आमतौर पर 16 साल की उम्र में बच्चे 10वीं की परीक्षा पास करते हैं लेकिन दुबई में रहने वाले भारतीय मूल के लक्ष्मणन मेय्यप्पन ने इसी उम्र में प्रोफेशनल अकाउंटिंग की पढ़ाई पूरी कर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने उन्हें दुनिया का सबसे कम उम्र का पुरुष चार्टर्ड अकाउंटेंट माना है। हालांकि, यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है कि लक्ष्मणन ने भारत के इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया यानी आईसीएआई वाला सीए कोर्स नहीं किया, बल्कि उन्होंने एसीसीए यानी एसोसिएशन ऑफ चार्टर्ड सर्टिफाइड अकाउंटेंट्स की प्रोफेशनल क्वालिफिकेशन हासिल की है।
लक्ष्मणन मेय्यप्पन का जन्म 11 जनवरी 2005 को हुआ था। उन्होंने यह रिकॉर्ड 30 जून 2021 को दुबई में बनाया। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के रिकॉर्ड पेज पर उनकी उपलब्धि को सबसे कम उम्र के पुरुष चार्टर्ड अकाउंटेंट के तौर पर दर्ज किया गया है। गिनीज के पेज के हेडर में उम्र 16 साल 141 दिन दी गई है, जबकि उसी पेज के डिटेल्स में 16 साल 170 दिन लिखा हुआ है। यानी उनकी उम्र इस करीब 16 साल ही है।
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कोरोना के समय शुरू की तैयारी
लक्ष्मणन की यह यात्रा कोरोना महामारी के दौरान शुरू हुई। उन्होंने उस समय अपनी 10वीं की बोर्ड परीक्षा पूरी की थी और उनकी उम्र करीब 15 साल थी। लॉकडाउन के दौरान उनकी अकाउंटिंग में दिलचस्पी बढ़ी। उनकी मां खुद एसीसीए प्रोफेशनल हैं और उन्होंने लक्ष्मणन को अकाउंटिंग के बेसिक कॉन्सेप्ट समझाए। इसके बाद उन्होंने एसीसीए की पढ़ाई शुरू कर दी और करीब एक साल में यह क्वालिफिकेशन पूरी कर ली। लक्ष्मणन ने बाद में बताया कि उन्होंने कभी इन प्रोफेशनल क्वालिफिकेशन को किसी रेस की तरह नहीं देखा, बल्कि उनका ध्यान सीखने और फाइनेंस को समझने पर रहा।
अभी भी पढ़ाई कर रहे लक्ष्मणन
रिकॉर्ड बनाने के बाद भी लक्ष्मणन की पढ़ाई नहीं रुकी। उन्होंने आगे सीएफए चार्टर हासिल किया और अब फाइनेंस में मास्टर डिग्री यानी एमएससी की पढ़ाई कर रहे हैं। वह दुबई की सेंचुरी फाइनेंशियल में सीनियर रिसर्च एनालिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं, जहां उनका काम निवेश रिसर्च और फाइनेंशियल मार्केट एनालिसिस से जुड़ा है। पढ़ाई और नौकरी के अलावा उन्हें घड़ियां डिजाइन करने और बनाने का भी शौक है।
कम उम्र में कैसे बने CA?
लक्ष्मणन का मामला भारत में होने वाली सीए की पढ़ाई से थोड़ा अलग है। भारत में सीए की पढ़ाई आईसीएआई यानी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया कराता है, जबकि लक्ष्मणन ने एसीसीए की पढ़ाई की है। दोनों अलग-अलग प्रोफेशनल कोर्स हैं और इनके नियम भी अलग हैं।
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भारत में कौन कर सकता है CA की पढ़ाई?
भारत में कोई छात्र 10वीं पास करने के बाद सीए फाउंडेशन के लिए प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन करा सकता है। हालांकि, फाउंडेशन की परीक्षा देने के लिए उसे 12वीं की परीक्षा में शामिल होना जरूरी है। यानी सिर्फ 10वीं पास करके कोई 15-16 साल की उम्र में भारत में सीए की परीक्षा देकर सीए नहीं बन सकता। वहीं एसीसीए के नियम अलग हैं।
एसीसीए एक इंटरनेशनल अकाउंटिंग क्वालिफिकेशन है। इसके फाउंडेशन लेवल में जाने के लिए 12वीं जैसी शर्त नहीं है और कम उम्र में भी इसकी पढ़ाई शुरू की जा सकती है। यही वजह है कि लक्ष्मणन ने 15 साल की उम्र में एसीसीए की पढ़ाई शुरू की और करीब 16 साल की उम्र में इसे पूरा कर रिकॉर्ड बनाया। यानी लक्ष्मणन ने भारत वाला सीए का कोर्स 16 साल की उम्र में नहीं किया है बल्कि उन्होंने अलग कोर्स किया है।