logo

मूड

ट्रेंडिंग:

पहले बंद किया एक्सेस फिर आया मेल, Oracle में फिर शुरू हुई छंटनी

टेक कंपनी ऑरैकल ने 14 सितंबर को बिना किसी सूचना के कंपनी के कई लोगों को एक साथ निकाल दिया। अब कहा जा रहा है कि अमेरिका के बाद भारत में भी कई लोगों पर यह संकट आने वाला है। 

Representative Image

प्रतीकात्मक तस्वीर, AI Generated Image

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

टेक दिग्गज कंपनी ऑरैकल (Oracle) ने 14 सितंबर को बिना किसी पूर्व चेतावनी के बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को निकालना शुरू कर दिया है। अमेरिका में 3,000 से 4,000 कर्मचारियों की छंटनी के बाद अब भारत और यूरोप में काम करने वाले लोगों पर नौकरी जाने की तलवार लटक रही है।

 

कंपनी ने बेहतर परफॉर्मेंस रेटिंग पाने वाले और सालों से काम कर रहे पुराने कर्मचारियों को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बढ़ता खर्च और लगभग 23 हजार करोड़ रुपये का रीस्ट्रक्चरिंग बजट इस बड़ी छंटनी की मुख्य वजह माना जा रहा है।

 

यह भी पढ़ें: घिबली से 80s रेट्रो ट्रेंड तक, आपकी फोटो के बदले AI कंपनियों को क्या मिल रहा?

सुबह 4 बजे बंद हुए एक्सेस, 6 बजे आया बर्खास्तगी का मेल

ऑरैकल में छंटनी की प्रक्रिया बहुत ही सख्त और अचानक रही। जिन लोगों को निकाला गया है उनको किसी भी मैनेजर ने सीधे कॉल या मैसेज नहीं किया बल्कि उन्हें कुछ इस तरह पता चला। सुबह 4:00 बजे स्टाफ का कंपनी के सिस्टम में लॉगिन होना बंद हो गया। सुबह 5:00 से 5:30 बजे: स्लैक यानि ऑफिस चैट ऐप से स्टाफ अपने आप लॉगआउट होने लगे।

 

यहां तक कि ऑफिस गेट पर पहुंचे लोगों के एक्सेस कार्ड ने काम करना बंद कर दिया। फिर बाद में सुबह 6:00 बजे 'ऑरैकल लीडरशिप' की तरफ से ईमेल मिला, जिसमें लिखा था, 'कंपनी में हो रहे कुछ बड़े बदलावों के कारण आपको काम से निकाला जा रहा है और आज आपका आखिरी दिन है।' 

परफॉर्मेंस रेटिंग भी नहीं बचा सकी नौकरी

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर काम करने वालों के फीडबैक के अनुसार, इस बार छंटनी का आधार खराब परफॉर्मेंस बिल्कुल नहीं था। ऐसा इसलिए क्योंकि 24 साल से कंपनी में काम कर रहे सीनियर इंजीनियर को भी निकाल दिया गया। HR टेक्नोलॉजी टीम के एक स्टाफ को लगातार बेहतरीन रेटिंग मिलने के बाद भी मेल आ गया।

 

ऑरैकल क्लाउड, नेटसूट, डेटा सेंटर, कस्टमर सक्सेस और ऑरैकल हेल्थ जैसी प्रमुख टीमों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है।

अब भारत की बारी

कंपनी ने कई लोगों के पर्सनल ईमेल एड्रेस अपडेट होने से पहले ही उनके सिस्टम बंद कर दिए। इससे लोगों को मुआवजा के लिए कागजात पाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिका के बाद अब भारत डेवलपमेंट सेंटर (IDC) में 3,000 से 4,000 नौकरियों पर असर पड़ने का अनुमान है। कस्टमर सपोर्ट टीम से लगभग 30% स्टाफ कम किया जा सकता है।

 

भारत में निकाले जाने वाले स्टाफ को पिछले राउंड की तरह N+2 फॉर्मूले के तहत मुआवजा मिलने की उम्मीद है, हालांकि उनके अनवेस्टेड शेयर रद्द हो जाएंगे।

 

यह भी पढ़ें: AI इंसानों का काम आसान बनाएगा या करेगा सफाया? एंथ्रोपिक CEO ने दिया जवाब

कंपनी की वित्तीय स्थिति पर दबाव

कंपनी ने आधिकारिक रूप से इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है लेकिन हाल ही में फाइल किए गए कई दस्तावेजों से साफ है कि ऑरैकल AI और डेटा सेंटर के इंफ्रास्ट्रक्चर पर अपना बजट तेजी से बढ़ा रहा है।

 

कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़कर 28.5 बिलियन डॉलर पहुंच गया है, जिसके कारण फ्री कैश फ्लो नेगेटिव में चला गया है। खर्चों को संतुलित करने और एआई को अपनाने के लिए कंपनी अपने मौजूदा कर्मचारियों की संख्या कम कर रही है। पिछले एक साल में कंपनी पहले ही 21,000 से ज्यादा कर्मचारियों को निकाल चुकी है।

Related Topic:#Tech News

और पढ़ें