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ट्रंप का टैरिफ या कुछ और? शेयर मार्केट में गिरावट की असल वजह क्या

शेयर मार्केट में मंगलवार को गिरावट देखी जा रही है। Sensex और Nifty दोनों ही लाल निशान के साथ कारोबार कर रहे हैं। जानते हैं कि शेयर मार्केट में क्यों आ रही है गिरावट?

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प्रतीकात्मक तस्वीर। (Photo Credit: PTI)

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर जो एक्स्ट्रा 25% लगाया है, उसकी डेडलाइन मंगलवार रात को खत्म हो रही है। इसका असर शेयर मार्केट पर भी दिख रहा है। Sensex और Nifty, दोनों ही लाल निशान पर कारोबार कर रहे हैं।

 

मंगलवार को जब मार्केट खुला तो 30 शेयरों वाला Sensex 606.97 पॉइंट गिरकर 81,028.94 पर आ गया। 50 शेयरों वाला Nifty भी 182.25 पॉइंट की गिरावट के साथ 24,785.50 पर आ गया।

 

BSE पर सन फार्मास्युटिकल, टाटा स्टील, अडानी पोर्ट्स, ICICI बैंक, भारती एयरटेल, पावर ग्रिड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, HDFC बैंक, NTPC और टाटा मोटर्स के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

 

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बाजार में गिरावट की वजह क्या?

शेयर मार्केट में गिरावट की सबसे बड़ी वजह ट्रंप के टैरिफ को माना जा रहा है। ट्रंप सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने एक ऑफिशियल नोटिस जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि भारत पर 25% टैरिफ 27 अगस्त की रात 12:01 बजे से लागू हो जाएगा।

 

रूस से तेल खरीदने का हवाला देते हुए ट्रंप ने भारत पर 6 अगस्त को 25% टैरिफ लगाया था, जो 7 अगस्त से लागू हो गया है। इसके बाद ट्रंप ने अगले ही दिन 25% टैरिफ और लगा दिया था, जो 27 अगस्त से लागू होगा।

 

मेहता इक्विटीज लिमिटे के वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) प्रशांत तापसे ने न्यूज एजेंसी PTI से कहा कि भारतीय बाजारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती 27 अगस्त से लागू होने वाले 50% टैरिफ को पार करना है। उन्होंने कहा कि ट्रंप के टैरिफ से भारत के 86.5 अरब डॉलर के एक्सपोर्ट पर खतरा मंडरा रहा है।

 

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मार्केट में गिरावट की दूसरी वजह यह भी

मार्केट में गिरावट की दूसरी वजह बिकवाली भी है। विदेशी निवेशक बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। सोमवार को विदेशी निवेशकों ने 2,466.24 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए थे।

 

हालांकि, टैरिफ की चुनौतियों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी बनी हुई है। जियोजीत इन्वेस्टमेंट के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट वीके विजयकुमार ने बताया कि विदेश निवेशक भले ही बिकवाली कर रहे हों लेकिन घरेलू निवेशक लगातार खरीदारी कर रहे हैं, जिससे मार्केट को सहारा मिल रहा है।

 

उन्होंने यह भी कहा कि शेयर मार्केट में लिक्विडिटी बनी रहने की संभावना है। उन्होंने कहा कि फिलहाल बाजार में बहुत बड़ी गिरावट होने के आसार नहीं है।

 

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दुनियाभर में कैसी है स्थिति?

जब से ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति बने हैं, तब से ही दुनियाभर के बाजारों में उथल-पुथल मची हुई है। सोमवार को अमेरिकी बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए थे।

 

एशियाई बाजारों में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। जापान के Nikkei 225, साउथ कोरिया के Kospi और हॉन्गकॉन्ग के हेंग सेंग में गिरावट देखी गई थी। हालांकि, शंघाई के SSE कंपोजिट में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।

 

इससे पहले सोमवार को Sensex 329.06 पॉइंट चढ़कर 81,635.91 और NIifty 97.65 पॉइंट बढ़कर 24,967.75 पर बंद हुआ था।


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