बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में नाव पलटने से 13 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद क्षेत्र में सियासत तेज हो गई हैं। इस मामले में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के दो नेता आमने-सामने आ गए हैं। जहां एक तरफ केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं, जनता दल यूनाइटेड के विधायक श्याम रजक का मानना है कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और बचाव कार्य तेजी से किया जा रहा है। दोनों ही नेताओं ने घटनास्थल पहुंच कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की है।
बिहार सरकार पर लगातार हमलावर रहे चिराग पासवान ने राघोपुर आकर सरकारी व्यवस्था पर सवाल उठाए। चिराग पासवान ने दावा किया कि, राघोपुर में हर साल हादसे होने के बाद भी सरकार ने कोई ठोस व्यवस्था नहीं की है। राघोपुर में हुए इस हादसे में नाव पर 30 से अधिक लोगों के सवार होने की बात सामने आई थी। चिराग पासवान ने आरोप लगाया कि नावों में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाया जाता है और लाइफ जैकेट तक उपलब्ध नहीं कराई जाती है। दूसरी तरफ श्याम रजक ने बताया कि NDRF और SDRF की टीमें लोगों की तलाश में जुटी हैं।
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चिराग पासवान ने उठाए सवाल
चिराग पासवान ने राघोपुर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि, 'यह हादसा सरकारी लापरवाही के कारण हुआ है। राघोपुर में हर साल नाव हादसे होते हैं। लेकिन सरकार कोई ठोस व्यवस्था नहीं करती है। बिहार में नावों के परिचालन के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं है। प्रशासन आंख मूंदकर बैठा रहता है। जब हादसा होता है तब जागता है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को 10 लाख रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए और घायलों का इलाज सरकारी खर्च पर होना चाहिए। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।'
'राघोपुर दियारा क्षेत्र है। यहां लोगों को आने-जाने के लिए नाव ही एकमात्र सहारा है। सरकार को यहां पक्का पुल बनाना चाहिए। कई बार पुल की मांग उठी है। लेकिन आज तक पुल नहीं बना। यदि पुल बना होता तो लोगों को नाव से जान जोखिम में डालकर नहीं जाना पड़ता। मैं केंद्र सरकार से भी इस मामले में बात करूंगा। राघोपुर में पुल निर्माण के लिए पहल करूंगा। मृतकों के परिजनों को न्याय मिलना चाहिए। सरकार सिर्फ कागजों पर योजनाएं बनाती है। जमीनी हकीकत कुछ और है। नाव घाटों पर कोई अधिकारी तैनात नहीं रहता है। नाव चालकों की मनमानी चलती है। मैं इस मामले को लोकसभा में भी उठाऊंगा।'- चिराग पासवान, केंद्रीय मंत्री
'सरकार पीड़ितों के साथ खड़ी है'
जेडीयू विधायक श्याम रजक ने भी राघोपुर पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। चिराग पासवान के आरोपों पर श्याम रजक ने कहा कि, 'सरकार हादसे के पीड़ितों की मदद कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम को लगाया गया है। गोताखोर लगातार लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं। जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह एक प्राकृतिक हादसा है। नाव में अचानक पानी भरने से नाव पलटी है। इसे सरकारी लापरवाही कहना गलत है। विपक्ष हर मामले में सियासत करता है।'
'मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद इस घटना का संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राहत-बचाव कार्य में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। मृतकों के परिजनों को सरकारी नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। घायलों का इलाज सरकारी अस्पताल में चल रहा है। सभी का इलाज मुफ्त में किया जा रहा है। राघोपुर में पुल निर्माण का प्रस्ताव सरकार के पास है। जल्द ही इस पर काम शुरू होगा। नाव घाटों पर सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए जाएंगे। सभी नावों में लाइफ जैकेट अनिवार्य किया जाएगा। नावों की क्षमता तय की जाएगी।'- श्याम रजक, जेडीयू विधायक
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'चिराग पासवान को सहयोग करना चाहिए'
श्याम रजक ने सरकार का पक्ष रखते हुए चिराग पासवान के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि, 'चिराग पासवान को सिर्फ बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। उन्हें भी राघोपुर के विकास में सहयोग करना चाहिए। केंद्र में उनकी सरकार है। वे राघोपुर के लिए पुल का प्रस्ताव केंद्र से पास करा सकते हैं। सिर्फ आरोप लगाने से कुछ नहीं होगा। सरकार काम कर रही है। प्रशासन पूरी मुस्तैदी से लगा हुआ है। लापता लोगों की जल्द तलाश कर ली जाएगी। घाट पर नावों के परिचालन के लिए मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी। ताकि क्षमता से अधिक लोग नाव पर न बैठें। नाव चालकों का लाइसेंस चेक किया जाएगा।'
नाव पर कितने लोग सवार थे
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे के समय नाव पर करीब 30 से 35 लोग सवार थे। नाव गंगा नदी के बीच पहुंची, तभी वह पलट गई। इसके बाद नाव पर सवार लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोग तैरकर बाहर निकल आए, जबकि कई लोग लापता हो गए। नाव पर महिलाओं और बच्चों के भी सवार होने की बात सामने आई है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य शुरू किया और प्रशासन की टीमें लापता लोगों की तलाश में जुट गईं। जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। पीड़ित परिवारों से संपर्क किया जा रहा है।
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हादसे के बाद स्थायी समाधान की मांग
राघोपुर नाव हादसे के बाद जहां चिराग पासवान ने सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, वहीं श्याम रजक ने सरकार की ओर से राहत-बचाव कार्य किए जाने की बात कही है। दोनों नेताओं ने पीड़ित परिवारों को मदद का भरोसा दिया है। वहीं, स्थानीय लोगों की मांग है कि नावों की सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने के साथ राघोपुर में पुल निर्माण की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो और ऐसे हादसों का खतरा कम किया जा सके।
