उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में करोड़पति कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में फरार चल रही मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रद्धा दुबे की तलाश अब नेपाल सीमा तक पहुंच गई है। श्रद्धा की लग्जरी कार नेपाल बॉर्डर के पास लावारिस हालत में मिलने के बाद उसके देश छोड़कर भागने की आशंका गहरा गई है। इस मामले में पुलिस के सामने अब सिर्फ शिवा की मौत का रहस्य सुलझाने की चुनौती नहीं है, बल्कि श्रद्धा के संपर्कों, कथित ब्लैकमेलिंग, पुराने रंगदारी विवाद और घटना के बाद अपार्टमेंट के बाहर पहुंची सफेद ऑडी की भी जांच करनी है।

पुलिस को श्रद्धा के पुराने परिचित रिजवान से पूछताछ में नेपाल सीमा के पास रूपईडीहा तक दोनों बहनों को छोड़ने से जुड़ा दावा भी मिला है। दूसरी ओर, शिवा और श्रद्धा के बीच बातचीत के ऑडियो, मोबाइल चैट और संदिग्ध लोगों के संपर्कों की पड़ताल की जा रही है। शिवा शर्मा की मौत नौ अक्टूबर को लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई थी।

घटना के बाद से श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और उनके सहयोगियों की तलाश जारी है। बुधवार को नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास श्रद्धा की कार लावारिस हालत में मिलने की खबर सामने आई। इसके बाद जांच एजेंसियों ने सीमावर्ती इलाकों में तलाश तेज कर दी। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि कार वहां कैसे पहुंची और उसे किसने छोड़ा। क्या श्रद्धा और रश्मि इसी रास्ते से नेपाल गईं या सीमा तक पहुंचने के बाद किसी दूसरे वाहन अथवा व्यक्ति की मदद ली गई, यह अभी जांच का विषय है। सीमा के पास कार मिलना फरारी की दिशा में अहम सुराग माना जा रहा है, लेकिन केवल कार की बरामदगी से यह साबित नहीं होता कि दोनों बहनें नेपाल पहुंच चुकी हैं।

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रिजवान ने किया दोनों बहनों को रूपईडीहा तक छोड़ने का दावा

मामले में श्रद्धा के पुराने परिचित रिजवान का नाम भी सामने आया है। रिजवान ने पूछताछ में दावा किया कि अस्पताल से फोन आने के बाद वह अपनी स्विफ्ट डिजायर कार लेकर पहुंचा था। उसके मुताबिक, श्रद्धा और रश्मि उसकी कार में बैठीं और वह दोनों को नेपाल सीमा के नजदीक रूपईडीहा तक छोड़कर लौट आया। उसने यह भी दावा किया कि वहां से श्रद्धा को किसी दूसरे व्यक्ति के साथ आगे जाना था।

अब पुलिस इस बयान की सत्यता की जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि दोनों बहनों को आगे ले जाने वाला व्यक्ति कौन था, क्या उसने सीमा पार कराने में मदद की और फरारी की योजना में अन्य लोग भी शामिल थे। रिजवान के बयान और सीमा के पास मिली कार के बीच संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पूछताछ को गिरफ्तारी या आरोप सिद्ध होने के बराबर नहीं माना जा सकता।

 

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हिस्ट्रीशीटर ऋषभ राय और रंगदारी के पुराने मामले की भी चर्चा

शिवा शर्मा की मौत के मामले में एक पुराना रंगदारी विवाद भी जांच के दायरे में चर्चा में आया है।  अगस्त 2025 में शिवा के कैफे पर हिस्ट्रीशीटर ऋषभ राय और उसके साथियों द्वारा कथित तौर पर एक लाख रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया था। इस संबंध में विभूतिखंड थाने में शिकायत दर्ज कराए जाने और धमकी से जुड़ा ऑडियो सामने आने की खबरें हैं।

पुलिस इस पुराने विवाद और मौजूदा मामले के बीच किसी संभावित संबंध की पड़ताल कर सकती है। हालांकि, ऋषभ राय का नाम पुराने रंगदारी प्रकरण में सामने आना अपने आप में शिवा की मौत में उसकी संलिप्तता साबित नहीं करता। मौजूदा मामले में उसकी भूमिका को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए पुलिस की आधिकारिक पुष्टि और जांच के नतीजे जरूरी हैं।

‘सचिवालय’ पास वाली सफेद ऑडी ने भी खड़े किए सवाल

शिवा की मौत के मामले में अपार्टमेंट परिसर के सीसीटीवी फुटेज में एक सफेद ऑडी कार दिखाई देने की खबर भी सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, यह कार घटना के करीब 15 मिनट बाद परिसर के आसपास पहुंची और फिर वहां से निकल गई। गाड़ी पर सचिवालय का पास लगा दिखाई देने की बात भी कही गई है।इस कार को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।

घटना के बाद गाड़ी वहां क्यों आई, उसमें कौन सवार था और उसका श्रद्धा या शिवा से क्या संबंध था? पुलिस इन बिंदुओं की जांच कर रही है। अभी तक सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि कार किसके नाम पर पंजीकृत है, उसमें कौन आया था या उसका किसी अधिकारी अथवा राजनीतिक व्यक्ति से संबंध है। इसलिए केवल सचिवालय का पास दिखाई देने के आधार पर किसी व्यक्ति या विभाग की भूमिका तय करना उचित नहीं होगा।

चैट और ऑडियो में ‘संजय सर’ का जिक्र

शिवा और श्रद्धा के बीच बातचीत से जुड़े कुछ ऑडियो भी चर्चा में हैं।  बातचीत में श्रद्धा की ओर से ‘संजय सर’ से शिकायत करने और शिवा को जेल भिजवाने की धमकी देने जैसी बातें सुनाई देने का दावा किया गया है। इन ऑडियो की सामग्री को मामले की जांच के संदर्भ में देखा जा रहा है।

‘संजय सर’ कौन हैं, उनका पद क्या है और उनका इस मामले से कोई वास्तविक संबंध है या नहीं, इस बारे में अब तक स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसी तरह, चैट में कथित तौर पर कुछ राजनीतिक संपर्कों का उल्लेख होने की खबरें भी आई हैं, लेकिन उन संपर्कों की प्रकृति और शिवा की मौत से उनका संबंध अभी स्थापित नहीं हुआ है। किसी नाम का बातचीत में आना अपने आप में अपराध में संलिप्तता का प्रमाण नहीं है।

 मां ने लगाए प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग के आरोप

शिवा की मां रंजना शर्मा ने श्रद्धा दुबे और उससे जुड़े लोगों पर बेटे को प्रताड़ित करने, धमकाने और ब्लैकमेल करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मां का दावा है कि शिवा को शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान किया जाता था। उन्होंने बेटे के शरीर पर चोटों और सिगरेट से जलाए जाने के निशान होने की बात भी कही है।परिवार की शिकायत के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज किए जाने की खबर है। पुलिस शिवा की मौत से जुड़े हालात, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और दोनों के बीच हुई बातचीत समेत विभिन्न साक्ष्यों की जांच कर रही है। परिवार के आरोप गंभीर हैं, लेकिन मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निकलेगा।

 

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तीन आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम

पुलिस ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तलाश तेज की है। रिपोर्टों के मुताबिक, श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक तनवीर अली उर्फ दानिश पर सूचना देने के लिए 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। आरोपियों की तलाश में कई पुलिस टीमें लगाई गई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

जांच में अब कई सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं श्रद्धा की कार नेपाल सीमा तक कैसे पहुंची, दोनों बहनों को रूपईडीहा तक छोड़ने के दावे की सच्चाई क्या है, सफेद ऑडी में कौन आया था और शिवा-श्रद्धा की बातचीत में सामने आए नामों का मामले से कोई संबंध है या नहीं। इन सवालों के जवाब मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिवा शर्मा की मौत से जुड़े घटनाक्रम में कौन-कौन लोग शामिल थे और फरारी में किसने मदद की।