पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। चुनाव आयोग ने राज्य की अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी है। इस नई लिस्ट के अनुसार, इस बार लगभग 2 करोड़ से ज्यादा वोटर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। स्पेशल इंटेशिव रिवीजन ( SIR ) का काम पूरा होने के बाद आयोग ने अपनी लिस्ट जारी की है। पहले जारी लिस्ट में लगभग 2 करोड़ 14 लाख से ज्यादा वोटर थे। लिस्ट से 13.6 लाख वोटर के नाम हटाए गए हैं। लिस्ट आने के बाद राज्य के सभी पार्टियों ने चुनाव आयोग को बधाई दी है। 

 

इस बार कुल दो करोड़ एक लाख सात सौ सत्ताईस वोटर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। आयोग द्वारा पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी करने के बाद इसे  ECI वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया गया है।

 

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वोटर लिस्ट से जुड़े आंकड़े

इस बार के विधानसभा में कुल वोटर की संख्या 2,01,00,727 हैं। इसमें पुरुष वोटरों की संख्या 1,03,76,026 जबकि महिलाओं की संख्या 97,24,195 हैं। इसके साथ ही थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 506 हैं। 

क्यों कम हुए वोटरों के नाम?

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अनिंदिता मित्रा ने बताया कि सत्यापन के दौरान लगभग 6.3 प्रतिशत वोटों में कमी आई है। उन्होंने बताया कि कई मतदाताओं का निधन हो चुका था।  साथ ही कुछ लोग स्थायी रूप से राज्य छोड़कर दूसरी जगह चले गए थे। उन्होंने बताया कि कुछ मतदाता ऐसे थे जो अपने दिए गए पते पर नहीं मिले या फिर एक ही व्यक्ति का नाम दो जगह दर्ज था।

कैसे हुई प्रक्रिया पूरी?

अभियान की शुरुआत में अगस्त महीने में जो ड्राफ्ट सूची आई थी उसमें से 20,66,608 नाम हटाए गए थे। इससे मतदाताओं की संख्या घटकर 1,93,94,435 रह गई थी। कई फर्जी और पुराने नाम हटाए गए। पुराने नाम हटाए जाने के बाद लिस्ट में कई नाम जोड़े गए। इस वजह से लगभग  7.06 लाख नए मतदाताओं को जोड़ा गया। इनमें बड़ी संख्या में पहली बार वोट देने वाले युवा और महिलाएं शामिल हैं। सत्यापन की शुरुआत में करीब 12.80 लाख ऐसे वोटर थे जिनका पुराना रिकॉर्ड नहीं मिल रहा था और 22 लाख नामों में गलतियां थीं। आयोग ने 34 लाख लोगों को नोटिस भेजकर उनकी बात सुनने के बाद लिस्ट में हुई कई गलतियों को सुधारा गया।

 

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BLA की मदद से पूरी हुई लिस्ट

राजनीतिक दलों के 'ब्लॉक लेवल असिस्टेंट' (BLA) की मदद से मृतकों के डेथ सर्टिफिकेट जुटाए गए। साथ ही दोहरे वोटों की अलग सूची बनाई गई ताकि पूरी प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनी रहे। यह अंतिम सूची सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ भी शेयर कर दी गई है।

 

पंजाब के सभी राजनीतिक दलों ने इस लिस्ट के आने के बाद चुनाव आयोग को बधाई दी है। उनका कहना है कि समय पर इस काम को पूरा कर लिया गया जिससे वोटरों को आसानी होगी। बीजेपी ने विपक्षी दलों पर सवाल उठाया है और कहा है कि पंजाब में इनको  SIR से कोई दिक्कत नहीं हैं जबकि अन्य जगहों पर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है।