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लौट आने की उम्मीद, किस हाल में हैं नेपाल बाढ़ में लापता हुए लोगों के परिवार?

नेपाल के भीषण बाढ़ में अपनों के वापस लौट आने की आस लगाए बैठे परिजनों का दर्द किसी से छिपा नहीं है। लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए अपनों की  तलाश में जुटे हैं। किसी ने भी उम्मीद नहीं छोड़ी है। 

Nepal Flood 2026,

नेपाल बाढ़, Photo Credit-ANI

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नेपाल में बुधवार 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ ने कई जिंदगियां तबाह कर दीं। आंकड़ों के मुताबिक, अब तक इस आपदा में कम से कम 586 लोगों की मौत हो चुकी है। करीब 2,478 लोग लापता बताए जा रहे हैं। कई लापता लोगों के परिवार वालों को अब तक नहीं पता चल पाया है कि उनके अपने कहां हैं, किस हाल में हैं। सभी को उम्मीद है कि वो लौट आएंगे।  

 

इस भीषण आपदा में अपनों के वापस लौट आने की आस लगाए बैठे परिजनों का दर्द किसी से छिपा नहीं है। लोग कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए अपनों की  तलाश में जुटे हैं। किसी ने भी उम्मीद नहीं छोड़ी है। 

 

यह भी पढ़ें: नेपाल में झील फटने के बाद बिहार अलर्ट, कोसी और गंडक का बढ़ रहा जलस्तर

भाविन रावल का परिवार 

कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गए भाविन रावल के परिवार ने उनके जन्मदिन पर पार्टी प्लान की थी, लेकिन एक दिन पहले ही वे नेपाल में लापता हो गए। घटना से 2 दिन पहले उनके दोनों भाइयों की फोन पर बात हुई थी और उन्होंने खाने-पीने और मानसरोवर यात्रा के बारे में चर्चा की थी। परिवार वालों का कहना है कि अभी कोई जानकारी नहीं है। वे दुखी हैं लेकिन उन्हें अभी भी उम्मीद है कि उनके भाई सुरक्षित बच गए होंगे।

सुभ्राश्री चक्रवर्ती का परिवार

ऐसा ही एक परिवार है सुदीप्तो भट्टाचार्य का, सुदीप्तो को अपनी पत्नी सुभ्राश्री चक्रवर्ती का आखिरी मैसेज बुधवार सुबह 7:57 बजे मिला था, जिसमें उन्होंने लिखा था। सुबह 08:03 बजे उनके मैसेज आने अचानक बंद हो गए। 43 वर्षीय सुभ्राश्री, जो कई सालों से भगवान शिव के पवित्र निवास कैलाश पर्वत जाने का सपना देख रही थीं, 30 लोगों के एक समूह के साथ यात्रा कर रही थीं, जिसमें उनके परिवार का कोई और सदस्य साथ नहीं था। सुदीप्तो को यह जानने का कोई रास्ता नहीं मिल पा रहा कि आखिरी मैसेज के बाद आखिर क्या हुआ।  

शर्मिष्ठा भौमिक रॉय का परिवार

लापता लोगों में पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय की बहू और बिजपुर के पूर्व विधायक सुभ्रांशु रॉय की पत्नी शर्मिष्ठा भौमिक रॉय भी शामिल हैं। शर्मिष्ठा की आखिरी बार मंगलवार रात परिवार से बातचीत हुई थी, जब वह नेपाल के एक दूर-दराज के गांव में थीं। इसके बाद बुधवार से उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। शर्मिष्ठा को आगामी 7 सितंबर को वापस लौटना था। परिवार को अब भी उम्मीद है कि राहत और बचाव अभियान के दौरान उनकी कोई जानकारी मिल सकेगी। 

नटराजन का परिवार

चेन्नई में रहने वाले नटराजन अपने दो भाइयों और उनकी पत्नियों के बारे में कोई जानकारी न मिलने से बेहद परेशान हैं। उन्होंने बताया वे कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे। नटराजन कहते हैं, हमें न तो उनसे और न ही दूतावासों से कोई जानकारी मिली है। यह उनके परिवार के लिए सपनों का सफर था, जिसकी उन्होंने एक महीने से ज्यादा समय तक योजना बनाई थी।  

जब तक तलाश जारी, उम्मीद जिंदा है

इस भीषण बाढ़ से प्रभावित ऐसे सैकड़ों परिवार हैं जो अपनों की कोई खबर न मिलने से हर पल गुजार रहे हैं। नेपाल की इस विनाशकारी बाढ़ ने हजारों घरों में बिखेर दिया है। हर परिवार की आंखें अब भी उस एक फोन कॉल, एक मैसेज या एक खबर का इंतजार कर रही हैं, जो उन्हें बता सके कि उनके अपने सुरक्षित हैं। जब तक तलाश जारी है, तब तक उम्मीद भी जिंदा है।

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