कर्नाटक के चिक्काबल्लापुर के बापूजीनगर इलाके में पुलिस ने एक मर्डर केस को सुलझाते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है। शुरुआत में इस मामले को बुर्का पहने अंजान बदमाशों की ओर से आधी रात को की गई लूट और मर्डर के रूप में दिखाया गया था। चिक्काबल्लापुर जिला पुलिस और लोकल पुलिस चौकी की जांच में सामने आया कि घर की बहू भव्या ने खुद को ब्लैकमेलिंग से बचाने के लिए अपनी मां, नानी और एक अपराधी के साथ मिलकर अपनी ही ननद पुष्पलता की हत्या की यह पूरी साजिश रची थी।
28 मई की रात को पुलिस कंट्रोल रूम में भव्या ने फोन किया। उसने रोते हुए बताया कि आधी रात को दो बुर्का पहने लोग उसके घर में घुस आए। उन लोगों ने भव्या की आंखों में मिर्ची का स्प्रे डाला और उसे पीटा। इसके बाद बदमाशों ने घर में सो रही उसकी 23 साल की ननद पुष्पलता का गला काटकर उसे मार डाला। भव्या ने कहा कि बदमाश पुष्पलता का सोने का मंगलसूत्र लूटकर भाग गए। पुष्पलता लोकल आरटीओ ऑफिस में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करती थी। इस घटना के बाद भव्या इलाज के लिए एक अस्पताल में भर्ती हो गई।
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मेडिकल रिपोर्ट का सच
चिक्काबल्लापुर के एसपी कुशल चौकसे अपनी टीम के साथ अस्पताल पहुंचे और भव्या के दावों की जांच की। डॉक्टरों की जांच में सामने आया कि पुष्पलता के गले के कट करने के निशान से बहुत कम खून बहा था। इससे साफ था कि गला काटने से पहले ही उसका दम घोंटकर उसे मार दिया गया था और बाद में सिर्फ नाटक करने के लिए गला काटा गया। इसके अलावा डॉक्टरों को भव्या की आंखों और चेहरे पर मिर्ची के स्प्रे का कोई असर नहीं मिला। उसके शरीर पर मारपीट का कोई निशान भी नहीं था। भव्या इस बात का जवाब भी नहीं दे पाई कि उसने आधी रात को किसी अनजान इंसान के लिए घर का दरवाजा क्यों खोला था। महिला पुलिस अफसरों की पूछताछ में भव्या ने पूरी सच्चाई बता दी।
भव्या की शादी होसकोटे में हुई थी लेकिन वह अपने पति को छोड़कर कृष्णा नाम के एक ट्रक ड्राइवर के साथ भाग गई थी। कुछ समय बाद कृष्णा उसके कुछ प्राइवेट वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करने लगा। इस परेशानी से बचने के लिए भव्या ने अपने एक दूर के रिश्तेदार लोहित से मदद मांगी। लोहित ने वे वीडियो खुद ले लिए और भव्या को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। लोहित को जुए और शराब की लत थी और उसने दो बार में भव्या से 6 लाख रुपये वसूल कर जुए में उड़ा दिए।
जब लोहित ने और पैसों की मांग की तो भव्या ने यह बात अपनी मां एन विजयलक्ष्मी और नानी नागम्मा को बताई। पैसों के दबाव और पारिवारिक झगड़ों के कारण इन तीनों महिलाओं ने तय किया कि वे ननद पुष्पलता को जान से मार देंगी। इसके बाद वे उसके सोने के गहने चोरी करके लोहित को दे देंगी ताकि ब्लैकमेलिंग खत्म हो जाए।
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अकेलेपन का बहाना
27 मई को पुष्पलता के पति भरत और उसके ससुर किसी धार्मिक यात्रा पर तमिलनाडु गए हुए थे। पुष्पलता अलग रहती थी लेकिन भव्या ने उसे फोन करके कहा कि वह घर में अकेली है और उसे डर लग रहा है। उसने पुष्पलता को रात को अपने घर आकर सोने के लिए मना लिया। आधी रात को जब पुष्पलता सो रही थी तब भव्या ने घर का मुख्य दरवाजा खोल दिया। लोहित अंदर आया और उसने तकिए से मुंह दबाकर पुष्पलता का दम घोंट दिया जिससे उसकी मौत हो गई।
मर्डर के बाद इसे चोरी का मामला दिखाने के लिए लोहित ने एक धारदार हथियार से पुष्पलता का गला काटा और उसका मंगलसूत्र खींचकर भाग गया। लोकल पुलिस चौकी और जिला पुलिस की टीम ने जांच के बाद इस पूरी झूठी बात को पकड़ लिया। पुलिस ने मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों लोहित (उर्फ लॉली), भव्या, उसकी मां विजयलक्ष्मी और नानी नागम्मा को गिरफ्तार कर लिया।
