नेपाल में इस समय दोबारा बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। इसी खतरे को देखते हुए बिहार का प्रशासन एक्टिव मोड में आ गया है। नेपाल बॉर्डर के आसपास के इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। सरकार ने बिहार के वाल्मीकिनगर से लेकर कोसी बराज तक हाई अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही जल संसाधन विभाग सारण तटबंध के साथ अन्य तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी रख रहा है, ताकि आपदा आने से पहले लोगों को बचाया जा सके।
नेपाल में बाढ़ आने के बाद वीरपुर में सतर्कता बढ़ा दी गई है। जल संसाधन विभाग के मुताबिक, बिहार के पूर्वी और पश्चिमी तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं। जानकारी के लिए बता दें कि शुक्रवार यानी 28 अगस्त को कोसी बराज से डिस्चार्ज में कई बार पानी के उतार-चढ़ाव को मापा गया।
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कोसी बराज में बढ़ी निगरानी
26 अगस्त को भयंकर बाढ़ आई थी, जिसने नेपाल के कई इलाकों में तबाही मचा दी थी। उसके बाद तिब्बत में दोबारा झील फट गई, जिससे नेपाल में बाढ़ आने की संभावना बढ़ गई। इसी वजह से जल संसाधन विभाग ने कोसी बराज में जलस्तर की निगरानी रखने का आदेश दिया था।
कोसी बराज के जलस्तर की हर घंटे निगरानी रखी गई, जहां शुक्रवार की सुबह आठ बजे घटते क्रम में 1,42,360 क्यूसेक पानी देखा गया। इसी दौरान बराह क्षेत्र में जलस्तर 90,800 क्यूसेक दर्ज किया गया। यही पानी का स्तर दोपहर 12 बजे तक घटता नजर आया, जो कोसी बराज के डिस्चार्ज में 1,34,225 क्यूसेक था। इसके अलावा बराह में पानी का स्तर बढ़कर 99,500 क्यूसेक हो गया। शाम के समय कोसी बराज के डिस्चार्ज में पानी का स्तर बढ़ गया। शाम छह बजे तक कोसी बराज का डिस्चार्ज बढ़कर 1,44,775 क्यूसेक हो गया। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने हाई अलर्ट जारी कर दिया।
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इसके बाद आज भी जल संसाधन विभाग गंडक नदी के डिस्चार्ज को हर आधे घंटे में देख रहा है। साथ ही नदियों के आसपास के क्षेत्रों के जिलाधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन आपदा की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
बिहार में बाढ़ का खतरा
नेपाल में बाढ़ के खतरे को देखते हुए बिहार के वाल्मीकिनगर से लेकर कोसी तक हाई अलर्ट जारी किया गया है। इसके तहत जल संसाधन विभाग ने पुलिस को बाढ़ प्रभावित इलाकों में भेज दिया है। साथ ही गंडक नदी के डिस्चार्ज की स्थिति हर आधे घंटे में देखी जा रही है।
बिहार में कई नदियां हैं, जो नेपाल की पहाड़ियों से आती हैं। गंडक समेत दो दर्जन से अधिक नदियां नेपाल के पहाड़ों से बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में आती हैं। ऐसे में इन इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। इससे पहले 26 अगस्त को नेपाल में बाढ़ आई थी, जिससे गंडक नदी में पानी का स्तर बढ़ गया था। इसके बाद जल संसाधन विभाग ने गंडक के 36 गेट खोल दिए थे।