तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार का आखिरी दिन आज है। गुरुवार को वोटिंग होनी है और आज प्रचार का काम खत्म हो जाएगा। राज्य की सभी 234 सीटों के लिए एक ही साथ मतदान होगा और चुनाव के नतीजे 4 मई को आएंगे। नतीजों और मतदान से पहले उम्मीदवारों के बारे में जानना बेहद जरूरी है। यही वजह कि चुनाव आयोग हर उम्मीदवार से कहता है कि वे एक एफिडेविट में अपनी पढ़ाई-लिखाई, कमाई, मुकदमों और संपत्ति का ब्योरा दें। इन्हीं एफिडेविट का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि तमिलनाडु में इस बार विधानसभा का चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों में से 25 प्रतिशत यानी एक चौथाई उम्मीदवार करोड़पति हैं। 18 प्रतिशत उम्मीदवार ऐसे हैं जिनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं।
चुनावी प्रक्रिया पर नजर रखने वाली संस्थान असोसिएशन फॉर डिमोक्रैटिक रिफॉर्म्स की हालिया रिपोर्ट में तमिलनाडु के कुल 4023 उम्मीदवारों के एफिडेविट को देखा गया। इसमें से 185 उम्मीदवार राष्ट्रीय पार्टियों के, 640 राज्य स्तरीय पार्टियों के, 990 रजिस्टर्ड पार्टियों के और 2208 उम्मीदवार निर्दलीय हैं।
कैसी है तमिलनाडु के नेताओं की छवि?
अगर आपराधिक छवि वाले नेताओं की बात करें तो तमिलनाडु में 4023 में से 722 उम्मीदवार ऐसे है जिनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं। यानी 18 प्रतिशत उम्मीदवार दागी हैं। कुल 404 यानी 10 प्रतिशत उम्मीदवार ऐसे हैं जिनके खिलाफ हत्या, बलात्कार और लूट जैसे गंभीर अपराध के मामले चल रहे हैं। 4023 में से 981 यानी 25 प्रतिशत उम्मीदवार ऐसे हैं जिनके पास कम से कम 1 करोड़ रुपये की संपत्ति है यानी वे करोड़पति हैं।
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अगर पिछले चुनाव से इस बार की तुलना की जाए तो पिछली बार 13 प्रतिशत दागी उम्मीदवार थे और इस बार 18 प्रतिशत दागी उम्मीदवार है। गंभीर आपराधिक मुकदमे वाले उम्मीदवार पिछले चुनाव में 6 प्रतिशत थे लेकिन इस बार 10 प्रतिशत हैं। पहली बार चुनाव में उतरी तमिलागा वेट्री कझगम के 92 यानी 40 प्रतिशत उम्मीदवार आपराधिक छवि के हैं। कांग्रेस के 50 प्रतिशत, AIADMK के 69 प्रतिशत, डीएमके के 40% और बीजेपी के 48 प्रतिशत उम्मीदवार दागी छवि के हैं।
कुल 18 उम्मीदवार हैं जिनके खिलाफ महिला विरोधी आपराधिक मामले चल रहे हैं। 13 उम्मीदवारों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज है। वहीं, 44 उम्मीदवारों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला चल रहा है।
कितने अमीर हैं तमिलनाडु के नेता?
तमिलनाडु के 22 उम्मीदवार ऐसे हैं जिनकी संपत्ति 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा हैं। 415 उम्मीदवारों की संपत्ति 5 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है। वहीं, कुल 981 उम्मीदवार करोड़पति हैं। 2021 के चुनाव में कुल 652 उम्मीदवार ही करोड़पति थे। इस बार सबसे ज्यादा 170 करोड़पति उम्मीदवार डीएमके के पास हैं। AIADMK के 170 में से 160 उम्मीदवार करोड़पति हैं। बीजेपी के 33 में से 31, टीवीके के 231 में से 156 और कांग्रेस के 28 में से 27 उम्मीदवार करोड़पति हैं।
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कुल 3992 उम्मीदवारों को मिलाकर इन नेताओं के पास 20,678 करोड़ रुपये की संपत्ति है। इस तरह औसत संपत्ति 5.17 करोड़ रुपये है जबकि पिछले चुनाव में औसत संपत्ति 1.72 करोड़ रुपये ही थी।
सबसे अमीर या गरीब कौन है?
लॉटरी किंग के नाम से मशहूर सैंटियागो मार्टिन तमिलनाडु की सबसे उम्मीदवार कैंडिडेट हैं और उन्होंने 5863 करोड़ की संपत्ति घोषित की है। दूसरे नंबर पर थलपति विजय है जिनकी संपत्ति 648 करोड़ रुपये हैं। टीवीके के नेता और सैंटियागो मार्टिन के दामाद आढव अर्जुन की संपत्ति कुल 534 करोड़ है और वह तीसरे सबसे अमीर उम्मीदवार हैं।
चार नेताओं ने अपनी संपत्ति 0 घोषित की है। वहीं, निर्दलीय चुनाव लड़ रहे महेश कुमार ने अपनी कुल संपत्ति 15 रुपये घोषित की है। नेल्शन (सुलूर विधानसभा) और एस धर्मराज (पल्लादम विधानसभा) ने अपनी संपत्ति 500 रुपये घोषित की है।
कितने पढ़े-लिखे हैं उम्मीदवार?
तमिलनाडु में चुनाव लड़ रहे 95 उम्मीदवार अनपढ़ हैं और कुल 56 उम्मीदवार ऐसे हैं जो सिर्फ पढ़-लिख सकते हैं। 7 उम्मीदवार ऐसे हैं जिन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता नहीं बताई है। कुल 1822 उम्मीदवार ऐसे हैं जिन्होंने ग्रेजुएशन या उससे ज्यादा पढ़ाई की है। 1711 उम्मीदवार ऐसे हैं जो 5वीं से 12वीं तक पढ़े हैं।
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महिलाओं को किसने दिया टिकट?
चर्चित पार्टियों की बात करें तो सत्ताधारी DMK ने 11 प्रतिशत, AIADMK ने 12 प्रतिशत, बीजेपी ने 18 प्रतिशत, कांग्रेस ने 7 प्रतिशत और टीवीके ने 10 प्रतिशत टिकट ही महिलाओं को दिए हैं।