भारत-नेपाल सीमा पर अब चौकसी बढ़ गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कर दिया कि सीमा से 15 किलोमीटर तक हर हलचल पर नजर होगी। तस्करी और आर्थिक अपराध पर कोई समझौता नहीं होगा। मुख्यमंत्री सचिवालय के 'संवाद' हॉल में बैठक हुई। इसमें सुरक्षा, प्रशासन और विकास को लेकर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता खुद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की थी। इस मीटिंग में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से 7 सीमावर्ती जिलों के डीएम और एसपी जुड़े। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने सीमा की पूरी स्थिति बताई। बिहार की भारत-नेपाल सीमा 735 किलोमीटर लंबी है। इस पर 7 जिले आते हैं। 70 पुलिस थाने हैं। एसएसबी की 194 BOP तैनात हैं। बैठक में गृह, पुलिस, राजस्व और खुफिया विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में बात की थी। उन्होंने कहा कि सीमा पर किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधियां नहीं चलेंगी। उन्होंने कहा कि सभी एजेंसियां मिलकर काम करें। समन्वय जरूरी है। ड्यूटी में लापरवाही नहीं होगी। सीएम ने कहा कि केंद्र और राज्य स्तर पर लगातार बैठकें हो रही हैं। कई काम पूरे हो चुके हैं। बचे कामों को तेज गति से पूरा करें। उन्होंने अधिकारियों को समय-सीमा तय कर काम निपटाने का निर्देश दिया।
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15 किलोमीटर तक बढ़ेगी निगरानी
बैठक में सबसे बड़ा फैसला निगरानी को लेकर हुआ। मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि सभी चेकपोस्ट से 15 किलोमीटर तक कड़ी निगरानी हो। ड्रोन और सीसीटीवी से मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने आर्थिक अपराधों पर खास फोकस करने को कहा था। संदिग्ध गतिविधि दिखते ही तुरंत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही रोजाना रिपोर्ट सीएम कार्यालय को भेजी जाए।
सीएम ने तस्करी का मुद्दा उठाया, जिसमें उन्होंने कहा कि उर्वरक की कालाबाजारी रोकें। किसानों के हक का खाद नेपाल न जाए। मादक पदार्थों की तस्करी पर भी लगाम लगे। इसके लिए हर जिले में विशेष टीम बने। पुलिस, एसएसबी और कस्टम्स की संयुक्त बैठक हर 15 दिन में हो। खुफिया इनपुट तुरंत शेयर हों।
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अचानक अमीर बने लोगों की होगी जांच
मुख्यमंत्री ने थाना स्तर पर जांच का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि विशेष टीम बनाई जाए। टीम उन लोगों को चिन्हित करे जिनकी आय में अचानक बढ़ोतरी हुई है। जिनके पास आय का स्रोत नहीं है। ऐसे लोगों की संपत्ति और बैंक खातों की जांच हो। अगर गड़बड़ी मिले तो कानून के अनुसार कार्रवाई हो। सीएम ने कहा कि कई तस्कर इसी तरह पैसा सफेद करते हैं। इस रास्ते को बंद करना है।
जिलों ने रखा अपना पक्ष
बैठक में किशनगंज, मधुबनी और पश्चिम चंपारण के डीएम-एसपी ने रिपोर्ट दी। उन्होंने बताया कि पहले के निर्देशों पर क्या काम हुआ। कितने अतिक्रमण हटे। कितने केस दर्ज हुए। सभी ने अपनी समस्या और सुझाव भी रखे। किसी ने बॉर्डर पर लाइट की मांग की। किसी ने नए बीओपी की जरूरत बताई।
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केंद्रीय एजेंसियों ने दिए इनपुट
एसएसबी, आईबी, ईडी, एनसीबी, कस्टम्स और आयकर विभाग के अधिकारी बैठक में थे। उन्होंने अपनी कार्रवाई की जानकारी दी। साथ ही नए इनपुट भी दिए। साइबर अपराध पर भी चर्चा हुई। सीएम ने कहा कि सीमा पार से साइबर फ्रॉड बढ़ रहे हैं। साइबर सेल अलर्ट रहे। नागरिकता से जुड़े मामलों में भी सतर्कता बरतने को कहा गया।
विकास के मुद्दे पर भी बात हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा के गांवों में विकास की कमी है। सड़क, बिजली और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाए। लंबित प्रोजेक्ट 6 महीने में पूरे हों। पथ निर्माण विभाग को निर्देश दिए। सीमावर्ती सड़कों की मरम्मत तुरंत शुरू हो।
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किशनगंज में खुलेंगे 100 उर्दू स्कूल
शिक्षा को लेकर बड़ा ऐलान हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि किशनगंज में 100 नए उर्दू विद्यालय खुलेंगे। इसके लिए 100 जगह चिन्हित करें। जमीन और भवन का प्रस्ताव जल्द भेजें। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही सीमाई क्षेत्र आगे बढ़ेगा। बैठक में कई बड़े अधिकारी शामिल हुए। सीएम के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत थे। डीजीपी विनय कुमार, एसीएस एन.विजयलक्ष्मी, एसीएस आनंद किशोर मौजूद रहे। गृह सचिव कुंदन कुमार, राजस्व सचिव जय सिंह, सहकारिता सचिव धर्मेंद्र सिंह भी थे।
पुलिस को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश
आखिर में मुख्यमंत्री ने पुलिस को निर्देश दिए। थाना प्रभारी 24 घंटे अलर्ट रहें। रात में गश्त बढ़ाएं। सीमा से सटे गांवों में पुलिस चौपाल लगाएं। लोगों से संवाद बढ़ाएं। कोई भी संदिग्ध दिखे तो तुरंत सूचना दें। बैठक के बाद पूरे सीमाई क्षेत्र में अभियान शुरू हो गया है। चेकपोस्ट पर जांच तेज है। अधिकारियों का कहना है कि अब तस्करी करना आसान नहीं होगा। सरकार का मकसद साफ है। सीमा सुरक्षित रहेगी। विकास भी होगा।


