उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर में एक बड़ी दुर्घटना होने से पुलिस वालों ने बचा लिया। पहलो पुलिस स्टेशन के पास एक बड़ी सोसायटी में खेलने के दौरान 7 साल का बच्चा अचानक गायब हो गया। भटकते हुए वह नेशनल हाइवे-16 पर पहुंच गया। गनीमत यह रही की उस वक्त वहां पुलिस की एक टीम गश्त लगा रही थी। पुलिस की टीम ने बच्चे को बचा लिया। 

 

घटना के समय बच्चा अपने अपार्टमेंट के गार्डन में खेल रहा था। इसी दौरान मेन गेट पर तैनात गार्डों का ध्यान भटक गया और मासूम बिना किसी रोक-टोक के बाहर निकल आया। जब घरवालों को बच्चा घर पर नहीं मिला तो उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। CCTV फुटेज खंगाली जिससे पता चला कि बच्चा खुद ही गेट से बाहर निकला था।

 

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हाईवे पर रोता बच्चा

पुलिस को जब बच्चा मिला तब वह अकेले सड़क पर रो रहा था। पहलो पुलिस स्टेशन की पेट्रोलिंग गाड़ी की नजर जब उस पर पड़ी तो पुलिसकर्मियों ने गाड़ी रोककर बच्चे को तुरंत अपने पास बुलाया। रोते हुए बच्चे को शांत करने के लिए बिस्किट और पानी दिया। पुलिस ने बताया कि बच्चा बहुत छोटा था इसलिए वह ठीक तरीके से अपने घर का पता नहीं बता पा रहा था। बच्चे को लेकर पुलिस आसपास की सोसायटियों में पूछताछ करने लगी। कई जगहों के चक्कर लगाने के बाद आखिरकार पुलिस को बच्चे के घर का पता चल गया। बच्चे को फिर उसके परिवार को सौंप दिया गया। 

सिक्योरिटी गार्ड्स की बड़ी लापरवाही

इस पूरी घटना के बाद पुलिस और बच्चे के पिता दोनों ने सोसाइटी के सिक्योरिटी गार्ड्स को जिम्मेदार ठहराया है। पहलो पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी अश्विनी कुमार जेना ने बताया कि बच्चे का इस तरह बिना किसी रोक-टोक के बाहर आ जाना सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक है। पुलिस ने गेट पर तैनात गार्डों को सख्त हिदायत दी है कि वे आगे से ज्यादा सतर्क रहें।

 

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बच्चे के सुरक्षित घर लौटने पर उसके पिता श्रीकांत महाराणा ने राहत की सांस ली। पेशे से एक बैंक अधिकारी श्रीकांत ने कहा, 'नेशनल हाईवे पर गाड़ियों की रफ्तार देखकर डर लगता है। अगर पुलिस समय पर मेरे बच्चे को नहीं देखती तो कोई भी अनहोनी हो सकती थी। मैं पहलो पुलिस की टीम का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं।'