अमेरिकी राष्ट्रपति
डोनाल्ड ट्रंप
ने सोमवार को व्हाइट हाउस में दावा किया है कि चर्चित भारतीय कारोबारी समूह एस्सार ग्रुप अब अमेरिका में 18 अरब डॉलर का तगड़ा निवेश करेगा। एस्सार ग्रुप की अमेरिकी कंपनी मेसाबी मेटालिक्स अब अमेरिका में बड़े स्टील प्लांट को बनाने की तैयारी में है। कंपनी आयोवा राज्य में करीब 18 अरब डॉलर के निवेश से स्टील प्लांट बनाएगी।
डोनाल्ड ट्रंप ने इसे अमेरिका के इतिहास का सबसे बड़ा स्टील प्लांट बताया। एस्सार ग्रुप के सह-संस्थापक रवि रुइया और मेसाबी मेटालिक्स के चेयरमैन रेवंत रुइया भी डोनाल्ड ट्रंप के साथ नजर आए। प्लांट की क्षमता हर साल 1 करोड़ टन स्टील बनाने की है। साल 2030 तक, प्लांट से उत्पादन भी शुरू हो जाएगा।
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रेवंत रुइया, सह संस्थापक, मेसाबी मेटालिक्स:-
मेरा जन्म भारत में हुआ, लेकिन मैंने हाई स्कूल न्यूयॉर्क में, कॉलेज बोस्टन में और एमबीए कैलिफोर्निया में किया। मैंने अपनी आधी जिंदगी अमेरिका में बिताई है, इसलिए आज इस निवेश की घोषणा करना मेरे लिए सचमुच घर वापसी जैसा है।
कैसे काम करेगा यह प्लांट?
आयोवा का यह प्लांट अमेरिका की एक यूनिफाइड सप्लाई चेन का हिस्सा होगा। इसके लिए लौह अयस्क मिनेसोटा की मेसाबी आयरन रेंज में मेसाबी मेटालिक्स की बन रही नई खदान से आएगा। कंपनी इस खदान में अब तक करीब 2.5 अरब डॉलर लगा चुकी है।
प्लांट की क्षमता क्या होगी?
खदान से हर साल करीब 75 लाख टन लौह अयस्क निकलने की उम्मीद है। इससे करीब 350 लोगों को रोजगार मिलेगा। पूरे प्रोजेक्ट से निर्माण के दौरान हजारों नौकरियां बनेंगी। स्टील और खनन के कामों में करीब 2,000 स्थायी पद भी तैयार होंगे।
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डोनाल्ड ट्रंप इतनी तारीफ क्यों कर रहे हैं?
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मिनेसोटा की खदान अमेरिका में 50 साल से ज्यादा समय में खुलने वाली पहली नई लौह अयस्क खदान होगी। उन्होंने कहा कि यह स्टील अमेरिका में ही खोदा जाएगा, पिघलाया जाएगा और बनाया जाएगा। उनके मुताबिक यह बहुत असामान्य बात है।
निवेश से घर वापसी कर रहे हैं रेवंत रुइया?
रेवंत रुइया ने कहा कि उनका जन्म भारत में हुआ था लेकिन उन्होंने न्यूयॉर्क, बोस्टन और कैलिफोर्निया में पढ़ाई की। उनकी आधी जिंदगी अमेरिका में गुजरी है। उन्होंने इस निवेश को सच्ची घर वापसी बताया। उन्होंने कहा कि खदान से मिल तक पूरी सप्लाई चेन एक ही जगह बनेगी।
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उम्मीदें क्या हैं?
रेवंत रुइया ने अमेरिका में इस प्रोजेक्ट को शुरू कराने के लिए डोनाल्ड ट्रंप को शुक्रिया कहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्लांट में आधुनिक तकनीक इस्तेमाल होगी। उनके मुताबिक यह आकार, गुणवत्ता और लागत में दुनिया के किसी भी स्टील प्लांट को कड़ी टक्कर देगा।
स्टील टैरिफ की वजह से हुआ निवेश?
डोनाल्ड ट्रंप और मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने इस निवेश का श्रेय अमेरिकी प्रशासन के स्टील टैरिफ को दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अब कंपनियां अमेरिका में इसलिए निर्माण कर रही हैं, क्योंकि वे टैरिफ नहीं देना चाहतीं।