पाकिस्तान का खैबर पख्तूनख्वा प्रांत एक बार फिर हिंसक घटनाओं से कांप उठा है। पिछले 24 घंटों के भीतर हुए दो बड़े बम धमाकों और पुलिस-आतंकी मुठभेड़ में कम से कम 14 सुरक्षाकर्मियों और एक मासूम बच्ची समेत 3 नागरिकों की जान चली गई है। कुल 17 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इन हमलों ने न केवल पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है, बल्कि वहां काम कर रहे विदेशी नागरिकों की सुरक्षा पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे दर्दनाक घटना बाजौर जिले में हुई। यहां आतंकियों ने बारूद से लदी एक गाड़ी को सुरक्षा चेकपोस्ट के पास स्थित एक धार्मिक कॉलेज की दीवार से टकरा दी। यह आत्मघाती धमाका इतना शक्तिशाली था कि चेकपोस्ट के परखच्चे उड़ गए और पास की रिहायशी इमारतों को भी भारी नुकसान पहुंचा। एपी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हमले में 11 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए, जबकि एक मासूम लड़की की भी मलबे में दबकर मौत हो गई। सात अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
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बन्नू शहर में भी हुआ हमला
आतंकियों ने हमले का एक और भयावह तरीका अपनाया। बन्नू शहर के मिरयान पुलिस स्टेशन के बाहर एक खड़े रिक्शे में जोरदार धमाका हुआ। पुलिस के मुताबिक, रिक्शे में आईईडी (IED) प्लांट किया गया था। इस विस्फोट में दो आम नागरिकों की मौके पर ही मौत हो गई और 17 अन्य लोग घायल हो गए, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है।
चीनी नागरिकों के दुश्मनों का खात्मा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शांगला जिले में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच सीधी मुठभेड़ हुई। सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकवादियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने तीन कुख्यात आतंकवादियों को मार गिराया। हालांकि, इस झड़प में तीन पुलिसकर्मी भी शहीद हो गए। मारे गए आतंकवादी पहले भी चीनी नागरिकों और पाकिस्तान में इन्वेस्टमेंट प्रोजेक्ट्स को निशाना बनाकर किए गए हमलों में शामिल थे।
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पाकिस्तान में चीन के अरबों डॉलर के प्रोजेक्ट्स और वहां काम कर रहे चीनी इंजीनियरों पर लगातार हो रहे हमलों ने बीजिंग में चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि पूरे खैबर पख्तूनख्वा प्रांत को हाई अलर्ट पर रखा गया है और सेना ने एक बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया है।