देशभर में लाखों छात्र इन दिनों अपनी स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद हायर एजुकेशन के लिए कॉलेजों में एडमिशन ले रहे हैं। छात्रों के पास 12वीं के बाद कई अलग-अलग तरह के कोर्स चुनने का विकल्प होता है। छात्र अपने करियर और पसंद को ध्यान में रखकर ही अपने लिए कोर्स चुनते हैं। कई कोर्स ऐसे हैं जिनमें एडमिशन के लिए अप्लाई करने वालों की लिस्ट बहुत लंबी होती है लेकिन कर्नाटक के कॉलेजों में हाल ही में हुए एडमिशन प्रोसेस के बाद पता चला है कि कई कोर्स ऐसे हैं जिनमें किसी बच्चे ने एडमिशन नहीं लिया है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह युवाओं की बदलती प्राथमिकताओं को बताया गया है।
द हिंदू की एक रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु में एक कॉलेज ऐसा है जिसमें कुछ साल पहले तक इंग्लिश के कोर्स की मांग बहुत ज्यादा रहती थी लेकिन अब इन कोर्स में कोई छात्र एडमिशन नहीं ले रहा। बेंगलुरु के एक सरकारी कॉलेज के प्रिंसिपल के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि कॉलेज में इंग्लिश डिपार्टमेंट में सबसे बेहतरीन फैकल्टी है लेकिन फिर भी एमए इंग्लिश के लिए एक भी छात्र ने एडमिशन के लिए अप्लाई नहीं किया है। ऐसे ही हालक कई अन्य कॉलेजों में भी हैं।
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PG कोर्स में एडमिशन नहीं ले रहे छात्र
टाइम्स एजुकेशन की पिछले महीने पब्लिश हुई एक रिपोर्ट में बताया गया है कि कर्नाटक सरकार का हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट कई पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स को बंद करने पर विचार कर रहा है। इसके पीछे मु्ख्य वजह पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स में युवाओं का एडमिशन ना लेना है। कर्नाटक एजुकेशन डिपार्टमेंट के अनुसार, छात्र अब पारंपरिक कोर्स में एडमिशन नहीं ले रहे हैं और कई कोर्स ऐसे हैं जिनमें एक भी छात्र ने अप्लाई नहीं किया है और कई ऐसे हैं जिनमें स्टूडेंट्स का नंबर डबल डिजिट में नहीं जा रहा है।
किन कोर्स में नहीं एडमिशन ले रहे युवा?
- एमए हिस्ट्री
- एमए राजनीति विज्ञान
- एमए कन्नड़
- एमए अर्थशास्त्र
- एमए इंग्लिश
- एमए फिजिक्स
- एमएससी मैथ्य
- एमएससी फिजिक्स
- एमएससी कैमिस्ट्री
- कंप्यूटर साइंस
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किन कोर्स में एडमिशन ले रहे युवा?
कर्नाटक में युवाओं का झुकाव ऐसे कोर्स की ओर है जिनमें डिग्री के बाद नौकरी मिलना आसान है। द हिंदू ने एक कॉलेज के प्रिसिंपल के हवाले से लिखा है कि ऐसे कोर्स के लिए युवाओं में पागलपन सा छा गया है जिनमें जॉब्स मिल रही हैं। पहले कंप्यूटर साइंस में सबसे ज्यादा एडमिशन होते थे लेकिन अब इस कोर्स में भी एडमिशन कम हो रहे हैं। इसके पीछे मुख्य कारण बताया जा रहा है कि पहले कंप्यूटर साइंस और एआई और एमएल एक साथ पढ़ाए जाते थे लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब एआई और एमएल को अलग-अलग कर दिया गया है। एआई से संबंधित कोर्स में सबसे ज्यादा एडमिशन हो रहे हैं। इंजीनियरिंग के भी कई कोर्स में एडमिशन में गिरावट दर्ज की गई है।