आमतौर पर कोई कंपनी निवेशकों से पैसे तब मांगती है जब वह शुरुआत कर रही होगी। शुरुआती दौर में कंपनी के मुनाफे से ज्यादा का खर्च होता है इसलिए कंपनी को अतिरिक्त पैसों की जरूरत होती है। अब दुनिया की सबसे अमीर और सबसे ज्यादा मुनाफा कंपनियों में से एक यानी गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट ने 80 बिलियन डॉलर यानी लगभग 8 लाख करोड़ रुपये का निवेश मांगने का एलान करके खलबली मचा दी है। हैरानी की बात यह है कि इस कंपनी का सालाना मुनाफा 160 बिलियन डॉलर यानी लगभग 15 लाख डॉलर से भी ज्यादा है। यही वजह है कि लोग पूछ रहे हैं कि आखिर इस कंपनी को इतने पैसेों की जरूरत क्या है और उसे ये पैसे दूसरों से क्यों चाहिए?
गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट ने कहा है कि वह इतने पैसे जुटाने के लिए 80 बिलियन डॉलर के शेयर बेचने जा रही है। इसमें बर्कशायर हैथवे के 10 बिलियन डॉलर के शेयर भी शामिल हैं।
गूगल को क्यों चाहिए इतने पैसे?
गूगल ने बताया है कि इन पैसों को वह वर्ल्ड क्लास AI कंप्यूट इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने में खर्च करेगा ताकि ग्राहकों की बेतहाशा बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके। अल्फाबेट ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है, 'कंपनी यह देख रहा है कि AI से जुड़ी सेवाओं और सॉल्युशन की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसके लिए आम ग्राहकों के अलावा बड़ी कंपनियां भी आ रही हैं और हमें अपनी क्षमता बढ़ाने की जरूरत है।'
यह भी पढ़ें: क्या RBI ने बेच दिया 12 अरब डॉलर का सोना? ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट का सच आ गया
बता दें कि गूगल लगातार अपने AI इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रहा है इस पर खूब पैसे भी खर्च हो रहे हैं। इसी साल अप्रैल के महीने में गूगल ने बताया कि उसने अपना पूंजीगत खर्च लगभग 180 से 190 बिलियन डॉलर रखा है। पिछला अनुमान 175 से 185 बिलियन डॉलर का ही था यानी इसमें भी बढ़ोतरी हो गई। इस बारे में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा था कि जमीन, बिजली और सप्लाई चेन तक के लिए मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है इसलिए बजट बढ़ाना पड़ा है।
उदय कोटक ने क्या कहा?
इस पर भारत के मशहूर कारोबारी उदय कोटक ने लिखा है, 'पहले से ही कैश सरप्लस वाली कंपनी गूगल ने 80 बिलियन डॉलर का अतिरिक्त कैपिटल जुटाने का एलान किया है। गूगल का सालाना मुनाफा 160 बिलियन डॉलर का है और पिछले ही क्वार्टर में उसे 62 बिलियन डॉलर का फायदा हुआ है। इस कंपनी की मार्केट कैप 4.5 ट्रिलियन डॉलर हो गई है। यह भारत की सभी कंपनियों के मार्केट कैप और कुल मुनाफे के आसपास है।'
यह भी पढ़ें: नोटों की छपाई पर तगड़ा खर्च, फिर RBI ने साल भर में 4 लाख करोड़ कहां से कमाए?
उन्होंने आगे लिखा है, 'यह सभी कंपनियों के लिए जाग जाने का वक्त है। मौजूदा वक्त कैसा भी हो, हमें भविष्य के लिए निवेश करने की जरूरत है। अब IPL खत्म हो गया है तो भारत को बिजनेस के बिजनेस पर ध्यान देना चाहिए।' बता दें कि गूगल के अलावा, एमजॉन, माइक्रोसॉफ्ट और मेटा जैसी कंपनियां भी खुद को AI रेडी रखने के लिए भरपूर निवेश कर रही हैं। उदय कोटक इसी की ओर इशारा कर रहे हैं और भविष्य के हिसाब से निवेश की बात कह रहे हैं।