बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर अपने बयानों की वजह से एक बार फिर सुर्खियों में आ गई हैं। उन्होंने हाल ही में पद्मावत फिल्म के एक सीन को लेकर बयान दिया था, जिसको लेकर स्वरा को लोगों ने खूब ट्रोल किया। उसी बयान को लेकर स्वरा ने बताया कि उन्होंने रानी पद्मावती को लेकर कोई बयान नहीं दिया था, बल्कि पद्मावत फिल्म में दिखाए जाने वाले जौहर सीन पर आपत्ति जताई थी। इसके साथ ही स्वरा ने बताया कि उन्होंने रानी पद्मावती को कायर नहीं कहा था। स्वरा भास्कर ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि उन्होंने रानी पद्मावती या जौहर करने वाली महिलाओं को कायर नहीं कहा।
स्वरा 31 अगस्त को दिल्ली के एक इवेंट में गई थीं, जहां महिला, जीवन और स्वतंत्रता पर बात की गई थी। उसी दौरान एक पत्रकार ने उनसे पूछा था कि स्वरा ने संजय लीला भंसाली को लेटर क्यों भेजा था। इसी सवाल के जवाब पर विवाद खड़ा हो गया और लोगों ने स्वरा को ट्रोल किया। इसके बाद स्वरा ने एक वीडियो पोस्ट किया और बताया कि उनकी बातों का सही मतलब क्या था।
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आरोप को किया खारिज
पद्मावत फिल्म को लेकर विवादित बयान देने के बाद स्वरा ने सफाई देते हुए कहा, 'आज सुबह से मेरा एक क्लिप वायरल हो रहा है। कल एक इवेंट में मुझसे पूछा गया था कि मैंने संजय लीला भंसाली को ओपन लेटर क्यों भेजा था। इसका जवाब देते हुए जब मैं समझा रही थी कि मेरी दिक्कत क्या थी, तब मैंने जो कहा, उसका अब गलत तरीके से अनुवाद किया जा रहा है। झूठ फैलाया जा रहा है कि मैंने यह कहा था कि पद्मावती ने जो जौहर किया था, वह कायरता थी। मैं कहना चाहती हूं कि मैंने ऐसा कतई नहीं कहा था कि रानी पद्मावती कायर थीं या वे बाकी महिलाएं कायर थीं जिन्होंने जौहर किया था।'
इसके बाद स्वरा ने कहा, 'मैंने जो इंग्लिश में कहा था, उसका अनुवाद मैं खुद करके बता देती हूं। जब भाषा समझ नहीं आती है, तब पूछ लेना चाहिए। मनगढ़ंत कहानी बनाकर लोगों को उत्तेजित नहीं करना चाहिए। जो लोग मुझे गालियां देना चाहते हैं, दीजिए लेकिन सही चीज पर दीजिए।'
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स्वरा ने दी सफाई
स्वरा ने अपने बयानों को लेकर सफाई देते हुए कहा, 'मैंने कहा था कि जब मैं फिल्म का क्लाइमेक्स देख रही थी, तो मुझे लगा कि भगवान न करे अगर मैं एक रेप पीड़िता होती, तो मैं कायर महसूस करती कि मैंने अपनी जान नहीं ली। यानी मैं यह महसूस करती कि मैं बलात्कार के बाद जिंदा बच गई तो मैं कायर हूं। हमारा समाज एक ऐसा समाज है, जहां रेप एक महामारी की तरह फैला हुआ है। हम एक रेप कल्चर के बीच में रहते हैं।'
इसके बाद स्वरा ने कहा, 'दिल्ली में कल ही एक रेप हुआ है, जहां गाड़ी में एक बच्ची के साथ 46 किलोमीटर तक रेप हुआ। यह हमारे देश की असलियत है। तो ऐसे में क्या हमें ऐसी फिल्म बनानी चाहिए कि एक औरत की शारीरिक पवित्रता उसकी जिंदगी से ज्यादा मूल्यवान है? क्या हमें रेप पीड़िता को ऐसा संदेश देना चाहिए कि तुम जान दे देतीं तो बेहतर होता और तुम जिंदा बच गईं तो यह बुरी बात है? क्या एक महिला की जिंदगी रेप के साथ खत्म हो जानी चाहिए? मेरा सवाल यह है। यह कभी मत भूलना कि वह जांबाज लड़की निर्भया मरते दम तक छह बलात्कारियों के साथ लड़ी। उसमें जीने की ऐसी लालसा थी। इसलिए कभी भी महिलाओं की जीने की इच्छा और लालसा को कम मत समझिएगा।'