logo

मूड

ट्रेंडिंग:

CodeYogi: फ्री में कोडिंग, AI सिखाने के लिए मिला पुरस्कार, आप कैसे सीख सकते हैं?

CodeYogi फाउंडेशन के संस्थापक प्रशांत चौधरी को ग्रामीण विकास में बेहतरीन योगदान के लिए रोहिणी नैयर पुरस्कार 2026 दिया गया है। वह फ्री में AI कोर्स करवाते हैं।

छात्र  CodeYogi

ट्रेनिंग ले रहे छात्र, Photo Credit: CodeYogi

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

आज के समय में कोडिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सीखना काफी जरूरी होता जा रहा है। लेकिन देश के छोटे गांवों और कस्बों में रहने वाले बहुत से बच्चों के लिए कंप्यूटर, लैपटॉप और महंगी कोचिंग तक पहुंचना आसान नहीं है। इसी परेशानी को दूर करने की कोशिश कर रही कोड योगी फाउंडेशन (CodeYogi Foundation) को अब राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। फाउंडेशन के संस्थापक प्रशांत चौधरी को ग्रामीण विकास में बेहतरीन योगदान के लिए 5वां रोहिणी नैयर पुरस्कार 2026 दिया गया है।

 

यह पुरस्कार 31 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में दिया गया। नीति आयोग के पूर्व CEO अमिताभ कांत ने प्रशांत चौधरी को यह सम्मान दिया। पुरस्कार के तौर पर उन्हें 10 लाख रुपये, ट्रॉफी और एक सर्टिफिकेट मिला है। यह सम्मान उन बच्चों तक टेक्नोलॉजी की शिक्षा पहुंचाने के लिए दिया गया है, जिनके पास सीखने के साधन नहीं हैं।

 

यह भी पढ़ें: डिलीवरी बॉय ने घर के बाहर रखा सिलेंडर और अचानक लग गई आग, CCTV में कैद हुई घटना

 

कौन हैं प्रशांत चौधरी?

प्रशांत चौधरी की कहानी भी काफी दिलचस्प है। वह मेरठ के पास एक गांव से आते हैं और साल 2010 में वह अपने गांव से IIT पहुंचने वाले पहले व्यक्ति बने। उन्होंने IIT दिल्ली से पढ़ाई की और बाद में टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम किया। इस दौरान उन्होंने महसूस किया कि गांवों में भी बहुत से ऐसे बच्चे हैं, जिनमें कुछ नया सीखने और करने की क्षमता है, लेकिन सही मार्गदर्शन और संसाधन नहीं मिलने के कारण वे पीछे रह जाते हैं। इसी सोच के साथ साल 2020 में प्रशांत चौधरी, प्रियंका सेठी और राकेश सहगल ने कोडयोगी की शुरुआत की। इसका मकसद सरकारी स्कूलों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को मुफ्त में कोडिंग और टेक्नोलॉजी सिखाना है। बाद में यह पहल कोड योगी फाउंडेशन के रूप में आगे बढ़ी।

कैसे सिखाते हैं?

इस फाउंडेशन की सबसे खास बात यह है कि यहां पढ़ाई करने के लिए महंगे लैपटॉप या कंप्यूटर की जरूरत नहीं होती। बच्चे अपने घर में मौजूद सामान्य स्मार्टफोन से ही कोडिंग और AI सीख सकते हैं। पढ़ाई हिंदी और दूसरी भारतीय भाषाओं में कराई जाती है, ताकि अंग्रेजी कमजोर होने की वजह से कोई बच्चा पीछे न रह जाए। फाउंडेशन की वेबसाइट के मुताबिक, इसकी पहल से 9 राज्यों और 100 से ज्यादा जिलों के छात्र जुड़ चुके हैं। बताया जा रहा है कि करीब 3.5 लाख छात्र इस कार्यक्रम से लाभ उठा चुके हैं। यहां बच्चों को सिर्फ वीडियो देखकर पढ़ाई नहीं कराई जाती, बल्कि उन्हें खुद प्रोजेक्ट बनाने और तकनीक का इस्तेमाल करके असली समस्याओं का समाधान निकालने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

 

यह भी पढ़ें: 75 पर्सेंट अग्निवीरों को मिला 2 साल का एक्सटेंशन, इंडियन आर्मी का बड़ा एलान

आप कैसे सीख सकते हैं?

कोड योगी फाउंडेशन ने फ्री ऑनलाइन कोर्स तैयार किया है। इस कोर्स का नाम AI Basics है। इसे शुरू करने के लिए आपको आधिकारिक वेबसाइट(ai-basics.codeyogi.org) पर जाना होगा। यहां छोटे-छोटे 16 लेवल के जरिए AI की जानकारी दी जाती है। इसमें बताया जाता है कि AI क्या है, ChatGPT जैसे चैटबॉट कैसे काम करते हैं, उनसे सही सवाल कैसे पूछें और उनके जवाबों में गलतियों को कैसे पहचानें। इस कोर्स को पूरा करने में करीब 30 से 60 मिनट लगते हैं। इसके लिए न तो कोई फीस देनी है और न ही ऐप डाउनलोड करना है। वेबसाइट पर अकाउंट बनाए बिना भी इसकी शुरुआत की जा सकती है। कोर्स पूरा करने पर सर्टिफिकेट भी मिलता है।

ट्रेनिंग भी दे रहे

कोडयोगी का काम सिर्फ AI का शुरुआती कोर्स कराने तक सीमित नहीं है। फाउंडेशन का मुख्य प्रोग्राम सरकारी स्कूलों और दूसरे शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर छात्रों को कोडिंग और टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग देना है। इसके लिए आप इसकी आधिकारिक वेबसाइट codeyogi.org पर जाकर प्रोग्राम की जानकारी ले सकते हैं। 


और पढ़ें