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आज शुरू हो रहा JIO का IPO, पैसे लगाने हैं तो ABCD समझ लीजिए

अगर आप भी शेयर मार्केट में पैसे लगाना चाहते हैं लेकिन IPO के बारे में नहीं जानते हैं तो JIO का IPO आने से पहले इसके बारे में सबकुछ जान लीजिए।

JIO के मुखिया अनंत अंबानी

JIO के मुखिया अनंत अंबानी, Photo Credit: ANI

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साल 2016 में लॉन्च हुआ JIO अब अपना IPO यानी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग ला रहा है। आज यानी 21 अक्तूबर से इसकी बुकिंग शुरू हो रही है। इसका मतलब है कि अगर आप JIO का IPO लेना चाहते है तो आज से बुकिंग शुरू कर सकते हैं। इस IPO के जरिए JIO लगभग 30 हजार करोड़ रुपये जुटाना चाहता है। लॉन्च के 10 साल बाद JIO ऐसे वक्त में IPO ला रहा है जब भारत में उसके पास लगभग 53 करोड़ से ज्यादा ग्राहक हैं। ऐसे में जियो को उम्मीद है कि उसका IPO अच्छा जाएगा और लिस्टिंग के समय उसके साथ-साथ IPO में पैसे लगाने वालों को भी अच्छा मुनाफा होगा।

 

अगर आप शेयर मार्केट के बारे में कम जानकारी रखते हैं या IPO में अभी तक पैसे नहीं लगाए हैं तो आपके लिए हर सवाल का जवाब जान लेना जरूरी है। साथ ही, यह भी समझना जरूरी है कि ये पैसे कैसे और कहां लगाने हैं। इसके अलावा, इसमें शामिल रिस्क, रिटर्न की उम्मीद और कंपनी का हालत के बारे में भी समझ लेना जरूरी है।

JIO IPO से क्या है उम्मीद?

जियो ऐसे वक्त यह IPO ला रहा है जब स्टारलिंक के कर्ता-धर्ता एलन मस्क खुलेआम अंबानी पर हमले कर रहे हैं। हालांकि, रिलायंस ने विवादों से बचने की कोशिश की है कि और कहा है कि वह कंपटीशन का स्वागत कर करता है। इस सबके बीच ग्रे मार्केट में जियो के शेयर और आईपीओ को लेकर खूब चर्चा हो रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि जियो का आईपीओ निवेशकों की अच्छा कमाई करवा सकता है।

 

यह भी पढ़ें: एलन मस्क-मुकेश अंबानी के बीच क्या है विवाद, भारत में स्टारलिंक से किसका फायदा?

 

आज सुबह 8 बजे लगभग 25 प्रतिशत प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा था। इसका मतलब है कि लिस्टिंग के बाद हर शेयर पर 250 से 300 रुपये का इजाफा हो सकता है। हालांकि, बता दें कि अभी यह शुरुआत है और इसमें बदलाव भी हो सकता है। दूसरी बात की ग्रे मार्केट के अनुमान हमेशा सही या गलत नहीं होते हैं। 

JIO IPO की खास बातें:-

फेस वैल्यू: 10 रुपये प्रति शेयर
प्राइस बैंड: 1065 से 1119 रुपये प्रति शेयर
लॉट साइज: 12 शेयर
न्यूनतम निवेश: 13,428 रुपये
फ्रेश इशू: 30,212 करोड़ रुपये
टोटल इशू साइज: 30,213 करोड़ रुपये

टाइमलाइन

सब्सक्रिप्शन की शुरुआत: 21 अक्तूबर 2026
सब्सब्रिप्शन बंद होने की तारीख: 23  अक्तूबर 2026
अलॉटमेंट: 26 अक्तूबर 2026
रिफंड देने की शुरुआत: 27 अक्तूबर 2026
शेयर क्रेडिट होने की तारीख: 27 अक्तूबर 2026
मैंडेट खत्म होने की तारीख: 7 नवंबर 2026

अभी किसके पास है JIO की हिस्सेदारी?

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड: 66.43%
जाधू होल्डिंग्स, LLC (मेटा एफिलिएट): 9.98%
Google इंटरनेशनल LLC: 7.73%

शेयर मार्केट और IPO को समझिए

आमतौर जब आप किसी ऐप या पोर्टल या फिर ब्रोकर के जरिए शेयर मार्केट में पैसे लगाते हैं तो आप ऐसी कंपनी के शेयर खरीद या बेच रहे होते हैं जो पहले से ही शेयर मार्केट में उपलब्ध है। ऐसे में आपको पता होता है कि उस कंपनी का शेयर कितने का है, पहले कितना का रहा है और कंपनी का इतिहास कैसा रहा है। IPO इससे काफी हद तक अलग चीज है।

 

यह भी पढ़ें: 'कॉम्पिटिशन से नहीं डरते', एलन मस्क के आरोपों के बाद रिलायंस ने दिया जवाब

 

IPO का मतलब है कि कोई कंपनी पहली बार शेयर मार्केट में उतर रही होती है तो वह सभी निवेशकों को एक मौका देती है। इसमें शेयरों की संख्या और राशि तय होती है। आमतौर पर आप 12 से 14 हजार रुपये लगाकर एक लॉट खरीद सकते हैं। जहां शेयर मार्केट में आप कम से कम एक शेयर खरीद सकते हैं। वहीं, IPO में आपको कम से कम एक लॉट खरीदना होता है। मान लीजिए IPO में प्राइस बैंड 100 रुपये रखा गया है और लॉट साइज 120 है तो आपको कम से कम 12000 रुपये लगाने होंगे। अधिकतम 2 लाख रुपये तक एक IPO में लगाए जा सकते हैं।

 

अब एक चीज और होती है। आमतौर पर IPO में सब्सक्रिप्शन ज्यादा होता है। मतलब अगर किसी कंपनी ने अगर 1 लाख लॉट बेचने का लक्ष्य रखा होता है तो अक्सर इसे लेने वालों की संख्या 1 लाख से ज्यादा हो जाती है। इस स्थिति में इसे अलॉट करने के लिए लॉटरी सिस्टम की मदद ली जाती है। उदाहरण के लिए, मान लीजिए आपने, आपने भाई ने, बहन ने और घर में दो और लोगों ने जियो का IPO बुक किया। अब IPO लेने वालों की संख्या अगर तय लक्ष्य से ज्यादा हो गई तो सबको अलॉटमेंट नहीं मिल सकता। लॉटरी सिस्टम से तय संख्या में लोगों को शेयर दे दिए जाते हैं और बाकी के लोगों के पैसे लौटा दिए जाते हैं। 

कैसे काम करते हैं पोर्टल? 

मौजूदा वक्त में अगर आप जियो के IPO के लिए आवेदन करेंगे तो आपके डीमैट खाते में या उस पोर्टल या ऐप के अकाउंट में कम से कम 13428 रुपये यानी एक लॉट की कीमत के बराबर पैसे होने चाहिए। इसी के गुणांक में अगर आप लॉट की संख्या बढ़ाएंगे तो उतने ही पैसे आपको डालने होंगे। जितने लॉट आप बुक करेंगे उतने पैसे लॉक हो जाएंगे। मान लीजिए आपके खाते में 15000 रुपये हैं और आपने एक लॉट बुक किया तो 13428 रुपये कुछ दिनों के लिए लॉक हो जाएंगे।

 

जियो के मामले में अलॉटमेंट 26 अक्तूबर को होगा और अगले दिन यानी 27 अक्तूबर से रिफंड देने की शुरुआत हो जाएगी। यानी अगर आप 21 तारीख को बुकिंग करते हैं तो आपके पैसे कम से कम अगले 6 दिन के लिए लॉक हो जाएंगे। यहां यह जानना जरूरी है कि अगर आपको IPO मिल जाता है तो लिस्टिंग के समय यानी 26 अक्तूबर को ही यह दिखने लगेगा कि आपको फायदा हुआ या नुकसान हुआ। जबरदस्त मुनाफा होने पर कुछ निवेशक तुरंत शेयर बेच देते हैं और कुछ निवेशक कुछ शेयर बेचकर अपने निवेश किए हुए पैसे निकाल लेते हैं और बाकी के शेयर छोड़ देते हैं।

 

अगर आपको IPO नहीं मिलता है तो आपके पैसे रिलीज हो जाएंगे यानी लॉक हुए पैसों का आप फिर से इस्तेमाल कर सकते हैं।


Note: यह लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। शेयर मार्केट में निवेश के लिए जोखिमों को समझें और विशेषज्ञों से सलाह लें।

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