हिमाचल प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने लगा है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के 8 अक्तूबर को जारी बुलेटिन के अनुसार अगले कुछ दिनों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ हल्की बर्फबारी होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 8 अक्तूबर को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर के कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान और बिजली चमकने की चेतावनी जारी की है।

 

मौसम में बदलाव का असर सबसे अधिक प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। 8 और 9 अक्तूबर को ऊंचे क्षेत्रों में हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना है। इसके बाद भी 10 से 14 अक्तूबर के बीच प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर बने रहने का अनुमान है। ऐसे में लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा, कुल्लू और अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम तेजी से ठंडा होने के आसार हैं।

 

8 अक्तूबर को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है। बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न होने और कमजोर ढांचों तथा उड़ने वाली वस्तुओं से दूर रहने को कहा गया है।

 

यह भी पढ़ें: हिमाचल प्रदेश में अब 5 नहीं 10 लाख का होगा हिमकेयर, AI से होगी निगरानी

बारिश के बाद बढ़ेगी ठंड, तापमान में उतार-चढ़ाव

अगले तीन-चार दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी का अनुमान है, लेकिन ऊंचे क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी के कारण ठंड का असर बढ़ सकता है। अधिकतम तापमान में भी अगले 24 घंटे के दौरान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद तापमान में बड़े बदलाव की संभावना कम है।

8 अक्तूबर को कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। वहीं ऊना में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई।

 

बिलासपुर के झंडूता में 3 सेंटीमीटर, शिमला जिले के सराहन में 2 सेंटीमीटर तथा पांवटा, शिमला और सोलन में 1-1 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। शिमला में ओलावृष्टि भी हुई।

 

यह भी पढ़ें: साच पास में सीजन की तीसरी बर्फबारी, पांगी का चंबा से संपर्क कटा

पर्यटकों और वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह

मौसम में बदलाव के बीच पहाड़ी सड़कों पर सफर करने वाले वाहन चालकों और पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश के दौरान फिसलन बढ़ने के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अचानक मौसम खराब हो सकता है। नदी-नालों और भूस्खलन संभावित स्थानों के आसपास जाने से बचना जरूरी है।

 

आंधी और बिजली के दौरान खुले स्थानों में गतिविधियां सीमित रखने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार 9 से 14 अक्तूबर के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रह सकता है, हालांकि 9 अक्तूबर के बाद किसी जिले के लिए अलग से विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है।