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ट्रंप ने लीक कर दी मैक्रों की चैट; ग्रीनलैंड-ईरान के बारे में थी टॉप सीक्रेट बात

डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा, ग्रीनलैंड और वेनेजुएला को अपने देश का हिस्सा दिखाते हुए मैप जारी किया था अब इसके बाद उन्होंने मैक्रों की चैट लीक कर दी है।

Emannuel macron and donald trump : Photo Credit: PTI

इमैनुएल मैक्रों और डोनाल्ड ट्रंप Photo Credit: PTI

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ट्रंप ने फ्रांस के साथ बढ़ते विवाद में एक कदम और आगे बढ़ाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का एक कथित निजी मैसेज शेयर किया है। यह मैसेज ग्रीनलैंड पर ट्रंप की मांग के बीच आया है, जहां ट्रंप ग्रीनलैंड, अमेरिका को दिए जाने की मांग कर रहे हैं।

 

ट्रंप ने जो टेक्स्ट मैसेज शेयर किया, उसमें मैक्रों ने लिखा है: 'मेरे दोस्त, हम सीरिया पर पूरी तरह सहमत हैं। ईरान पर हम बहुत अच्छा काम कर सकते हैं। लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा कि आप ग्रीनलैंड पर क्या कर रहे हैं।' मैक्रों ने आगे डावोस सम्मेलन के बाद पेरिस में G7 की बैठक और डिनर का प्रस्ताव भी दिया था। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर यह मैसेज शेयर किया है।

 

यह भी पढ़ेंः ग्रीनलैंड-वेनेजुएला-कनाडा को बनाया अमेरिका का हिस्सा! ट्रंप ने जारी किया नया मैप

टैरिफ की धमकी

यह घटना तब हुई जब ट्रंप ने फ्रांस पर नए टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी। ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि अगर मैक्रों उनका साथ नहीं देंगे, तो वे फ्रेंच वाइन और शैंपेन पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगा देंगे। ट्रंप ने कहा, 'क्या उसने ऐसा कहा? कोई उसे चाहता नहीं क्योंकि वह जल्द ही पद छोड़ देगा। अगर वे दुश्मनी दिखाएंगे, तो मैं उसके वाइन और शैंपेन पर 200% टैरिफ लगा दूंगा, और वह शामिल हो जाएगा।'

ग्रीनलैंड पर विवाद क्यों?

ट्रंप प्रशासन का कहना है कि ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करना जरूरी है, क्योंकि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी और रूस-चीन से खतरे से बचा जा सकेगा। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि भविष्य के खतरे से बचाने के लिए अब ही ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनाना चाहिए।

 

इस पर फ्रांस की विदेश मंत्रालय ने एक्स पर तीखा जवाब दिया। उन्होंने व्यंग्य करते हुए लिखा: 'अगर कभी आग लगेगी तो फायरफाइटर्स आएंगे, तो क्या घर को अभी जला देना चाहिए। अगर कभी एक्सीडेंट होगा तो नुकसान होगा, तो बेहतर है कार को अभी टक्कर मार दें।' यह मैसेज ट्रंप की सोच पर सीधा कटाक्ष था।

 

फ्रांस और अन्य यूरोपीय देश ट्रंप की ग्रीनलैंड वाली मांग का विरोध कर रहे हैं। वे इसे गलत मानते हैं। NATO देशों ने ग्रीनलैंड में सैन्य अभ्यास भी बढ़ा दिए हैं।

'बोर्ड ऑफ पीस' पर फ्रांस का इनकार

ट्रंप ने गाजा में युद्धविराम के बाद चीजें वापस पटरी पर लाने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय 'बोर्ड ऑफ पीस' बनाने का प्रस्ताव दिया है। ट्रंप खुद इसके चेयरमैन होंगे। लेकिन फ्रांस ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया। मैक्रों के ऑफिस ने कहा कि इस बोर्ड का चार्टर संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों के अनुसार नहीं है और UN की संरचना पर सवाल उठाता है। फ्रेंच विदेश मंत्री जीन-नोएल बारोट ने कहा कि यह बोर्ड UN चार्टर से बहुत दूर है।

 

यह भी पढ़ेंः 'शांति नहीं सिर्फ अमेरिका के बारे सोचूंगा', नोबेल न मिलने पर बोले ट्रंप

 

ट्रंप ने मैक्रों के इनकार पर कहा कि 'कोई उन्हें चाहता नहीं' और टैरिफ की धमकी दी। यह सब डावोस विश्व आर्थिक मंच से पहले हो रहा है, जहां ट्रंप जा रहे हैं। यूरोप और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है, खासकर ग्रीनलैंड और व्यापार को लेकर। हालांकि, फ्रांस समेत यूरोपीय देश ट्रंप की धमकियों के खिलाफ एकजुट दिख रहे हैं।


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