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सत्ता, शक और 'मी टू' में उलझी ताकतवर महिला की कहानी है 'Accused'

एक ताकतवर महिला पर लगे गंभीर आरोप और उसकी वजह से पार्टनर के बीच पैदा हुआ शक ही इस पूरे फिल्म का सबसे सस्पेंस है।

Accused Movie Poster, Photo Credit: Social media

एक्यूज्ड मूवी पोस्टर, Photo Credit: Social Media

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नेटफ्लिक्स पर आई फिल्म 'Accused' एक ऐसी कहानी है जो हमें सोचने पर मजबूर कर देती है। इस फिल्म को अनुभूति कश्यप ने डायरेक्ट किया है और इसमें कोंकणा सेन शर्मा और प्रतिभा रांटा ने मुख्य भूमिका निभाई है। कहानी लंदन में रहने वाली एक बहुत ही सफल डॉक्टर, गीतिका सेन की है। उनकी जिंदगी तब पूरी तरह बदल जाती है जब उनके हॉस्पिटल का ही एक कर्मचारी उन पर सेक्सुअल हैरेसमेंट का आरोप लगा देता है। यह फिल्म 27 फरवरी 2026 को रिलीज हुई है और इसका मकसद यह दिखाना है कि #MeToo जैसे गंभीर मुद्दे में जब आरोपी एक महिला हो, तो समाज और कानून का नजरिया कैसा होता है।

 

इस फिल्म का सबसे अलग पॉइंट यही है कि यहां एक आरोपी एक मर्द नहीं बल्कि एक औरत है। गीतिका एक बहुत ही प्रभावशाली डॉक्टर हैं और उनका स्वभाव काफी सख्त दिखाया गया है। फिल्म यह सवाल उठाती है कि क्या एक ऊंचे पद पर बैठी महिला अपनी पावर का गलत इस्तेमाल कर सकती है? यह नया नजरिया कहानी को काफी थ्रिलिंग बना देता है क्योंकि हम अक्सर इसका उलटा देखते आए हैं। 

 

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गीतिका की पार्टनर डॉ. मीरा (प्रतिभा रांटा) के जरिए हमें इस कहानी का सबसे इमोशनल हिस्सा देखने को मिलता है। जब पूरी दुनिया गीतिका के खिलाफ हो जाती है, तो मीरा ही उनके साथ मजबूती से खड़ी रहती है। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती है और नए-नए सच सामने आते हैं, मीरा का भरोसा डगमगाने लगता है। फिल्म ने बहुत सादगी से दिखाया है कि जब आपके सबसे करीबी इंसान पर ऐसे गंभीर आरोप लगें तो आपके मन पर क्या बीतती है।

दिल जीतने वाली एक्टिंग

कोंकणा सेन शर्मा ने एक बार फिर अपनी एक्टिंग से जादू कर दिया है। उन्होंने एक ऐसी महिला का किरदार निभाया है जो बाहर से बहुत मजबूत दिखती है, लेकिन अंदर से टूटी हुई है। वहीं 'लापता लेडीज' फेम प्रतिभा रांटा ने भी कमाल का काम किया है। उन्होंने एक ऐसी पार्टनर का दर्द बखूबी पर्दे पर उतारा है जो सच और झूठ के बीच फंस गई है। दोनों की केमिस्ट्री फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है।

 

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कहानी की पकड़ और थोड़ी सी कमी

फिल्म की शुरूआत बहुत शानदार है और आपको आखिर तक बांधे रखती है। माहौल ऐसा बनाया गया है कि आप हर पर सोचते हैं कि अब क्या होगा। हालांकि, फिल्म का क्लाइमेक्स उतना असरदार नहीं है जितनी उम्मीद थी। ऐसा लगता है कि फिल्म ले बहुत बड़ा मुद्दा तो उठाया। लेकिन उसे खत्म करने में थोड़ी जल्दबाजी कर दी। 

 

फिल्म में दिखाया गया है कि आज के समय में कोर्ट से पहले सोशल मीडिया पर फैसला हो जाता है। बिना किसी सबूत के लोग कैसे किसी को अपराधी मान लेते हैं और उसकी सालों की मेहनत मिट्टी में मिला देते हैं, यह फिल्म इस कड़वी सच्चाई को बहुत अच्छे से दिखाती है।


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