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रणवीर सिंह पर FWICE ने लगाया बैन, Don 3 छोड़ना पड़ा भारी, फरहान ने की थी शिकायत

रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच में 'डॉन 3' को लेकर विवाद चल रहा था। अब इस मामले पर फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्पलॉइज (FWICE) ने अपना फैसला सुनाया है।

farhan and Ranveer singh

रणवीर सिंह और फरहान अख्तर, Photo Credit: Social Media

बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह फिल्म 'डॉन 3' को लेकर विवादों में हैं। इस फिल्म से उन्होंने एक दम से किनारा कर लिया था। फिल्म के निर्देशक फरहान अख्तर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्पलॉइज (FWICE) से शिकायत की। अब FWICE ने रणवीर सिंह पर बैन लगा दिया है। साथ ही उनके खिलाफ कुछ सख्त फैसले भी सुनाए हैं। आइए इस पूरे विवाद के बारे में जानते हैं।

 

FWICE ने अपने बयान में रणवीर के खिलाफ स्टेटमेंट जारी किया है। इस स्टेटमेंट के अनुसार रणवीर पर नॉन-कॉपरेशन का आरोप लगाया गया है। FWICE से जुड़े 32 अलग-अलग क्राफ्ट्स के सदस्य अब रणवीर के साथ काम नहीं करेंगे। अभी से नॉन कॉपरेटिव डायरेक्टरी इश्यू जारी कर रहे हैं। FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने बताया कि 11 अप्रैल को फरहान अख्तर ने शिकायत दर्ज करवाई थी। 

 

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फरहान को हुआ 45 करोड़ का नुकसान

अशोक पंडित ने बताया, 'उन्होंने एक्सेल एंटरटेनमेंट के मालिक फरहान अख्तर और उनके पार्टनर रितेश सिधवानी को न्योता भेजा था। रितेश खुद मिलने आए थे और फरहान उस समय लंदन में थे तो उन्होंने जूम से मीटिंग ज्वाइन की थी। उन्होंने 2 घंटे में अपनी पूरी कहानी सुनाई। साथ ही प्री प्रोडक्शन से जुड़े पूरे खर्च की जानकारी दी जिसमें 200 लोगों के होटल बुकिंग, लोकेशन बुकिंग और ओवरसीज बुकिंग का खर्च शामिल था। सब कुछ पेपर में मौजूद है।'

 

 

 

फिल्म के प्री प्रोडक्शन का खर्च करीब 45 करोड़ रुपये था। रणवीर ने एक्सेल एंटरटेनमेंट के साथ 3 फिल्में साइन की थी। फिल्म का प्रोमो शूट हो गया था। इस दौरान फिल्म का पूरा क्रू मौजूद था। जब शूटिंग शुरू होने में 3 हफ्ते बाकी थे तब रणवीर ने फिल्म में काम करने से मना कर दिया।

 

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रणवीर ने नहीं दी कोई सफाई


FWICE ने रणवीर सिंह को भी अपना पक्ष सुनाने के लिए न्योता भेजा था। उन्हें हर 10 दिन पर 3 रिमांइडर भेजे गए थे लेकिन उनका कोई जवाब नहीं आया। 23 मई को उनके सेक्रेटरी ने मेल का जवाब देते हुए कि इस मामले में FWICE का कोई अधिकार नहीं है इसलिए वे उनकी उपस्थिति की मांग नहीं कर सकते हैं। 

 


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