केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। लगातार 9वीं बार उन्होंने बजट पेश किया है। बजट में आम आदमी को राहत देने वाली कई घोषणाएं की गईं, लेकिन आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया। वित्त मंत्री ने पारंपरिक लाल 'बही-खाता' स्टाइल में डिजिटल टैबलेट लेकर बजट पेश किया। उनका बजट भाषण 81 मिनट का रहा।
भाषण तीन मुख्य 'कर्तव्यों' पर आधारित था, आर्थिक विकास को तेज करना और बनाए रखना, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना, और 'सबका साथ, सबका विकास' का नजरिया। बजट का फोकस छात्रों, किसानों, महिलाओं, स्वास्थ्यकर्मियों, निवेशकों और करदाताओं पर रहा, जो आम आदमी को फायदा पहुंचाएगा।
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किसानों के लिए बड़ी घोषणाएं क्या हैं?
किसानों को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए। एक नारियल प्रोत्साहन योजना शुरू की गई, जिससे नारियल की पैदावार और उत्पादकता बढ़ेगी और भारत की प्रतिस्पर्धा मजबूत होगी। भारतीय काजू और कोकोनट के लिए अलग कार्यक्रम शुरू किया गया। इसका लक्ष्य कच्चे काजू और नारियल के उत्पादन व प्रोसेसिंग में आत्मनिर्भर बनना और निर्यात बढ़ाना है। ये योजनाएं खासकर दक्षिण भारत के किसानों को फायदा देंगी। तमिलनाडु और केरल में इस साल चुनाव होने वाले हैं।
टैक्सपेयर्स को क्या मिला?
आयकरदाताओं के लिए राहत है। इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ, लेकिन करदाताओं को आईटी रिटर्न फाइल करने में अब आसानी होगी। संशोधित आईटीआर फाइल करने की डेडलाइन अब 31 मार्च तक बढ़ा दी गई है। यह तारीख पहले 31 दिसंबर थी।
अपडेटेड आईटीआर में भी बदलाव किए गए। मुकदमेबाजी कम करने के लिए एक नया प्रावधान लाया गया - अब री-असेसमेंट शुरू होने के बाद भी करदाता रिटर्न अपडेट कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें उस साल के लागू टैक्स रेट पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स देना होगा। फिर असेसिंग ऑफिसर उसी अपडेटेड रिटर्न का इस्तेमाल करेगा।
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दवाइयां सस्ती होने वाली हैं
कैंसर मरीजों के इलाज का खर्च कम करने के लिए 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटा दी गई। साथ ही, सात अतिरिक्त दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाओं, दवाइयों और स्पेशल मेडिकल फूड पर एक्सपोर्ट ड्यूटी सब्सिडी को बढ़ाया गया। इससे मरीजों, खासकर कैंसर पीड़ितों पर आर्थिक बोझ कम होगा और दुर्लभ बीमारियों के मरीजों को पर्सनल यूज के लिए ड्यूटी-फ्री आयात आसान होगा।
फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस पर एसटीटी बढ़ाई गई
सट्टेबाजी रोकने के लिए डेरिवेटिव्स सेगमेंट में सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) बढ़ाया गया है। फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स पर एसटीटी अब 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत कर दिया गया। ऑप्शंस प्रीमियम और ऑप्शंस एक्सरसाइज पर एसटीटी 0.1 प्रतिशत और 0.125 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया गया।
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छात्रों को क्या मिलने वाला है?
लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत शिक्षा के लिए टैक्स कलेक्शन एट सोर्स (TCS) रेट 2 प्रतिशत कर दिया गया। ओवरसीज टूर पैकेज की बिक्री पर भी यही रेट लागू होगा। 'एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज' नाम से एक स्थायी समिति बनाई जाएगी, जो सर्विस सेक्टर के विकास पर सुझाव देगी।
छात्राओं को क्या मिलेगा?
पूर्वी भारत में एक नया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन बनेगा। बड़े इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर के पास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनेंगी। हर जिले में लड़कियों के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे और कम्युनिटी-ओन्ड 'शी मार्ट्स' शुरू होंगे।
बैंकिंग सेक्टर में ग्राहकों के लिए क्या है?
बैंकिंग सेक्टर की समीक्षा के लिए एक हाई-लेवल कमिटी बनाई जाएगी। पब्लिक सेक्टर एनबीएफसी जैसे पीएफसी और आरईसी को रिस्ट्रक्चर किया जाएगा, जिससे उनकी कार्यक्षमता बढ़े।