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'पठान से कह दो चौहान आ गया है', अजय देवगन की फिल्म पर क्यों मचा बवाल?

अजय देवगन की नई फिल्म 'चौहान' के एक डायलॉग पर भारी बवाल मच गया है। लोग इसे भड़काऊ बता रहे हैं और कश्मीर के सांसद सहित कई लोगों ने इस पर बड़ी आपत्ति जताई है।

Chauhaan Movie Poster

चौहान मूवी पोस्टर, Photo Credit: Social Media

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बॉलीवुड के 'सिंघम' यानी अजय देवगन अपनी नई फिल्म 'चौहान' को लेकर विवादों में आ गए हैं। जियो स्टूडियोज की इस फिल्म का टीजर जैसे ही रिलीज हुआ, सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया। फिल्म का एक डायलॉग, 'पठानों से कहना चौहान आ रहा है' आग की तरह फैल गया है। लोग इसे काफी भड़काऊ बता रहे हैं और कह रहे हैं कि इससे दो समाजों के बीच नफरत बढ़ सकती है। इस वीडियो के आते ही क्षत्रिय परिषद के अभिषेक आनंद और कश्मीर के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने फिल्म पर अपना गुस्सा निकाला है। उनका कहना है कि फिल्म मेकर्स ने अपनी कहानी में कश्मीर के सच और इतिहास के साथ छेड़छाड़ की है।

 

फिल्मों में मसालों के चक्कर में अक्सर कुछ ऐसा दिखा दिया जाता है जिस पर सवाल उठने लगते हैं। क्षत्रिय परिषद के अभिषेक आनंद ने फिल्म के डायलॉग पर सीधा सवाल उठाया है। उनका कहना है कि फिल्म 'चौहान' की कहानी कश्मीर में हुई पत्थरबाजी और पैलेट गन की घटना पर बनी लगती है लेकिन इसके डायलॉग दो समाजों को आपस में लड़ाने वाले हैं। उन्होंने पूछा कि जब कहानी कश्मीर की है तो फिल्म में पठानों का नाम क्यों लिया जा रहा है? कश्मीर में पठान नहीं रहते, वे तो अफगानिस्तान में रहते हैं।  इस डायलॉग का कोई मतलब नहीं बनता, कश्मीर में पठान रहते ही नहीं हैं और चौहानों की पठानों के साथ कोई लड़ाई भी नहीं हुई थी।

 

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कश्मीर के सांसद का गुस्सा

इस विवाद पर श्रीनगर के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने भी फिल्म बनाने वालों को गलत ठहराया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि पैलेट गन की वजह से कश्मीर के लोगों को बहुत दुख और दर्द झेलना पड़ा है। इससे हजारों लोग घायल हुए थे और कई लोगों की आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई थी। सांसद ने आरोप लगाया कि कश्मीरी लोगों के इस दुख और दर्द को फिल्मों में सिर्फ मनोरंजन के लिए बेचना बिल्कुल गलत है। बॉलीवुड को कश्मीर को सिर्फ लड़ाई-झगड़े के चश्मे से देखना बंद करना चाहिए।

 

अभिषेक आनंद ने फिल्म बनाने वालों को इतिहास की एक सच्ची कहानी याद दिलाई। उन्होंने कहा कि अगर कोई डायलॉग डालना ही था, तो राजा मानसिंह की कहानी दिखानी चाहिए थी। उन्होंने बताया कि राजा मानसिंह का झंडा 'पंचरंगा' यानी पांच रंगों का है। उन्होंने यह पांच रंगों का झंडा तब बनाया था, जब उन्होंने अफगानिस्तान के पठानों के पांच बड़े ग्रुप्स को लड़ाई में हरा दिया था। उससे पहले उनका झंडा सिर्फ एक रंग का होता था। बॉलीवुड इस तरह के असली इतिहास को कभी नहीं दिखाता।

पुरानी फिल्मों पर सवाल

क्षत्रिय परिषद ने एक बयान जारी करके फिल्म के डायरेक्टर नीरज यादव और अजय देवगन पर राजपूत नाम का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 'चौहान' एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक राजपूत वंश है। इसका इस्तेमाल फिल्मों को हिट कराने या विवाद खड़ा करने के लिए नहीं होना चाहिए। अभिषेक ने कहा कि बॉलीवुड की यह पुरानी आदत है कि वे अपनी फिल्मों को चलाने के लिए क्षत्रिय और राजपूतों के नाम का इस्तेमाल कर लेते हैं लेकिन कहानी में गलत बातें दिखा देते हैं। उन्होंने अजय देवगन की फिल्म 'तान्हाजी' और ऋतिक रोशन की फिल्म 'जोधा-अकबर' का नाम लिया और कहा कि इन फिल्मों में भी इतिहास को गलत तरीके से दिखाया गया था।

 

अभिषेक आनंद ने सवाल उठाया कि बॉलीवुड के डायरेक्टर कभी बाबू कुंवर सिंह और धरमन बाई जैसे महान लोगों पर फिल्म क्यों नहीं बनाते? उन्होंने बताया कि धरमन बाई मुस्लिम समाज से थीं और बिहार की रहने वाली एक सिंगर थीं। उन्होंने 1857 की आजादी की लड़ाई के सबसे बड़े हीरो बाबू कुंवर सिंह के साथ मिलकर अंग्रेजों के खिलाफ जंग लड़ी थी।

 

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फिल्म का टीजर आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स के बीच एक नई बहस छिड़ गई है और लोग दो गुटों में बंट गए हैं। एक तरफ जहां अजय देवगन के फैंस उनके इस धांसू और एंग्री लुक की तारीफ कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ आम लोग और कई कश्मीरी यूजर्स इस डायलॉग और कहानी पर सख्त नाराजगी जता रहे हैं।


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