पंजाब पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फिरोजपुर के काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट के इंचार्ज इंस्पेक्टर बलदेव सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक उनके पास से 3.35 किलो हेरोइन, 6 पिस्तौर और 6 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि यह अधिकारी उसी यूनिट में तैनात था, जिसका काम ड्रग तस्करी रोकना है। पंजाब पुलिस पर ही अब सवाल उठ रहे हैं।
फिरोजपुर के सीनियर पुलिस सुप्रिटेंडेंट (SSP) भूपिंदर सिंह सिद्धू के मुताबिक बलदेव सिंह की गिरफ्तारी शनिवार देर रात को हुई है। उनके खिलाफ पुलिस को कुछ अहम सबूत मिले थे। पुलिस के पास एक इनपुट था कि वह बड़ी डील करने जा रहे हैं। खुफिया जानकारी जैसे मिली, एक टीम वहां पहुंची और ड्रग इंस्पेक्टर पकड़ा गया। यह गिरफ्तारी फिरोजपुर-मोगा रोड पर फिरोजशाह टोल प्लाजा के पास हुई।
यह भी पढ़ें: ड्रोन से ड्रग्स सप्लाई कर रहे हैं तस्कर, कैसे पूरे नेटवर्क को खत्म करेगी सरकार?
सादी वर्दी में अपनी कार से कर रहा था तस्करी
पुलिस के मुताबिक इंस्पेक्टर बलदेव सिंह एक प्राइवेट i20 कार से कहीं जा रहा था। वह सादी वर्दी में था। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसकी तलाशी ली। कार में करीब 3.5 किलो हेरोइन पड़ी मिली। पुलिस ने हथियार भी ढूंढ निकाला और अलग-अलग सिमकार्ड वाले 6 मोबाइल फोन भी बरामद हुए।
NDPS और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज
पुलिस ने घल खुर्द थाने में बलदेव सिंह के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज (NDPS) एक्ट और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस यह तलाशने में जुटी है कि वह किस रैकेट का हिस्सा था, हेरोइन की इतनी बड़ी खेप कैसे उस तक पहुंची, इसे कहां भेजा जा रहा था। पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि इस सिंडेकेट में कितने लोग शामिल हैं।
यह भी पढ़ें: पंजाब पुलिस के पूर्व AIG राजजीत सिंह गिरफ्तार, ड्रग्स तस्करी समेत कई गंभीर आरोप
पुलिस भी ड्रग नेटवर्क में शामिल है?
पंजाब नशे से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में से एक है। पंजाब सरकार ने 'युद्ध, नशे के विरुद्ध' नाम से एक कैंपेन भी चलाया है। अब पुलिस अधिकारी के भी ड्रग तस्करी में शामिल होने से यह भी सवाल उठ रहे हैं कि कितने दूसरे अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस इंस्पेक्टर बलदेव सिंह की ड्रग्स और हथियारों के मामले में गिरफ्तारी ने अब पुलिस पर ही सवाल खड़े किए हैं। ड्रग सिंडेकेट तोड़ना पुलिस के लिए भी बड़ी चुनौती है। पुलिस केस की तह तक जाने के लिए छानबीन कर रही है।
