9 दिन हिमाचल में रहेंगे प्रदेश बीजेपी प्रभारी श्रीकांत शर्मा, क्या है प्लान?
हिमाचल प्रदेश बीजेपी के प्रभारी श्रीकांत शर्मा 19 से 27 अक्टूबर तक नौ दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। वह मंडल स्तर पर बैठकों के जरिए कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे।

हिमाचल बीजेपी प्रभारी श्रीकांत शर्मा,, Photo Credit-HP BJP
हिमाचल प्रदेश में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रदेश प्रभारी और यूपी के मथुरा से विधायक श्रीकांत शर्मा 19 अक्टूबर को हिमाचल पहुंचेंगे। वह अपने नौ दिवसीय संगठनात्मक प्रवास पर रहेंगे। 27 अक्टूबर तक चलने वाले इस दौरे के दौरान वह शिमला से लेकर किन्नौर, लाहौल-स्पीति और चंबा जिले के दुर्गम पांगी क्षेत्र तक पहुंचेंगे। इस दौरान विभिन्न मंडलों में संगठनात्मक बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें पार्टी की गतिविधियों की समीक्षा के साथ स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया जाएगा।
प्रदेश प्रभारी का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब बीजेपी प्रदेश में अपने संगठनात्मक ढांचे को अधिक सक्रिय बनाने और मंडल से लेकर बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दे रही है। प्रवास के दौरान श्रीकांत शर्मा का विशेष ध्यान उन दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों पर रहेगा, जहां भौगोलिक परिस्थितियों के कारण संगठनात्मक गतिविधियों और कार्यकर्ताओं के साथ नियमित संपर्क बनाए रखना अपेक्षाकृत चुनौतीपूर्ण होता है।
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बीजेपी प्रदेश कार्यालय की ओर से जारी प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, श्रीकांत शर्मा नौ दिनों के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों और संगठनात्मक मंडलों में बैठकें करेंगे। इन बैठकों के जरिए स्थानीय स्तर पर पार्टी की सक्रियता, संगठनात्मक समन्वय और कार्यकर्ताओं की भागीदारी से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।
शिमला से शुरू होगा संगठनात्मक प्रवास
श्रीकांत शर्मा 19 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे शिमला स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय पहुंचेंगे। यहां वह दोपहर 3 बजे तक विभिन्न संगठनात्मक बैठकों में भाग लेंगे। इसके बाद वह रामपुर के लिए रवाना होंगे, जहां शाम को रामपुर विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के साथ अनौपचारिक बातचीत करेंगे। प्रवास के पहले दिन शिमला में प्रदेश स्तर के संगठनात्मक विषयों पर चर्चा के बाद रामपुर में स्थानीय कार्यकर्ताओं से संवाद इस दौरे की शुरुआत होगी। इसके अगले दिन से प्रदेश प्रभारी का कार्यक्रम जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों की ओर बढ़ेगा।
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किन्नौर में तीन मंडलों की बैठकों पर रहेगा फोकस
20 अक्टूबर को श्रीकांत शर्मा किन्नौर जिले के भावानगर पहुंचेंगे। यहां सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक निचार मंडल की संगठनात्मक बैठक होगी। इसके बाद वह कल्पा के लिए रवाना होंगे। 21 अक्टूबर को रिकांगपिओ में सुबह 11:30 बजे से दोपहर एक बजे तक कल्पा और सांगला मंडलों की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। इसके बाद दोपहर 2:30 बजे स्पीलो में मूरंग मंडल की बैठक होगी।
दिन का कार्यक्रम पूरा करने के बाद वह पूह पहुंचेंगे। किन्नौर में लगातार दो दिनों तक होने वाली बैठकों के दौरान स्थानीय मंडलों की संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रदेश प्रभारी के इस कार्यक्रम से जिले के विभिन्न क्षेत्रों के पदाधिकारियों को संगठन से जुड़े विषय सीधे उनके समक्ष रखने का अवसर मिलेगा।
पूह से काजा और केलांग तक पहुंचेगा दौरा
22 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे नाको में पूह मंडल की बैठक होगी। इसके बाद श्रीकांत शर्मा लाहौल-स्पीति जिले के काजा के लिए रवाना होंगे। 23 अक्टूबर को काजा में सुबह 10:30 बजे स्पीति मंडल की संगठनात्मक बैठक आयोजित की जाएगी। इसके बाद वह केलांग पहुंचेंगे। अगले दिन यानी 24 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे केलांग मंडल की बैठक होगी, जबकि दोपहर 2:30 बजे उदयपुर मंडल के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक निर्धारित है।
किन्नौर और लाहौल-स्पीति का यह हिस्सा दौरे की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेगा। ऊंचाई वाले क्षेत्रों और दूरदराज की भौगोलिक परिस्थितियों के बीच प्रदेश प्रभारी का विभिन्न मंडलों तक पहुंचना संगठनात्मक संपर्क को मजबूत करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। इन बैठकों में स्थानीय कार्यकर्ताओं के अनुभवों और संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
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दुर्गम पांगी में भी कार्यकर्ताओं से करेंगे संवाद
श्रीकांत शर्मा का संगठनात्मक प्रवास 25 अक्टूबर को चंबा जिले के दुर्गम पांगी क्षेत्र तक पहुंचेगा। यहां दोपहर 12:30 बजे पांगी मंडल की बैठक निर्धारित है। इसके बाद 26 अक्टूबर को वह पांगी से मनाली पहुंचेंगे। पांगी जैसे दुर्गम क्षेत्र को कार्यक्रम में शामिल करना इस प्रवास का अहम पहलू है। दूरस्थ क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों की स्थिति को समझने और स्थानीय कार्यकर्ताओं से सीधे बातचीत करने के लिए इस तरह के दौरे महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली संगठनात्मक चुनौतियों और आवश्यकताओं को प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाने का अवसर मिलता है।
नौ दिवसीय प्रवास के अंतिम दिन 27 अक्टूबर को श्रीकांत शर्मा सुबह 11 बजे कुल्लू में संगठनात्मक बैठक में भाग लेंगे। इस बैठक में जिला कुल्लू की पिछली तीन कार्यसमितियों के सदस्यों के साथ चर्चा होगी। कुल्लू में होने वाली बैठक को संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें पूर्व कार्यसमितियों से जुड़े सदस्यों के अनुभवों और सुझावों पर चर्चा का अवसर मिलेगा। इसके माध्यम से जिले में संगठनात्मक समन्वय और कार्यकर्ताओं की भूमिका से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया जा सकेगा।
बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर जोर
बीजेपी प्रदेश प्रभारी के इस नौ दिवसीय प्रवास का मुख्य उद्देश्य मंडल स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करना, कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करना और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम करना है। प्रस्तावित कार्यक्रम में लगातार मंडल बैठकों को शामिल किया गया है। इससे स्पष्ट है कि दौरे के दौरान स्थानीय स्तर पर संगठन की स्थिति को समझने और कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेने पर जोर रहेगा।
बूथ स्तर पर सक्रियता, पदाधिकारियों के बीच समन्वय और संगठनात्मक जिम्मेदारियों के बेहतर निर्वहन जैसे विषय इस तरह की बैठकों के केंद्र में रह सकते हैं। हालांकि, बैठक के एजेंडे के विस्तृत बिंदु अलग से जारी नहीं किए गए हैं, लेकिन कार्यक्रम की व्यापकता से संकेत मिलता है कि प्रदेश प्रभारी का प्रयास संगठन के विभिन्न स्तरों के बीच संपर्क को मजबूत करना रहेगा।
राजनीतिक दृष्टि से भी अहम है प्रवास
श्रीकांत शर्मा का यह दौरा केवल प्रदेश मुख्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सीमावर्ती, जनजातीय और दूरदराज के क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है। शिमला और रामपुर से शुरू होकर किन्नौर, लाहौल-स्पीति, पांगी और कुल्लू तक फैला यह कार्यक्रम संगठन की जमीनी स्थिति को समझने का अवसर प्रदान करेगा। दौरे के दौरान स्थानीय कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद बीजेपी नेतृत्व के लिए क्षेत्रवार संगठनात्मक परिस्थितियों का आकलन करने में उपयोगी हो सकता है। वहीं, कार्यकर्ताओं को भी अपनी समस्याओं, सुझावों और संगठन से जुड़ी अपेक्षाओं को प्रदेश प्रभारी के सामने रखने का अवसर मिलेगा। अब देखना होगा कि इस नौ दिवसीय प्रवास के दौरान होने वाली बैठकों से संगठनात्मक स्तर पर क्या निष्कर्ष निकलते हैं और उनके आधार पर प्रदेश में पार्टी की गतिविधियों को किस तरह आगे बढ़ाया जाता है।
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