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चौथी तिमाही में 7.8% GDP ग्रोथ, जंग के बीच अर्थव्यवस्था ने पकड़ी रफ्तार

केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 के शुरुआती अनुमान में वास्तविक जीडीपी विकास दर 7.7 फीसद रही। वहीं चौथी तिमाही जनवरी से मार्च तक 7.8 फीसद की दर से अर्थव्यवस्था बढ़ी है। 28 फरवरी को ईरान युद्ध के बाद यह विकास दर बेहद अहम मानी जा रही है।

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भारतीय अर्थव्यवस्था। (AI generated image)

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने शुक्रवार को सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी से जुड़े आंकड़ों को सार्वजनिक किया है। मंत्रालय ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार 7.7 फीसद रही। वहीं 2024-25 में यह रफ्तार 7.1 प्रतिशत थी। मतलब पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में अर्थव्यवस्था ने अधिक रफ्तार पकड़ी है। चौथी तिमाही से बेहतरीन आंकड़े तीसरी तिमाही के थे। दिंसबर में तीसरी तिमाही में 8 प्रतिशत विकास दर थी।

 

मंत्रालय के मुताबिक 2025-26 वित्त वर्ष की जनवरी से मार्च तक की तिमाही में 7.8 फीसद जीडीपी वृद्धि का अनुमान है। सरकार का कहना है कि 2024-25 के लिए जीडीपी के पहले संशोधित अनुमान के 299.89 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 2025-26 में वास्तविक जीडीपी या स्थिर कीमतों पर जीडीपी के 323.12 लाख करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंचने का अनुमान है।

 

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वहीं मौजूदा कीमतों पर जीडीपी या नॉमिनल जीडीपी के 2025-26 में 346.36 लाख करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंचने की उम्मीद है, जबकि 2024-25 में यह 318.07 लाख करोड़ रुपये थी। इससे 8.9 प्रतिशत की विकास दर दिख रही है।

तो चीन को पीछे छोड़ देगा भारत

उधर, वर्ल्ड इनइक्वालिटी लैब से जुड़े रिसर्चर्स की एक रिपोर्ट ने अनुमान जताया है कि 2060 तक भारत परचेजिंग पावर पैरिटी (PPP) के आधार पर ग्लोबल GDP में अपनी हिस्सेदारी के मामले में चीन से आगे निकल जाएगा। 'ग्लोबल जस्टिस रिपोर्ट: ए प्लान फॉर इक्वालिटी एंड प्रॉस्पेरिटी विद प्लैनेटरी बाउंड्रीज़' नाम की रिपोर्ट में बताया गया कि पीपीपी के आधार पर चीन का वैश्विक जीडीपी में अभी करीबब 20 फीसद हिस्सेदारी है। 

 

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2035 तक चीन की की हिस्सेदारी अमेरिका से दोगुनी हो जाएगी। मगर तेजी से घटती आबादी के कारण 1945 तक वैश्विक आबादी में चीन की हिस्सेदारी 17 फीसद और 2100 तक 8 प्रतिशत रह जाएगी। अभी चीन की लगभग 23 फीसद हिस्सेदारी है। आधी 21वीं सदी के बाद चीन की हिस्सेदारी घटेगी और 2060 तक भारत वैश्विक जीडीपी (पीपीपी के आधार) के मामले में चीन से आगे निकल जाएगा। रिपोर्ट में यह भी कहा कि गया कि पिछली सदी की तुलना में 21वीं सदी में दुनिया बहुध्रुवीय होगी।

4.15 ट्रिलियन डॉलर की होगी भारत की जीडीपी

वहीं वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक के ताजे आंकड़ों के मुताबिक 2026 में भारत का सकल घरेलू उत्पाद करीब 4.15 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर होगा, जबकि यूके की जीडीपी 4.27 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगी। जापान की जीडीपी 4.48 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से गिरकर 4.38 ट्रिलियन रह जाएगी। अमेरिका की जीडीपी 32.38 ट्रिलियन डॉलर और चीन की जीडीपी 20.85 ट्रिलियन डॉलर रहने का अनुमान है।

 

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