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दोस्ती, कर्ज और शर्मशार रिश्ते..., प्रयागराज हत्याकांड की कहानी क्या?

यूपी  प्रयागराज में आईपीएल सट्टेबाजी में लाखों रुपये हारने के बाद बेटे ने दोस्त संग माता-पिता और बहन की हत्या की । डेढ़ करोड़ के जेवरों के बंटवारे में विवाद होने पर दोस्त ने उसकी भी हत्या कर दी।

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प्रतीकात्मक फोटो Photo credit Ai

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प्रयागराज के चर्चित वैश्य परिवार हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान ऐसा खुलासा हुआ है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। कारोबारी वीरेंद्र वैश्य, उनकी पत्नी अनीता वैश्य, बेटी मीनाक्षी वैश्य और बेटे अभिषेक वैश्य की मौत के पीछे सट्टेबाजी, कर्ज और लालच की खौफनाक कहानी सामने आई है।

 

पुलिस के मुताबिक अभिषेक वैश्य और उसका दोस्त सनी गुप्ता आईपीएल मैचों में सट्टा लगाते थे। लगातार नुकसान के चलते दोनों करीब 42 लाख रुपये हार गए और उन पर भारी कर्ज चढ़ गया। उधार देने वालों का दबाव बढ़ने के बाद दोनों ने कर्ज चुकाने के लिए खौफनाक साजिश रची।

 

जांच में सामने आया कि अभिषेक और सनी ने घर में रखे कीमती जेवर और संपत्ति हासिल करने के लिए परिवार के सदस्यों को ही रास्ते से हटाने का फैसला किया। योजना के तहत कारोबारी वीरेंद्र वैश्य, उनकी पत्नी अनीता और बेटी मीनाक्षी की हत्या कर दी गई। वारदात के बाद घर में रखे करीब डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य के जेवर निकाल लिए गए।

 

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जेवरों के बंटवारे में बिगड़ गया खेल

हत्या के बाद दोनों आरोपी जेवर लेकर दुकान पहुंचे और उनके बंटवारे की तैयारी करने लगे। इसी दौरान हिस्सेदारी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। सनी गुप्ता का आरोप है कि अभिषेक उसे तय हिस्से से कम जेवर देना चाहता था। कहासुनी बढ़ने पर विवाद हिंसक हो गया और सनी ने अभिषेक की भी हत्या कर दी। शुरुआत में मामला लूट और हत्या का प्रतीत हो रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पूरी कहानी सामने आ गई। आरोपी की निशानदेही और पूछताछ में पता चला कि वारदात के पीछे सट्टेबाजी में हुआ नुकसान और कर्ज का दबाव मुख्य वजह था।

बड़ा भाई पहले से जेल में बंद

मामले में परिवार का बड़ा बेटा अश्विनी वैश्य भी चर्चा में है। वह और उसकी पत्नी एक धोखाधड़ी के मामले में जेल भेजे गए थे। पत्नी जमानत पर बाहर आ चुकी है, जबकि अश्विनी अभी भी जेल में बंद है। बताया जा रहा है कि कानूनी औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण उसकी रिहाई नहीं हो सकी है।

 

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लालच और सट्टेबाजी ने तबाह किया परिवार

पुलिस का मानना है कि आसान पैसे की चाह और सट्टेबाजी की लत ने इस पूरे परिवार को बर्बादी के रास्ते पर पहुंचा दिया। कर्ज से निकलने के लिए रची गई साजिश ने पहले माता-पिता और बहन की जान ली, फिर जेवरों के लालच में मुख्य साजिशकर्ता अभिषेक भी मौत का शिकार हो गया। अब पुलिस मामले के आर्थिक पहलुओं और सट्टेबाजी नेटवर्क की भी गहन जांच कर रही


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