पूर्व क्रिकेटर और सांसद यूसुफ पठान को बड़ी राहत मिली है। गुजरात के वडोदरा में उनकी एक जमीन थी, जिसे लेकर वडोदरा नगर निगम हाई कोर्ट तक चली गई थी। यूसुफ पठान पर आरोप था कि उन्होंने नगर निगम के प्लॉट पर कब्जा किया था। अब उसी प्लॉट को वडोदरा नगर निगम उन्हें देने की प्रक्रिया में है। यूसुफ पठान को उनके प्लॉट के साथ करीब 500 वर्ग मीटर जमीन अतिरिक्त देने का प्रस्ताव भी है।
गुजरात सरकार ने वडोदरा नगर निगम को विवादित जमीन यूसुफ पठान को देने की मंजूरी दी है। यह जमीन वडोदरा के तांदलजा इलाके में स्थित है, जहां यूसुफ का 478 वर्ग मीटर का प्लॉट है। इसी प्लॉट के साथ 500 वर्ग मीटर अतिरिक्त जमीन देने का प्रस्ताव है। गुजरात सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की जीत के बाद यूसुफ पठान समेत 20 सांसदों ने तृणमूल कांग्रेस का साथ छोड़ दिया। इसके बाद ही बाद गुजरात सरकार ने यूसुफ को यह तोहफा दिया।
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क्या बोले नगर निगम के अधिकारी?
इस मामले को लेकर नगर निगम आयुक्त अरुण महेश बाबू ने बताया कि यूसुफ को जमीन सौंपने की मंजूरी राज्य सरकार ने दी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस जमीन को लेकर आगे की प्रक्रिया अभी बाकी है। इस प्रस्ताव को जनरल बोर्ड की मंजूरी की प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसके बाद ही यूसुफ को यह जमीन मिल पाएगी।
क्या था जमीन का विवाद?
2012 में यूसुफ पठान ने प्लॉट को 99 साल की लीज पर देने की मांग की थी। तब वडोदरा नगर निगम की कमेटी और जनरल बोर्ड ने बिना नीलामी के प्लॉट यूसुफ पठान को देने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया था। इसके बाद अंतिम मंजूरी के लिए इसे राज्य सरकार के पास भेजा गया।
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गुजरात सरकार ने 2014 में इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। सरकार ने कहा था कि इतनी महंगी जमीन बिना खुली बोली के किसी व्यक्ति को नहीं दी जा सकती। सरकार द्वारा प्रस्ताव खारिज किए जाने के बाद भी यूसुफ पठान ने जमीन पर कब्जा कर बाउंड्री वॉल बना दी थी।2024 में नगर निगम ने यूसुफ को नोटिस भेजा, जिसके बाद यूसुफ पठान गुजरात हाई कोर्ट पहुंचे। कोर्ट ने यूसुफ को फटकार लगाई और जमीन खाली करने का निर्देश दिया।
इसके बाद गुजरात सरकार ने यूसुफ पठान को प्लॉट देने के प्रस्ताव को मंजूरी देने का फैसला किया। इसके मुताबिक, अब यूसुफ को जमीन की कीमत का 50 फीसदी भुगतान करना होगा। जानकारी के मुताबिक, इस जमीन की कीमत लगभग 20.53 करोड़ रुपये है।
