में उनकी प्रतिमा के अनावरण जैसे कार्यक्रम में प्रदेश के शीर्ष कांग्रेस नेतृत्व की अनुपस्थिति राजनीतिक चर्चा का विषय बनना स्वाभाविक है। उन्होंने कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिभा सिंह की रोहड़ू में वीरभद्र सिंह की तस्वीर नहीं लगाए जाने को लेकर की गई टिप्पणी का भी उल्लेख किया। प्रतिभा सिंह ने कहा था कि वीरभद्र सिंह की तस्वीर हटाकर उन्हें जनता के हृदय से दूर नहीं किया जा सकता। बिंदल ने इस बयान को कांग्रेस के भीतर व्याप्त असंतोष का संकेत बताते हुए कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की टिप्पणियां उसकी आंतरिक स्थिति को उजागर कर रही हैं।
भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस में अंतर्विरोध लंबे समय से चले आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इसी राजनीतिक असंतोष के चलते कांग्रेस के छह वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के भीतर भी समय-समय पर मतभेद सामने आते रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री अपनी पार्टी की स्थिति पर जवाब देने के बजाय भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हैं।
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'भारतीय जनता पार्टी की मुट्ठी बंद थी, है और रहेगी'
डॉ. बिंदल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के संगठन में एकजुटता बनी हुई है और पार्टी अपने राजनीतिक एवं संगठनात्मक लक्ष्यों को लेकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, “भारतीय जनता पार्टी की मुट्ठी बंद थी, बंद है और बंद रहेगी। कांग्रेस अपने घर की चिंता करे। प्रदेश की जनता ने पिछले चार वर्षों में बहुत कष्ट झेले हैं और अब जनता आर-पार के मूड में है।” उन्होंने दावा किया कि प्रदेशभर में कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में नाराजगी है। बिंदल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और सरकार की नीतियों एवं कार्यप्रणाली पर सवाल करती रहेगी।
8 हजार बूथों पर संगठन मजबूत करने की तैयारी
प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष ने भारतीय जनता पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय जनता पार्टी प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा के नेतृत्व में पार्टी की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें संगठन के विस्तार, बूथ सशक्तिकरण और आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा की गई।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रदेश के लगभग 8,000 पोलिंग बूथों पर संगठन को मजबूत करने के अभियान में जुटी है। इसके तहत प्रदेश के 171 मंडलों में 171 अनुभवी विस्तारक तैनात किए गए हैं। ये विस्तारक बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने, संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने और पार्टी की टीम को मजबूत बनाने का काम करेंगे।
भारतीय जनता पार्टी का लक्ष्य प्रत्येक पोलिंग बूथ पर 50 से 75 कार्यकर्ताओं की सशक्त टीम तैयार करना है। पार्टी नेतृत्व का जोर बूथ स्तर पर संगठन की पकड़ मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने पर है। इस अभियान के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी प्रदेशभर में अपनी संगठनात्मक गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने की तैयारी कर रही है।
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रामपुर से भरमौर तक संगठनात्मक प्रवास
राजीव बिंदल ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा दस दिवसीय संगठनात्मक प्रवास पर निकल रहे हैं। इस प्रवास की शुरुआत रामपुर से होगी। इसके बाद वह जनजातीय क्षेत्रों से होते हुए भरमौर तक पहुंचेंगे। इस दौरान संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद पर जोर रहेगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि भारतीय जनता पार्टी की नवनियुक्त प्रदेश सह प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद सुदर्शना सिंह का दूसरा संगठनात्मक प्रवास 25 से 29 अक्टूबर तक कांगड़ा जिले में प्रस्तावित है।
इस दौरान पार्टी संगठन से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों पर काम किया जाएगा। प्रेस वार्ता की शुरुआत में डॉ. राजीव बिंदल ने प्रदेशवासियों को दुर्गाष्टमी, महानवमी और विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मां भगवती से सभी के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ प्रदेश के जनहित से जुड़े मुद्दों को निरंतर उठाती रहेगी। पार्टी का प्रयास रहेगा कि जनता से संबंधित विषयों को प्रमुखता से सामने लाया जाए और सरकार की कार्यप्रणाली पर लोकतांत्रिक तरीके से सवाल उठाए जाएं।
