logo

मूड

ट्रेंडिंग:

भारत टैक्सी..., न ग्राहक खुश, न ड्राइवर, कहां फंस गया है पेच?

भारत टैक्सी अभी तक वह कामयाबी हासिल नहीं कर पाई है जो कामयाबी प्राइवेट कंपनियों ने हासिल की हैं। ऐसा क्यों है, मुश्किलें क्या हैं, पढ़ें रिपोर्ट।

Bharat Taxi

भारत टैक्सी। Photo Credit: PTI

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

ओला, उबर, रैपिडो...। भारत के कैब बाजार पर इन तीन कंपनियों का बोलबाला है। ज्यादातर लोग बाइक या कार बुक करने के लिए इन्हीं ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं। ये तीनों प्राइवेट कंपनियां हैं। सरकार ने सिर्फ प्राइवेट बाजार के बढ़ते दखल को नियंत्रित करने के लिए एक सहकारिता प्लेटफॉर्म 'भारत टैक्सी' की शुरुआत की थी। 5 फरवरी से शुरू यह प्रोजेक्ट, अब अपने प महीने में पहुंच चुका है। 

जिस उम्मीद के साथ इस कैब सर्विस ऐप की लॉन्चिंग हुई थी, शायद वह सफलता नहीं मिल पाई है। भारत टैक्सी को अब तक प्ले स्टोर पर 10 लाख से ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं, 35 हजार से ज्यादा लोगों ने 4.2 रेटिंग भी दी है। ज्यादातर लोग, अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर ऐप को नापसंद कर रहे हैं और पहले से कायम कैब कंपनियों पर भरोसा जता रहे हैं।

यह भी पढ़ें: कैब के लिए कम देना होगा किराया, भारत टैक्सी ऐप है क्या?

क्यों शुरू हुई थी भारत टैक्सी?

केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 5 फरवरी 2025  को भारत टैक्सी की औपचारिक शुरुआत की थी। यह भारत की पहली सहकारी मॉडल वाली राइड सेवा है, जो उबर और ओला जैसी कंपनियों के मुकाबले ड्राइवर और ग्राहकों के लिए ज्यादा किफायती है।  गृह मंत्री अमित शाह का कहना है कि निजी कंपनियां ड्राइवरों से भारी कमीशन काटती हैं, पेमेंट में देरी करती हैं और सिर्फ यात्री की शिकायत पर बिना सुनवाई के ड्राइवर को सस्पेंड कर देती हैं।

भारत टैक्सी जीरो कमीशन मॉडल पर चल रही है, जिसमें ड्राइवर पूरा किराया रखते हैं और प्लेटफॉर्म के मालिक भी बन सकते हैं। ड्राइवर प्लेटफॉर्म के शेयर खरीद सकते हैं और बाद में मुनाफे का बड़ा हिस्सा, लगभग 80 फीसदी वह हासिल कर सकते हैं। यह सुविधा, बाइक, ऑटो और चार पहिया गाड़ियों के लिए है। 

लॉन्च के 5 महीने बाद हाल क्या है?

ड्राइवर के तौर पर भारत टैक्सी पर अब तक 7 लाख ड्राइवर रजिस्टर्ड हो चुके हैं। हर दिन कम राइड बुक हो रहे हैं। यह ऐप अभी दिल्ली, एनसीआर और गुजरात में ही चर्चा में है। उम्मीद है कि मुंबई, पुणे, लखनऊ, कोलकाता जैसे शहरों में इसी महीने यह चलने लगेगा।

ड्राइवर क्या कह रहे हैं? 

खबरगांव ने ड्राइवरों की मुश्किलों के बारे में भी बात की। भीकम कुमार, राइडर हैं। बाइक चलाते हैं। उनका कहना है कि ओला, रैपिडो और उबर पर तो राइड मिल जाती है लेकिन भारत टैक्सी पर बेहद कम लोग आते हैं। अगर एक ड्राइवर को दिन में 10 से ज्यादा बुकिंग प्राइवेट ऐप पर मिल रही है तो भारत टैक्सी पर 5 लोग भी दिन में बुक नहीं करते हैं। 

कुछ ऐसी ही परेशानी रवि कुमार ने भी बताई। उनके पास स्विफ्ट डिजायर कार है। उनका कहना है कि लोग भारत टैक्सी पर अभी कम लोग बुक कर रहे हैं। दिन में इक्का-दुक्का राइड मिलती है। प्रति किलोमीटर कमाई थोड़ी कम है। इंसेंटिव कम है और वॉलेट सुविधा भी नहीं है। अभी यह कंपनी अपने शुरुआती चरण में है, हो सकता है कि आगे कुछ हो। 

यह भी पढ़ें: भारत टैक्सी ऐप में ऐसा क्या होगा कि ड्राइवर-पैसेंजर दोनों खुश होंगे? समझ लीजिए

यात्री क्या कह रहे हैं?

दिनेश कश्यप का ऑफिस बांगली मार्केट दिल्ली में है। वह मयूर विहार में रहते हैं। हर दिन उन्हें कैब करती है। वह भारत टैक्सी पहले बुक करते हैं लेकिन कोई ड्राइवर राइड ही एक्सेप्ट नहीं करता। कभी-कभी संयोग से राइड मिल जाता है। 10 से 7 वाली टाइमिंग में तो परेशानियां आती हैं। ऐसा ही कुछ अनुभव सुमित कुमार का भी है। उन्हें चांदनी चौक में अक्सर काम रहता है। वह भी कई बार भारत टैक्सी पर सर्विस बुक कर चुके हैं लेकिन कई बार राइड नहीं मिली, कई बार ड्राइवर ही नहीं आए। 

सरकार भारत टैक्सी पर क्या सोचती है?

सरकार भारत टैक्सी का पूरे देश के शहरों में विस्तार करना चाहती है। सरकार इसे सहकारिता आंदोलन का नाम दे रही है। इसे ड्राइवर और सवारी दोनों के लिए मुनाफे का सौदा बनाने की तैयारी है लेकिन अभी तक जिस उम्मीद के साथ इसकी शुरुआत हुई थी, वह पूरी होती नजर नहीं आ रही है। 

क्यों सफल नहीं हो पा रही है भारत टैक्सी?  

भारत टैक्सी ऐप को लेकर लोगों में काफी गुस्सा है। अगर गूगल प्ले स्टोर के रिव्यू देखें तो कई यूजर्स ने ऐप के बारे में लिखा है कि ऐसा लगता है कि इसे ट्रेनी ने बनाया है।

अशीष शर्मा, भारत टैक्सी यूजर:-
'ऐप में दूसरी जगह चुनने की सुविधा नहीं है। आप जहां हैं, वही लोकेशन अपने आप आ जाती है। दूसरों के लिए कैब बुक करने का भी ऑप्शन नहीं है। मैप पर तो सही जगह दिखती है, लेकिन नेक्स्ट पर क्लिक करते ही आपकी मौजूदा लोकेशन आ जाती है।'

'राइड मंजूर करने के बाद भी नहीं आते ड्राइवर'

कई लोगों ने प्ले स्टोर पर दिए रिव्यू में लिखा कि ड्राइवर राइड स्वीकार कर लेते हैं, लेकिन 10-20 मिनट तक नहीं आते और फिर कैंसल कर देते हैं। इसमें पैसेंजर को चार्ज कट जाता है, लेकिन ड्राइवर पर कोई एक्शन नहीं होता। 

SB कृष्णा, भारत टैक्सी यूजर:-
लंबे इंतजार के बाद कैंसल करने पर सिर्फ दोबारा लोकेशन पूछा जाता है। फेयर में धोखा और एक्स्ट्रा चार्ज की शिकायतें सामने आती हैं।

'बुकिंग से अलग दिखाता है चार्ज'

कई लोगों ने शिकायत की है कि फेयर को लेकर भी नीतियां स्पष्ट नहीं हैं। कई यूजर्स ने कहा कि बुकिंग के समय एक रेट दिखता है, लेकिन राइड खत्म होने पर ज्यादा पैसे कट जाते हैं। विवेक चौहान लिखते हैं कि एयरपोर्ट से 908 रुपये में राइड बुक किया, जब यात्रा खत्म हुई तो 1180 रुपये ड्राइवर ने मांगे।  

प्रखर गुप्ता, भारत टैक्सी यूजर:-
मैंने कैब बुक की तो 266 रुपये दिखा रहा था। राइड खत्म हुई तो 347 रुपये कट गए। पारदर्शिता की पूरी कमी है, यही सबसे बड़ा मुद्दा है।

'बाइक सर्विस भी महंगी है'

एक शख्स ने लिखा कि बाइक टैक्सी में राइड 189 में दिखा रहा था, राइड खत्म हुई तो 284 रुपये वसूले गए। बिना टोल के रूट पर टोल का चार्ज जोड़ दिया गया। बाइक राइड भी राइडर कम एक्सेप्ट करते हैं।

कस्टमर सपोर्ट पर भी उठ रहे हैं सवाल

कस्टमर सपोर्ट की हालत और खराब बताई जा रही है। शिकायत करने पर भी कई दिनों या हफ्तों तक कोई जवाब नहीं मिलता। रिफंड या समस्या का समाधान होना बेहद मुश्किल है। कई बार ऐसा देखा गया है कि ड्राइवर एसी नहीं चलाते, रास्ते के बारे में पता नहीं होता।

अमित सहाय, यात्री, भारत टैक्सी:-
गर्मी में एसी नहीं चला और कैब की कंडीशन बहुत खराब थी। व्यस्त इलाकों में राइड मिलना मुश्किल हो गया है। पहले ठीक काम करता था, अब बुकिंग ही नहीं होती। 

ग्राहकों को नहीं मिल रहा फायदा

कुछ लोगों ने शिकायत की है कि जीरो कमीशन का फायदा पैसेंजर को नहीं मिल रहा। 10 से 7 के दौरान भी चार्ज, दूसरे ऐप्स जितना ही है। सपोर्ट टीम सिर्फ मेल पर डिटेल्स मांगती है, लेकिन समस्या हल नहीं करती।


और पढ़ें