उत्तर प्रदेश के पिलखुवा स्थित छिजारसी टोल प्लाजा के पास राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) की टीम ने खुफिया सूचना के आधार पर कार को रोककर तलाशी ली। इस दौरान एक बैग से 35 लाख रुपये और कार के दरवाजों में बनाए गए गुप्त खानों से 2.65 करोड़ रुपये मिले हैं। कुल बरामद नकदी करीब तीन करोड़ रुपये बताई गई है।
कार सवार लोग रकम से संबंधित दस्तावेज नहीं दिखा सके और न ही नकदी के स्रोत के बारे में संतोषजनक जानकारी दे पाए। इसके बाद डीआरआई ने आयकर विभाग को सूचना दी। अब जांच एजेंसियां पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई और इसे दिल्ली क्यों ले जाया जा रहा था।
यह कार्रवाई शनिवार 17 अक्टूबर को हापुड़ जिले के पिलखुवा क्षेत्र के छिजारसी टोल प्लाजा के पास की गई। डीआरआई को सूचना मिली थी कि एक कार में बड़ी मात्रा में नकदी ले जाई जा रही है। इसके बाद टीम ने संदिग्ध वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार में रखे बैग से 35 लाख रुपये मिले।
इसके बाद अधिकारियों ने वाहन के अन्य हिस्सों की बारीकी से जांच की। इसी दौरान कार के दरवाजों में विशेष रूप से बनाए गए गुप्त खाने सामने आए। इन खानों में 2.65 करोड़ रुपये छिपाकर रखे गए थे।
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नकदी के दस्तावेज नहीं दिखा सके कार सवार
कार से इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद डीआरआई ने कार सवार लोगों से नकदी के बारे में पूछताछ की। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक वे बरामद रकम से संबंधित जरूरी दस्तावेज नहीं दिखा सके। रकम कहां से आई और इसे किस व्यक्ति या कारोबारी तक पहुंचाया जाना था, इस बारे में भी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई।इसके बाद डीआरआई ने पूरे मामले की जानकारी आयकर विभाग को दी। अब आयकर विभाग नकदी के स्रोत, संभावित वित्तीय लेन-देन और रकम से जुड़े दस्तावेजों की जांच करेगा। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
चुनाव से संबंध की पुष्टि नहीं
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में आगामी चुनावों के मद्देनजर भी इतनी बड़ी नकदी की बरामदगी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, अभी तक ऐसा कोई पुष्ट तथ्य सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो कि बरामद रकम का चुनाव से सीधा संबंध है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि नकदी किसी वैध कारोबारी गतिविधि से जुड़ी है या इसके पीछे कोई अन्य मामला है। फिलहाल रकम के वास्तविक मालिक और उसके इस्तेमाल को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
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आयकर विभाग की जांच से खुलेंगे अहम सवाल
इस मामले में अब सबसे अहम सवाल यही हैं कि करीब तीन करोड़ रुपये किसके हैं, कार के दरवाजों में गुप्त खाने क्यों बनाए गए थे और नकदी को दिल्ली ले जाने का उद्देश्य क्या था। आयकर विभाग की जांच में इन सवालों के जवाब सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार डीआरआई ने नकदी बरामद करने के बाद मामला आयकर विभाग को सौंपा है।
