पाकिस्तान इस वक्त गृहयुद्ध जैसी स्थिति से गुजर रहा है। पिछले कुछ समय से बलूच लिबरेशन आर्मी के लड़ाके और पाकिस्तान सरकार आमने-सामने है। पाकिस्तानी सरकार ने पिछले दिनों बीएओ के लड़ाकों को आतंकी बताकर गिरफ्तार कर लिया था। इसके विरोध में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने कुछ सैनिकों को किडनैप कर लिया, ताकि अपने साथियों को जेल से वे रिहा करा सकें। हालांकि, पाकिस्तान सरकार का कहना है कि उनके सैनिक बीएलए के कब्जे में नहीं हैं।
बीएलए ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में पाकिस्तानी सेना के 8 सैनिकों को दिखाया गया है। ये सैनिक अपने अपने आईडी कार्ड दिखाकर यह दावा कर रहे हैं कि वे पाकिस्तानी सेना के जवान हैं और उन्हें रिहा कराया जाए। बीएलए ने पाकिस्तानी सरकार के सामने शर्त रखी है कि 22 फरवरी तक उनके बलूच साथियों को जेल से रिहा किया जाए, वरना इन सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया जाएगा।
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वीडियो में क्या दिखाया गया?
इस वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि रेतीली जमीन पर कुछ लोग घुटनों के बल बैठे हुए हैं। उनके पीछे बंदूक लिए कुछ लोग खड़े हैं। जमीन पर बैठे लोग पाकिस्तानी सैनिक बताए जा रहे हैं। वीडियो में एक-एक सैनिक अपना आईडी कार्ड दिखाकर यह दावा कर रहा है कि वह पाकिस्तानी सेना जवान है।
वीडियो में एक सैनिक भावुक होकर कहता है, 'मैं पाकिस्तान के लिए लड़ता रहा हूं, और आज पाकिस्तानी सेना मुझे अपना नहीं मान रही है।' उसने पाकिस्तानी सेना से सवाल किया कि सेना यह कैसे नकार सकती है कि वे उसके जवान हैं। यह बात कहते-कहते जवान रोने लगता है और पूछता है कि 'सेना यह कैसे कह सकती है कि हम उसके जवान नहीं हैं?'
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बलूच आर्मी के कब्जे में मौजूद सैनिकों ने इस वीडियो के जरिए पाकिस्तान सरकार से गुहार लगाई है कि वह बीएलए की शर्तों को मान ले, ताकि उनकी जान बच सके। फिलहाल पाकिस्तान सेना और सरकार की ओर से इस वीडियो पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।