उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। एक तरफ पुलिस श्रद्धा दुबे और उसकी बहन रश्मि दुबे समेत अन्य लोगों की तलाश में जुटी है, दूसरी तरफ श्रद्धा की ओर से लखनऊ की अदालत में सरेंडर अर्जी दाखिल किए जाने की खबर सामने आई है। नेपाल में ठिकाना बदलने और ई-रिक्शा पर घूमते दिखाई देने की चर्चाओं के बीच अब सवाल उठ रहा है कि आखिर पुलिस की कई टीमें तलाश में जुटी होने के बावजूद श्रद्धा अब तक गिरफ्त में क्यों नहीं आई? शिवा शर्मा की मां रंजना शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच, महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
शिवा शर्मा की मौत के मामले में श्रद्धा दुबे की तलाश पुलिस के लिए अहम चुनौती बनी हुई है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, घटना के बाद श्रद्धा और उसकी बहन रश्मि दुबे के नेपाल में होने की आशंका जताई गई थी। नेपाल में ई-रिक्शा पर घूमते हुए श्रद्धा और रश्मि का वीडियो सामने आने की भी चर्चा रही। वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान और उसकी तारीख की आधिकारिक पुष्टि जांच का विषय है।
श्रद्धा की स्कॉर्पियो नेपाल सीमा के पास बहराइच जिले के रूपईडीहा इलाके में मिलने की खबर सामने आई थी। गाड़ी मिलने के बाद पुलिस की जांच का दायरा नेपाल तक पहुंच गया। श्रद्धा के लगातार ठिकाने बदलने की आशंका के बीच उसकी तलाश तेज की गई। रिपोर्टों के मुताबिक, गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें लगाई गई थीं। इसके बावजूद श्रद्धा की गिरफ्तारी नहीं हो पाने से मामले को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
NBW के बाद सरेंडर अर्जी, गिरफ्तारी पर नजर
पुलिस की तलाश के बीच श्रद्धा दुबे ने लखनऊ की अदालत में आत्मसमर्पण के लिए अर्जी दाखिल की है। जानकारी के मुताबिक, यह अर्जी करीब दो दिन पहले दाखिल की गई थी। श्रद्धा के साथ रश्मि दुबे और तनवीर अली उर्फ दानिश के खिलाफ भी गैर-जमानती वारंट जारी होने की जानकारी सामने आई थी। तीनों की गिरफ्तारी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किए जाने की खबर भी सामने आई थी।
ऐसे में सरेंडर अर्जी दाखिल होने के बाद मामले में अगली कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर है। हालांकि, सरेंडर अर्जी दाखिल करना और अदालत में आत्मसमर्पण कर देना दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। केवल अर्जी दाखिल होने से आत्मसमर्पण पूरा नहीं माना जाता। अदालत में पेश होने और आगे की कार्रवाई के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब पुलिस की कई टीमें श्रद्धा की तलाश में जुटी थीं। उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने की बात सामने आई थी, तब वह अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर कैसे रही?
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9 अक्टूबर की रात हुई थी कारोबारी शिवा शर्मा की मौत
लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत 9 अक्टूबर की रात हुई थी। वह अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिर गए थे। शुरुआत में मामला संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का था, लेकिन बाद में उनकी मां रंजना शर्मा ने हत्या का आरोप लगाया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल शुरू की।
मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक, पुलिस घटना से पहले और बाद की गतिविधियों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन तथा अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। इन साक्ष्यों के आधार पर घटना की परिस्थितियों और संबंधित लोगों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। इस बीच श्रद्धा दुबे ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताया था। उसने दावा किया था कि शिवा शर्मा की मौत आत्महत्या से हुई।
मां रंजना शर्मा ने CM योगी से लगाई न्याय की गुहार
बेटे की मौत के बाद न्याय की उम्मीद लगाए बैठीं रंजना शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और अन्य कथित आरोपियों की भूमिका की विस्तार से पड़ताल कराने की अपील की है। रंजना शर्मा ने जांच से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग की है।
जांच के दौरान किसी तरह की लापरवाही या साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका न रहे। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में उन्होंने यह भी मांग की है कि मामले की जांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में तय समयसीमा के भीतर पूरी कराई जाए। जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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श्रद्धा की गिरफ्तारी और जांच पर टिकी नजरें
शिवा शर्मा केस में अब तीन अहम पहलुओं पर नजर बनी हुई है। पहला, पुलिस श्रद्धा दुबे और अन्य आरोपियों को कब तक गिरफ्तार कर पाती है। दूसरा, अदालत में दाखिल सरेंडर अर्जी पर आगे क्या कार्रवाई होती है। तीसरा, जांच में सामने आने वाले साक्ष्य शिवा शर्मा की मौत की परिस्थितियों को किस तरह स्पष्ट करते हैं। श्रद्धा की ओर से सरेंडर अर्जी दाखिल किए जाने की खबर के बावजूद उसकी गिरफ्तारी या अदालत में आत्मसमर्पण की प्रक्रिया पूरी होने की पुष्टि नहीं हुई है।
ऐसे में आगे की कानूनी कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। वहीं, पीड़ित परिवार की मांग है कि जांच निष्पक्ष तरीके से हो, सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य सुरक्षित रखे जाएं और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। अब सबकी नजर पुलिस की अगली कार्रवाई और अदालत में होने वाली सुनवाई पर है। कारोबारी की मां को उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच के जरिए उनके बेटे की मौत की सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को कानून के मुताबिक सजा मिलेगी।
