जनसमर्थ पोर्टल के जरिए किसान क्रेडिट कार्ड योजना चलाई जा रही है। इस योजना से देश के सभी किसान अपनी खेती और पशुपालन के खर्चे बहुत आसानी से पूरे कर सकते हैं। इसमें किसानों को 5 साल के लिए 1.5 से 3 लाख रुपये तक का लोन मिलता है। इस लोन पर सिर्फ 4 प्रतिशत की बहुत कम ब्याज दर लगती है।

 

अगर किसान समय पर पैसा चुका देते हैं तो सरकार उन्हें 2 प्रतिशत की ब्याज छूट देती है। इसके अलावा समय पर कर्ज चुकाने पर 3 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट भी मिलती है। इससे किसानों को लोन चुकाने में बहुत बड़ी राहत मिलती है और वे बिना किसी परेशानी के अपनी खेती को आगे बढ़ा सकते हैं।

 

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ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

  • सबसे पहले उस बैंक की वेबसाइट पर जाएं जिससे आप लोन लेना चाहते हैं।
  • इसके बाद वेबसाइट पर जाकर किसान क्रेडिट कार्ड के विकल्प को चुनें।
  • अप्लाई के बटन पर क्लिक करके आवेदन वाले पेज पर पहुंच जाएं।
  • फॉर्म में अपनी सभी जरूरी जानकारी सही से भरकर उसे जमा कर दें।
  • फॉर्म जमा होने के बाद आपको एक नंबर मिल जाएगा। अगर आप योग्य हैं तो बैंक 3 से 4 दिन में आपसे संपर्क कर लेगा।

ऑफलाइन आवेदन कैसे करें?

  • अपने पास वाली बैंक की शाखा में जाएं।
  • वहां से किसान क्रेडिट कार्ड का फॉर्म ले लें।
  • फॉर्म में पूछी गई सभी जानकारी को ठीक से भरें।
  • फॉर्म के साथ जमीन के कागज, पहचान पत्र, पता और फोटो जैसे जरूरी दस्तावेज जोड़ें।
  • इसके बाद भरे हुए फॉर्म और दस्तावेजों को बैंक में जमा कर दें। इसके बाद बैंक जांच करके लोन की प्रक्रिया पूरी कर देगा।

किसे मिलता है किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ?

इस योजना का फायदा वे सभी किसान उठा सकते हैं जिनके पास अपनी खुद की खेती की जमीन है। इसके अलावा जो लोग बटाई पर खेती करते हैं और मौखिक रूप से जमीन लेकर काम करते हैं वे भी आवेदन कर सकते हैं। किसानों के स्वयं सहायता समूह भी इस योजना के तहत आवेदन करने के लिए पूरी तरह योग्य माने जाते हैं।

 

इस योजना के तहत मिलने वाले लोन की कोई पक्की अधिकतम या न्यूनतम सीमा तय नहीं होती है। यह लोन इस बात पर मिलता है कि आपके पास कितनी जमीन है और आपको खेती के लिए कितने पैसों की जरूरत है। अगर आप 1.5 लाख से 3 लाख रुपये तक का लोन लेते हैं तो बैंक में फसल को गिरवी रखने के नियम होते हैं। अगर आप इससे ज्यादा बड़ा लोन लेते हैं, तो आपको अपनी जमीन गिरवी रखनी पड़ती है।

 

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कार्ड की वैधता और जांच की पूरी प्रक्रिया

किसान क्रेडिट कार्ड आमतौर पर 5 साल के लिए बनता है। इस दौरान किसान एटीएम, माइक्रो एटीएम या मोबाइल बैंकिंग के जरिए आसानी से पैसे निकाल सकते हैं। इसके बाद बैंक हर साल इस बात की जांच करता है कि किसान ने समय पर पैसा चुकाया है या नहीं। बैंक यह भी देखता है कि उनका काम कैसा चल रहा है। इससे यह तय होता है कि कार्ड आगे चालू रहेगा या बंद होगा।