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डोनाल्ड ट्रंप के विरोधी, ब्राजील में फिर राष्ट्रपति चुनाव जीते लूला डा सिल्वा

ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने राष्ट्रपति चुनाव फिर जीत लिया है। उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर (रनऑफ) में फ्लावियो बोल्सोनारो को हराकर यह जीत हासिल की है।

Luiz Inacio Lula da Silva, लूला डा सिल्वा

लुइज़ इंसियो लूला दा सिल्वा, Photo Credit-ANI

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ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने राष्ट्रपति चुनाव फिर जीत लिया है। उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर (रनऑफ) में रूढ़िवादी प्रतिद्वंद्वी फ्लावियो बोल्सोनारो को हराकर यह जीत हासिल की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 78 फीसदी से अधिक वोटों की गिनती के बाद लूला डा सिल्वा 51.21 फीसदी वोटों के साथ आगे चल रहे थे, जबकि बोल्सोनारो को 48.79 फीसदी वोट मिले। 

 

पहले दौर में लूला डा सिल्वा  पिछड़ गए थे लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी की। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 99.89 प्रतिशत वोटों की गिनती पूरी होने पर लूला डा सिल्वा को कुल वैध वोटों का 51.78 प्रतिशत हिस्सा मिला। वहीं, लिबरल पार्टी से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार और ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे फ्लेवियो बोल्सोनारो को 48.23 प्रतिशत वोट मिले। 

 

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चौथी बार बनेंगे राष्ट्रपति, ट्रंप के लिए मुश्किल

चुनाव जीत चुके  लूला डा सिल्वा 5 जनवरी 2027 को 4 साल के कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। यह चौथी बार होगा जब लूला डा सिल्वा ब्राजील के राष्ट्रपति बनेंगे। उनकी इस जीत ने लैटिन अमेरिका में उस दक्षिणपंथी झुकाव को रोका है, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन हासिल था। लूला 2027 से 2030 तक शासन करेंगे। उनके सामने एक ऐसी कांग्रेस (संसद) होगी, जिसमें बोल्सोनारो की लिबरल पार्टी के पास दशकों में सबसे ज्यादा सीटें हैं। 

लूला डा सिल्वा ने क्या कहा?

रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लूला डा सिल्वा ने एक पोस्ट कर लिखा, 'एक बार फिर, ब्राजील की जनता ने मुझे दिखाया कि जब हम साथ मिलकर चलते हैं, तो कोई भी सपना बहुत बड़ा नहीं होता। हमने इन दिनों खूब मेहनत की। हर कदम, हर काम और हर मार्च, केवल चुनाव प्रचार के पल नहीं थे। ये सपनों के साक्षात होने का प्रमाण थे, जो ठोस उपलब्धियों में बदल गए, जैसे सप्ताह में 6 दिन काम का अंत। लोगों के आगे बढ़े हाथ और उनकी मुस्कान ने मुझे याद दिलाया कि मैंने अपना जीवन इस देश के मजदूरों की लड़ाई के लिए क्यों समर्पित किया है।' 

लूला डा सिल्वा ने आगे कहा कि हम इस सफर से और अधिक मजबूत, एकजुट और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के लिए तैयार होकर निकले हैं। ब्राजील गले लगाने, हर आंसू, हर मुस्कान और मेरा हाथ कभी न छोड़ने के लिए आपका धन्यवाद। हमारी कहानी के अभी कई खूबसूरत पन्ने लिखे जाने बाकी हैं।


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