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सिक्किम लैंडस्लाइड में 10 मजदूरों की मौत, 15 से ज्यादा फंसे; रेस्क्यू जारी

सिक्किम के नामची में NHPC की तीस्ता स्टेज-VI परियोजना की ADIT-3 सुरंग भूस्खलन से ढह गई। हादसे में 10 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 15 से ज्यादा के फंसे होने की आशंका है।

Sikkim tunnel collapse in Namchi

NHPC की तीस्ता स्टेज-VI जलविद्युत परयोजना, Photo Credit: Social Media

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सिक्कम के नामची जिले में एक बड़ा हादसा हो गया। यहां NHPC की तीस्ता स्टेज-VI जलविद्युत परयोजना के तहत बन रही ADIT-3 सुरंग सोमवार को भूस्खलन की वजह से ढह गई। इस हादसे में अब तक 10 मजरूरों की मौत हो चुकी है। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट में यह भी बयाता जा रहा है कि 15 से ज्यादा मजदूरों के अभी भी अंदर फंसे होने की आशंका है। प्रशासन का कहना है कि राहत और बचाव का काम लगातार जारी है। साथ ही अधिकारीयों ने आशंका जताई है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।

 

मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने बताया कि हादसे के वक्त सुरंग के अंदर परियोजना के अधिकारी और मजदूर मिलाकर करीब 25 लोग मौजूद थे। तभी अचानक भूस्खलन हुआ और सुरंग का एक हिस्सा ढह गया। इसकी वजह से अंदर काम कर रहे कई लोग महबे में फंस गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद कई एजेंसियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया।

 

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मृतकों की पहचान बाकी

नामची पुलिस के अनुसार, मंगलवार सुबह साढ़े नौ बजे तक 10 शव बरामद किए जा चुके थे। इनमें से छह की पहचान हो चुकी है जबकि बाकी शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। मृतकों में पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी के चार मजदूर शामिल हैं। इसके अलावा असम, पंजाब, उत्तराखंड के देहरादून और सिक्किम के नामजी के 1-1 व्यक्ति की भी मौत हुई है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायात देने का आश्वासन दिया है।

PM मोदी और अमित शाह ने लिया जायजा

मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने बताया कि हादसे की खबर मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें फोन किया और पूरी घटना की जानकारी ली। दोनों नेताओं ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताई और भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार हर तरह की मदद के लिए पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और राहत-बचाव अभियान को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है।

 

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गैस रिसाव से रेस्क्यू में बढ़ी चुनौती

अधिकारियों के मुताबिक, भूस्खलन की वजह से सुरंग का मुहाना पूरी तरह बंद हो गया है, जिससे रेस्कयू ऑपरेशन में काफी दिक्कत आ रही है। वहीं सुरंग के अंदर गैस रिसाव की आशंका ने बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। गैस के असर से कई रेस्क्यूकर्मियों को चक्कर आ गए जबकि कुछ बेहोश भी हो गए। फिलहाल जिला प्रशासन, सिक्किम पुलिस, SDRF, NDRF और फायर एंड इमरजेंसी सर्विस समेत कई एजेंसियां मिलकर युद्धस्तर पर रहात और बचाव अभियान चला रही हैं। प्रशासन का कहना है कि सुरंग में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव कोशिश की जा रही है।

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