पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने अहम आदेश जारी किया है। चुनाव आयोग ने 48 घंटे के लिए ड्राई डे यानी शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया है। आयोग ने राज्य में चुनावों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए शराब की बिक्री पर यह दो दिनों का पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। वोटिंग से पहले घोषित इन ड्राई डे का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला अधिकारियों ने यह आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों ने हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री और शराब के शौकिनों को चौंका दिया। चुनाव आयोग ने कहा कि मतदान से 48 घंटे पहले ड्राई दे का पालन किया जाए, लेकिन आबकारी विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कहा है कि उन्हें आयोग से जुबानी आदेश मिले हैं।
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यहां रहेगा बैन
इस प्रतिबंध के समय किसी भी शराब की दुकान, होटल, रेस्तरां, क्लब और शराब बेचने या परोसने वाले अन्य प्रतिष्ठानों को किसी को भी शराब बेचने/परोसने की अनुमति नहीं होगी। गैर-स्वामित्व वाले क्लब, स्टार होटल, रेस्तरां आदि और शराब रखने और आपूर्ति करने के लिए विभिन्न श्रेणियों के लाइसेंस के तहत संचालित होटलों को इन दिनों शराब परोसने की अनुमति नहीं होगी।
आबकारी विभाग को किया अलर्ट
बंगाल में चुनाव अधिकारियों के संज्ञान में आया था कि राज्य में शराब की बिक्री में तेजी देखने को मिली। आयोग को बढ़ी हुई शराब की बिक्री से संदेह हुआ कि इसकी वजह से वोटर प्रभावित कर सकते हैं। इन रिपोर्ट्स के आधार पर ही आयोग ने आबकारी विभाग को अलर्ट कर दिया।
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बंगाल में कितना होता है कारोबार
बताया गया है कि बंगाल में 5,000 बार और ऑफ-शॉप मौजूद हैं। इन दुकानों से रोजाना 80-90 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री होती है। पूरे राज्य में शराब और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री को 1,400 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान होने का अनुमान है। इसमें से 900 करोड़ रुपये अकेले कोलकाता में नुकसान होगा।
बता दें कि बंगाल में विधानसभा दो चरणों में होना है। इसमें पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होने वाला है, जबकि दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होना है। ऐसे में 23 अप्रैल को पहले चरण के मतदान तक शराब बिक्री पर रोक लागू कर दिया गया है।